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भूकंप प्रभावित नेपाल में राष्ट्रीय सरकार गठन की हो सकती है संभावना : नेपाली मंत्री

Updated at : 18 May 2015 7:08 PM (IST)
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भूकंप प्रभावित नेपाल में राष्ट्रीय सरकार गठन की हो सकती है संभावना : नेपाली मंत्री

काठमांडू : नेपाल में आये विनाशकारी भूकंप से तबाही के बाद लोग इस सदमे में उबरने की कोशिश कर रहे है. इसी कड़ी में मतभेदों को दरकिनार करते हुए नेपाल के राजनीतिक दलों ने इतिहास के सबसे विनाशकारी भूकंप से पीडित देश में एक राष्ट्रीय सरकार गठित करने की इच्छा जतायी है. एक के बाद […]

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काठमांडू : नेपाल में आये विनाशकारी भूकंप से तबाही के बाद लोग इस सदमे में उबरने की कोशिश कर रहे है. इसी कड़ी में मतभेदों को दरकिनार करते हुए नेपाल के राजनीतिक दलों ने इतिहास के सबसे विनाशकारी भूकंप से पीडित देश में एक राष्ट्रीय सरकार गठित करने की इच्छा जतायी है. एक के बाद एक आ रहे भूकंप के झटकों ने देश में अब तक करीब नौ हजार जिंदगियों को लील लिया है. प्रधानमंत्री सुशील कोइराला अन्य राजनीतिक दलों को साथ लेकर मौजूदा सरकार को राष्ट्रीय सरकार में तब्दील करने को राजी हैं. सूचना और प्रसारण मंत्री मिनेन्द्र रिजाल ने आज संवाददाताओं को यह जानकारी दी.

सरकारी प्रवक्ता का भी पदभार संभाल रहे रिजाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मौजूदा सरकार के गठन के समय से ही राष्ट्रीय सरकार के गठन के लिए सकारात्मक रुख अपनाए हुए थे ताकि लोकतांत्रिक गणतंत्र को संस्थागत रुप दिया जा सके. उन्होंने कहा, यह अच्छी बात है कि विपदा के बाद अन्य राजनीतिक दलों ने भी राष्ट्रीय सरकार के गठन में रुचि दिखाई है. उन्होंने साथ ही कहा कि कोइराला राष्ट्रीय सरकार की अगुवाई करने को तैयार हैं. हालांकि कोइराला ने पिछले वर्ष फरवरी में पदभार संभाला था लेकिन संविधान का मसौदा तैयार करने की दिशा में कोई अधिक प्रगति नहीं हुई है. प्रशासन के प्रारुप , मतदान प्रणाली, संघीय ढांचे और न्यायिक प्रणाली जैसे विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक दल बहुत अधिक बंटे रहे हैं. रिजाल ने कहा कि यह शंकाएं जताने और सरकार की गतिविधियों पर नकारात्मक टिप्पणियां करने का समय नहीं है बल्कि यह भूकंप में जिंदा बचे लोगों की मदद के लिए एकजुट होने का समय है.
25 अप्रैल को आए विनाशकारी भूकंप और 12 मई को दूसरे बडे भूकंप सहित 240 से अधिक भूकंप बाद के झटकों में मरने वालों की संख्या नौ हजार के करीब पहुंच चुकी है. नेपाल के इतिहास में इसे अब तक का सर्वाधिक भीषण भूकंप माना जा रहा है जिसमें 1934 में आए भूकंप से अधिक जानें जा चुकी हैं.
गृह मंत्रालय के अनुसार, भूकंप में मारे गए 8,544 लोगों के शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है तथा 6,269 घायलों का उपचार चल रहा है. भूकंप के मद्देनजर सरकार ने मध्य जुलाई तक दो मंजिल से अधिक ऊंचे मकान बनाने पर रोक लगा दी है. मंत्रालय ने इसी अवधि के दौरान नए मकानों के डिजाइन को मंजूरी देने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. नेपाल के कांतिपुर डाट कॉम ने यह खबर दी है. सरकार आपदा के बाद के हालात में अधिक सहायता की दरकार के साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करेगी.
स्वास्थ्य और जनसंख्या मामलों के मंत्री राज अधिकारी ने हिमालयन टाइम्स को बताया कि नेपाल देश के हालात के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करेगा. अधिकारी 18 से 26 मई के बीच जिनीवा में होने वाली 68 वीं विश्व स्वास्थ्य सभा में भाग लेने वाले नेपाली प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करेंगे. अधिकारी ने बताया कि नेपाल सरकार को स्वास्थ्य संस्थानों के भवनों की मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए चार अरब रुपये से अधिक की सहायता की तत्काल जरुरत है.
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