भारत-अमेरिका आतंक के खात्मे को लेकर प्रतिबद्ध

Updated at : 27 Jun 2014 11:43 AM (IST)
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भारत-अमेरिका आतंक के खात्मे को लेकर प्रतिबद्ध

वाशिंगटन : भारत और अमेरिका आतंकवाद को लेकर काफी गंभीर है. दोनों देश इसके खात्मे को लेकर प्रतिबद्ध हैं. पाकिस्तान जनित आतंकवाद से भारत सालो भर परेशान रहता है. आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान को सबूत देने के वावजूद उसकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं किये जाने से भारत चिंति‍त है. वहीं अमेरिका के एक वरिष्ठ […]

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वाशिंगटन : भारत और अमेरिका आतंकवाद को लेकर काफी गंभीर है. दोनों देश इसके खात्मे को लेकर प्रतिबद्ध हैं. पाकिस्तान जनित आतंकवाद से भारत सालो भर परेशान रहता है. आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान को सबूत देने के वावजूद उसकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं किये जाने से भारत चिंति‍त है. वहीं अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले के लिए एक बार फिर लश्कर-ए-तैयबा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि अफगानिस्तान के हेरात में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले के लिए जिम्मेदार आतंकियों सहित अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के नेटवर्क का पता लगाने और उसे खत्म करने के लिए भारत और अमेरिका साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

अमेरिका द्वारा सार्वजनिक तौर पर हेरात में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले के लिए लश्कर-ए-तैय्यबा को जिम्मेदार ठहराने के एक दिन बाद वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हेरात में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले के जिम्मेदार लोगों सहित अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के नेटवर्क का पता लगाने के लिए और उसे खत्म के लिए हम साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे.’’

नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर अधिकारी ने कहा, ‘‘भारत आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक मजबूत और सक्रिय साझेदार है और हम आतंकवाद के मुकाबले के लिए भारत के साथ सूचनाएं साझा करना जारी रखेंगे.’’अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा और इसके सहयोगी संगठनों को बुधवार को फिर से आतंकी सूची में डाला और इसके दो नेताओं पर प्रतिबंध लगा दिया. अधिकारी ने कहा, ‘‘हालांकि हम आतंकी सूची में डालने से संबंधित विशेष चर्चाओं पर सार्वजनिक रुप से टिप्पणी नहीं कर सकते हैं, मैं इतना कह सकता हूं कि आतंकी सूची में डालने से पहले काफी विमर्श किया गया. इसमें एजेंसियों के भीतर, विभिन्न एजेंसियों के बीच और अंतरराष्ट्रीय साङोदारों के साथ विमर्श शामिल है.’’

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मैरी हर्फ ने कहा, ‘‘हम लश्कर-ए-तैयबा के खतरे के बारे में बहुत स्पष्ट हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जाहिर है हमने लश्कर-ए-तैयबा से जुडी अपनी चिंताओं के बारे में :पाकिस्तान को: स्पष्ट कर दिया है. इसलिए हम उसे अपनी सूची में रखते हैं.’’ एक सवाल के जवाब में हर्फ ने कहा कि आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ बहुत निकटता से काम किया है.उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ पाकिस्तान के लिए खतरा पैदा नहीं करता है. यह अफगानिस्तान और भारत के लिए भी खतरा है और पूर्व में अमेरिका के लिए खतरा रह चुका है.’’

हर्फ ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में चल रहे मौजूदा अभियान पूरी तरह से पाकिस्तान के नेतृत्व और क्रियान्वयन वाले अभियान हैं. जाहिर तौर पर, हमने लंबे समय तक उनके देश में सरकार के दखल को विस्तार देने के लिए और आंतरिक स्थिरता एवं सुरक्षा बढाने के प्रयासों में सहयोग किया है. लेकिन एक बार फिर मौजूदा अभियान पूरी तरह से पाकिस्तान के नेतृत्व वाला अभियान हैं.’’

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