विद्रोहियो और सरकार की बीच संघर्षविराम समझौता

बामाको: अरब और तुआरेग विद्रोहियों द्वारा किदाल कस्बे पर कब्जा किए जाने के बाद माली की सरकार ने उत्तरी मरस्थल में सक्रिय तीन विद्राही समूहों के साथ संघर्षविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. अफ्रीकी संघ के वार्ताकार ने यह ऐलान किया. किदाल माली के अलगावादी विद्रोह की जन्मस्थली है जो कि उत्तरी मरस्थलीय क्षेत्र के […]
बामाको: अरब और तुआरेग विद्रोहियों द्वारा किदाल कस्बे पर कब्जा किए जाने के बाद माली की सरकार ने उत्तरी मरस्थल में सक्रिय तीन विद्राही समूहों के साथ संघर्षविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. अफ्रीकी संघ के वार्ताकार ने यह ऐलान किया. किदाल माली के अलगावादी विद्रोह की जन्मस्थली है जो कि उत्तरी मरस्थलीय क्षेत्र के एक बडे हिस्से को स्वतंत्र कराना चाहते हैं जिसे वे ‘अजावाद ’ कहते हैं. 1960 के दशक में उन्होंने कई बार विद्रोह किये हैं.
मारीशस के राष्ट्रपति और अफ्रीकी संघ के अध्यक्ष मोहम्मद औल्द अब्दुल अजीज ने कल माली के एक टेलीविजन चैनल पर कहा, ‘‘हमने सिर्फ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जो संघर्षविराम का रास्ता प्रशस्त करेगा. इस दस्तावेज पर सभी प्रभावित पक्षों के हस्ताक्षर हैं.’’ समझौते पर सबसे पहले हस्ताक्षर करने के लिए किदाल का एक विद्रोही समूह तैयार हुआ. बाद में माली सरकार की तरफ से गृह मंत्री सदा सामाके ने बामाको में हस्ताक्षर किए.
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