नेपाल: बालेन सरकार ने रद्द कीं ‘राजनीति से प्रेरित’ 1500 नियुक्तियां, अब खड़ी हुई मुश्किल

नेपाल के पीएम बालेन शाह. फोटो- एक्स (@RONBupdates).
Nepal News: नेपाल में आई नई सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ आक्रामक ढंग से काम कर रही है. पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार करने के बाद अब पिछली सरकारों में की गईं 1500 से ज्यादा भर्तियों को भी रद्द कर दिया है.
Nepal News: नेपाल की नयी सरकार ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के माध्यम से एक व्यापक अध्यादेश जारी कर 1,500 से अधिक प्रमुख सार्वजनिक नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. नेपाल की स्थानीय मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुताबिक, ये नियुक्तियां 26 मार्च से पहले सत्ता परिवर्तन से पहले की गई थीं.
काठमांडू पोस्ट अखबार के मुताबिक, राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शनिवार को मंत्रिमंडल की सिफारिश पर ‘सार्वजनिक पद धारकों को हटाने के लिए विशेष प्रावधानों पर अध्यादेश, 2083’ जारी किया. इस अध्यादेश के प्रभावी होने से नेपाल के प्रशासनिक, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में व्यापक व्यवधान उत्पन्न हो गया है.
जेन-जी आंदोलन के बाद की गई नियुक्ति भी होगी रद्द
खबरों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य पिछली सरकारों द्वारा की गई राजनीतिक रूप से प्रेरित नियुक्तियों को निष्प्रभावी करना है, जिसमें ‘जेन-जी’ आंदोलन के बाद गठित सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा की गई नियुक्ति भी शामिल है. ‘मायरिपब्लिका’ समाचार की खबर के मुताबिक, ‘इस अध्यादेश के कारण विभिन्न क्षेत्रों में 1,594 ‘राजनीतिक रूप से नियुक्त’ पदाधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया, जिससे उनके पद रिक्त हो गए.
जनता के भारी गुस्से ने बनाई जेन-जी सरकार
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने पांच मार्च 2024 को हुए चुनावों में देश के पारंपरिक राजनीतिक दलों के खिलाफ भारी विरोध का फायदा उठाते हुए सत्ता हासिल की. यह आम चुनाव सितंबर 2025 में ‘जेन-जी’ (1997 से 2012 के बीच जन्मे लोगों के लिए प्रयुक्त शब्द) विरोध प्रदर्शनों और केपी ओली की सरकार का पतन होने के कुछ महीनों बाद हुआ. इस चुनाव में जेन-जी के नेता बालेंद्र शाह के नेतृत्व में सरकार का गठन हुआ.
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पीएम बनने के बाद क्रांतिकारी मूड में बालेन सरकार
प्रधानमंत्री बालेन ने सरकार बनने के बाद से ही क्रांतिकारी कदम उठाने शुरू किए हैं. उन्होंने काठमांडू में नदी के किनारे अवैध घरों को ढहा दिया. वे विदेश नीति के मोर्चे पर भी भारत हो या चीन चाहे अमेरिका सभी के साथ बराबर की मित्रता और दूरी बना रहे हैं. उन्होंने एक साल तक कोई विदेश दौरा न करने का ऐलान किया है.
उन्होंने अपनी सरकार के गठन के बाद पिछली सरकारों में हुए भ्रष्टाचार के ऊपर भी कड़ा प्रहार किया है. इस सिलसिले में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार भी किया गया था, हालांकि कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उन्हे रिहा कर दिया गया. इसके अलावा बालेन सरकार ने स्कूली शिक्षा के लिए 100 दिन का एक्शन प्लान लागू किया था. इसके तहत सभी निजी स्कूलों का नाम नेपाली भाषा में होना चाहिए, स्कूलों में छात्र राजनीति पर पूर्ण प्रतिबंध, सरकारी कर्मचारियों के बच्चों के लिए सरकारी स्कूल अनिवार्य और कक्षा 5 तक परीक्षा मुक्त शिक्षा जैसे क्रांतिकारी नियमों का ऐलान किया गया.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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