ePaper

नेताजी ने अपने करियर का सोचा होता, तो आइएनए का गठन नहीं हो पाता, कोलकाता में बोले अमित शाह

Updated at : 19 Feb 2021 9:16 PM (IST)
विज्ञापन
नेताजी ने अपने करियर का सोचा होता, तो आइएनए का गठन नहीं हो पाता, कोलकाता में बोले अमित शाह

बंगाल के क्रांतिकारियों के सम्मान में यहां स्थित नेशनल लाइब्रेरी में आयोजित ‘शौर्यांजलि' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री शाह ने युवाओं से स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, जो युवा पीढ़ी अपने इतिहास को जानती है, वही एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकती है.

विज्ञापन
  • नेताजी के देशभक्ति आज भी युवाओं को करती है प्रेरित

  • देश को आगे ले जाने के लिए बलिदान जरूरी

  • सुभाष चंद्र बोस के जीवन और उनके संघर्षों के बारे में पढ़ें

कोलकाता : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि देश को आगे ले जाने के लिए बलिदान जरूरी है, भले ही इसके लिए अपने करियर को क्यों ना दांव पर लगाना पड़े. नेताजी यदि करियर के बारे में सोचते, तो इंडियन नेशनल आर्मी (आइएनए) की स्थापना नहीं हुई होती. उन्होंने देश के युवाओं से आग्रह किया कि वह सुभाष चंद्र बोस के जीवन और उनके संघर्षों के बारे में पढ़ें.

बंगाल के क्रांतिकारियों के सम्मान में यहां स्थित नेशनल लाइब्रेरी में आयोजित ‘शौर्यांजलि’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री शाह ने युवाओं से स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेने का आह्वान किया. उन्होंने कहा, जो युवा पीढ़ी अपने इतिहास को जानती है, वही एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकती है.

उन्होंने कहा कि सुभाष बाबू को देश की जनता इतने वर्ष के बाद भी उतने ही प्यार और सम्मान से याद करती है, जितना उनके जीवित रहने और संघर्ष के दौरान करती थी. एक उत्कृष्ट छात्र के रूप में सुभाष चंद्र बोस के जीवन और उनके आइसीएस की परीक्षा पास करने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस स्वतंत्रता सेनानी ने नौकरी छोड़ दी और स्वाधीनता आंदोलन में कूद गये, ताकि यह संदेश जाये कि अंग्रेजी हुकूमत के अधीन आरामदेह जीवन जीने के मुकाबले देश उनके लिए महत्वपूर्ण है.

Also Read: भाजपा को दोहरा झटका, युवा महिला नेता ड्रग्स के साथ गिरफ्तार, अमित शाह को कोर्ट का समन
नेताजी को भुलाने के बहुत प्रयास किये गये

श्री शाह ने कहा कि नेताजी को भुला दिये जाने के बहुत प्रयास किये गये, लेकिन उनकी देशभक्ति और शहादत भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी. उन्होंने कहा, बहुत प्रयास किये गये कि सुभाष बाबू को भुला दिया जाये, परंतु कोई कितना भी प्रयास करे, उनका कर्तव्य, देशभक्ति और उनका सर्वोच्च बलिदान पीढ़ियों तक भारत वासियों के जहन में जस का तस रहनेवाला है.

श्री शाह ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता था कि वह दो बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने और एक बार तो उन्होंने महात्मा गांधी के उम्मीदवार तक को हराया. उन्होंने कहा कि यह नेताजी की अडिग भावना और समर्पण ही था कि उन्होंने आइएनए की स्थापना की और उसकी यात्रा बंगाल की धरती से आरंभ हुई.

Also Read: Bengal Chunav 2021 LIVE Update : भाजपा की युवा नेता पामेला गोस्वामी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार

बहुत प्रयास किये गये कि सुभाष बाबू को भुला दिया जाये, परंतु कोई कितना भी प्रयास करे, उनका कर्तव्य, देशभक्ति और उनका सर्वोच्च बलिदान पीढ़ियों तक भारत वासियों के जहन में जस का तस रहनेवाला है.

अमित शाह, गृह मंत्री

विप्लबी बांग्ला का गृह मंत्री अमित शाह ने किया उद्घाटन

श्री शाह ने इस अवसर पर खुदीराम बोस और रासबिहारी बोस जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी ‘विप्लबी बांग्ला’ का भी उद्घाटन किया और एक साइकिल रैली को रवाना किया. नेताजी, खुदीराम बोस और रासबिहारी बोस के नाम पर बनीं तीन टीमें स्वतंत्रता सेनानियों के संदेशों को पहुंचाने के लिए 900 किलोमीटर की साइकिल यात्रा करेंगी.

Posted By : Mithilesh Jha

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola