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Bengal Chunav 2021: शांतिपूर्ण मतदान कराने की हो रही तैयारी, हर विधानसभा केंद्रों का दौरा करेंगे पुलिस पर्यवेक्षक

Updated at : 10 Mar 2021 8:46 AM (IST)
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Bengal Chunav 2021: शांतिपूर्ण मतदान कराने की हो रही तैयारी, हर विधानसभा केंद्रों का दौरा करेंगे पुलिस पर्यवेक्षक

Bengal Chunav 2021: बंगाल विधानसभा चुनाव की तिथियां घोषित हो चुकी हैं. यहां 27 मार्च से 29 अप्रैल तक मतदान होगा और दो मई को नतीजों का एलान होगा. राजनीतिक दृष्टि से सबसे संवेदनशील माने जाने वाले बंगाल में आयोग ने आठ चरणों में चुनाव कराने का फैसला लिया है. बंगाल विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से कराये जाने के लिए चुनाव आयोग ने चार पर्यवेक्षकों को नियुक्त किये हैं.

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बंगाल विधानसभा चुनाव की तिथियां घोषित हो चुकी हैं. यहां 27 मार्च से 29 अप्रैल तक मतदान होगा और दो मई को नतीजों का एलान होगा. राजनीतिक दृष्टि से सबसे संवेदनशील माने जाने वाले बंगाल में आयोग ने आठ चरणों में चुनाव कराने का फैसला लिया है. बंगाल विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से कराये जाने के लिए चुनाव आयोग ने चार पर्यवेक्षकों को नियुक्त किये हैं.

इनमें दो पुलिस पर्यवेक्षक भी शामिल हैं. चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक कोलकाता पहुंच चुके हैं. कोलकाता पहुंचने के बाद पर्यवेक्षक चुनाव आयोग के अधिकारियों के अलावा, पुलिस, इंफोर्समेंट डिपार्टमेंट(ईडी) सहित अन्य विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं.

मंगलवार को भी पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे ने मैराथन बैठक की. सूत्रों के अनुसार पुलिस पर्यवेक्षक विवेक कुमार दुबे और मृणाल कांति दास जल्द ही विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे. ज्ञात हो कि 27 मार्च को 30 विधानसभा केंद्रों पर प्रथम चरण का चुनाव कराया जायेगा. ऐसे में पुलिस पर्यवेक्षक पहले इन 30 विधानसभा केंद्रों का ही दौरा करेंगे.

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इसके बाद ही अन्य फेज के विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे. ज्ञात हो कि राज्य में इस बार आठ चरणों में चुनाव संपन्न होंगे, जो राज्य में अब तक का सबसे लंबा चुनाव होगा. इससे पहले यहां सात चरणों में चुनाव कराये गये हैं.

2016 और 2019 में चुनाव के दौरान दर्ज मामलों की समीक्षा

जानकारी के अनुसार 2016 में हुए विधानसभा चुनाव एवं 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज विभिन्न तरह के आपराधिक मामलों की समीक्षा पुलिस पर्यवेक्षक करेंगे. इस दौरान पर्यवेक्षक यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसी मामले को पुलिस द्वारा यू ही निपटा तो नहीं दिया गया है. इस तरह के मामले मिलने पर पुलिस को दोबारा कार्रवाई करने को कहा जायेगा. इसके बाद भी पुलिस पहल नहीं करती है, तो सुओमोटो के तहत मामले दर्ज कराये जायेंगे.

सीआरपीएफ जवान की निगरानी में पोस्टल बैलट से मतदान

ज्ञात हो कि इस बार के विधानसभा चुनाव में 80 साल व इससे अधिक उम्रवाले मतदाता, दिव्यांग व कोविड संक्रमित वोटर घर बैठे ही पोस्टल बैलट से मतदान कर सकेंगे. मतदान की इस प्रक्रिया के लिए चुनाव आयोग ने पांच सदस्यीय टीम गठन करने का निर्णय लिया है. हर टीम में दो पोलिंग ऑफिसर, दो पुलिसकर्मी एवं एक विडियोग्राफर होंगे. अब पुलिस पर्यवेक्षकों के निर्देश पर इस टीम में एक राज्य पुलिस व सीआरपीएफ के एक जवान को भी शामिल किया जायेगा, ताकि किसी जगह मतदान करनेवाले वोटरों को डराया-धमकाया न जाये.

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Posted By: Pawan Singh

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