पांच हजार दर्शक एक साथ बैठकर देखेंगे राजगीर महोत्सव

Edited by AMLESH PRASAD
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जैसे-जैसे राजगीर महोत्सव की तिथि नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे इसकी तैयारियां भी तेज होती जा रही हैं.

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राजगीर. जैसे-जैसे राजगीर महोत्सव की तिथि नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे इसकी तैयारियां भी तेज होती जा रही हैं. महोत्सव के इतिहास में पहली बार दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजगीर के स्टेट गेस्टहाउस परिसर में पांच हजार लोगों के बैठने की क्षमता वाला भव्य जर्मन हैंगर पंडाल बनाया जा रहा है. इस पंडाल में एक साथ पांच हजार लोग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठा सकेंगे. इसके साथ ही प्रशासन द्वारा 700 वीवीआइपी एवं वीआइपी अतिथियों के लिए बैठने की व्यवस्था की जा रही है. 100×140 फीट आकार के जर्मन हैंगर पंडाल के भीतर 60×40 फीट का आकर्षक रंगमंच तैयार किया जा रहा है. रंगमंच के दाहिनी ओर पर्यटन सूचना केंद्र, फोटो गैलरी, कंट्रोल रूम तथा वीआईपी टेंट का निर्माण किया गया है. पूरे पंडाल में कुल छह एलईडी स्क्रीन लगाये जायेंगे, जिससे दूर बैठे दर्शक भी कार्यक्रमों को स्पष्ट रूप से देख – सुन सकेंगे. मंगलवार को जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने महोत्सव स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित नोडल पदाधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया है. जिलाधिकारी ने लाइटिंग व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, प्रदर्शनी, विभिन्न स्टॉल, कृषि मेला, व्यंजन मेला, महिला महोत्सव, सद्भावना मार्च, तांगा एवं पालकी सज्जा, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, जनसुविधा, खेल महोत्सव, नुक्कड़ नाटक, वाहन पार्किंग, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा व्यवस्था, सड़क मरम्मत तथा विद्युत प्रकाश व्यवस्था का विस्तार से निरीक्षण किया. उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि हर हाल में 17 दिसंबर तक सभी स्टॉल पूर्ण कर लिए जाएं. निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि राजगीर महोत्सव के अवसर पर शहरी क्षेत्र के होटलों और निजी भवनों को आकर्षक लाइटिंग से सजाने के लिए प्रतियोगिता आयोजित की गयी है. बेहतर लाइटिंग सज्जा करने वाले प्रतिभागियों को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जायेगा. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस बार मौर्यन एंपायर सहित राजगीर की ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित विशेष एग्जीबिशन लगायी जायेगी. इसमें गुरुद्वारा, जरासंध अखाड़ा, शांति स्तूप, ब्रह्मकुंड आदि ऐतिहासिक स्थलों के इतिहास और महत्व को प्रदर्शित किया जाएगा. इससे आम दर्शक राजगीर की समृद्ध विरासत से परिचित हो सकेंगे. इस अवसर पर नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन, अनुमंडल पदाधिकारी, नजारत उपसमाहर्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सहायक निदेशक समाज कल्याण विभाग सहित कृषि एवं अन्य विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.

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