बिंद सीएचसी में बंध्याकरण कराने पहुंची महिलाओं से अवैध वसूली का आरोप, दो आशा कार्यकर्ताओं को शोकॉज

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मोबाइल से पैसे भेजने का रिसीप्ट दिखाते मरीज के परिजन

Biharsharif News : नालंदा के बिंद सीएचसी में बंध्याकरण कराने आई महिलाओं से आशा कार्यकर्ताओं द्वारा अवैध वसूली का मामला सामने आया है. प्रभारी ने शोकॉज नोटिस जारी किया है.

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Biharsharif News : बिंद प्रखंड क्षेत्र की हजारों आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सीएचसी में मरीजों से कथित तौर पर अवैध तरीके से राशि वसूले जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि बंध्याकरण कराने पहुंची महिलाओं से आशा कार्यकर्ताओं ने ऑपरेशन से संबंधित दवा बाहर से लाने, ऑपरेशन थिएटर से वार्ड तक ले जाने समेत अन्य मदों के नाम पर पैसे लिए. मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दोनों संबंधित आशा कार्यकर्ताओं को शोकॉज किया है.

आशा कार्यकर्ताओं की करतूत को बताती मरीजों की परिजन
आशा कार्यकर्ताओं की करतूत को बताती मरीजों की परिजन

दवा और वार्ड तक ले जाने के नाम पर लिए पैसे

जक्की गांव निवासी संजय रविदास ने बताया कि वह अपनी पत्नी धर्मशीला देवी का बंध्याकरण ऑपरेशन कराने के लिए अस्पताल पहुंचे थे. उनका आरोप है कि आशा कार्यकर्ता कशिश कुमारी ने ऑपरेशन के लिए बाहर से दवा लाने के नाम पर 1,600 रुपये लिए. वहीं ऑपरेशन थिएटर से वार्ड तक ले जाने के नाम पर भी 50 रुपये लिए गए.

अस्पताल में भर्ती मरीजों की तस्वीर
अस्पताल में भर्ती मरीजों की तस्वीर

ऑपरेशन के बाद भी मांगे गए 1,600 रुपये

कथराही गांव निवासी रामजय राउत की पत्नी मंती देवी ने बताया कि वह अपनी पतोहू का बंध्याकरण कराने के लिए अस्पताल पहुंची थीं. उनके अनुसार, ऑपरेशन से पहले आशा कार्यकर्ता रीता देवी ने पहले 100 रुपये और बाद में 150 रुपये लिए. उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद 1,600 रुपये की मांग की गई. किसी तरह उन्होंने 1,000 रुपये दिए, जिसके बाद शेष 600 रुपये घर जाकर देने को कहा गया.

दिल्ली से आए युवक ने भी लगाया वसूली का आरोप

जक्की गांव निवासी चिंटू कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी का बंध्याकरण कराने के लिए दिल्ली से आए थे. उनका आरोप है कि आशा कार्यकर्ता ने बंध्याकरण के नाम पर 1,600 रुपये की मांग की. उन्होंने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मां सुकरी देवी से 1,000 रुपये लिए गए थे. इसके बाद शेष 600 रुपये फोनपे के माध्यम से ट्रांसफर कराए गए. वहीं भोजन के नाम पर भी 500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराने का आरोप लगाया गया.

मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर उठे सवाल

बंध्याकरण कराने वाली महिलाओं को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है. साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों को नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराने की भी व्यवस्था है. इसके बावजूद दवा, भोजन और अन्य सुविधाओं के नाम पर मरीजों से पैसे लेने के आरोप सामने आने के बाद व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इलाज और दो वक्त के भोजन का इंतजाम करना भी मुश्किल होता है. ऐसे में ऑपरेशन और अन्य सुविधाओं के नाम पर पैसे वसूले जाने से लोगों में नाराजगी है.

दोनों आशा कार्यकर्ताओं को किया गया शोकॉज

बिंद के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उमाकांत प्रसाद ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कथित रूप से अवैध तरीके से राशि लिए जाने की जानकारी मिली है. मामले में दोनों आशा कार्यकर्ताओं को शोकॉज किया गया है. उन्होंने कहा कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दोनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. Also Read : राशन कार्ड में ई-केवाईसी को लेकर समीक्षा बैठक, डीलरों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश


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मुकुल नाथ

लेखक के बारे में

By मुकुल नाथ

मुकुल नाथ वर्ष 2017 पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. विगत 9 वर्षों से प्रभात खबर के लिए बिंद प्रखंड और आसपास के इलाकों से रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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