आइडिया ऑफ इंडिया : तभी होगा एक नवीन राष्ट्र का निर्माण
Updated at : 26 Jan 2016 8:31 AM (IST)
विज्ञापन

अतीत के आधार पर भविष्य की परिकल्पना को समझना बेहद जरूरी इस साल का गणतंत्र दिवस कई मायनों में महत्वपूर्ण है. सबसे पहले, विश्व के सबसे विशाल लोकतंत्र की सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन के संकल्प से उपजे राष्ट्र की अवधारणा के लिहाज महत्वपूर्ण है. दूसरा, बीते 65 वर्षों के राष्ट्रीय जीवन में यह संकल्प […]
विज्ञापन
अतीत के आधार पर भविष्य की परिकल्पना को समझना बेहद जरूरी
इस साल का गणतंत्र दिवस कई मायनों में महत्वपूर्ण है. सबसे पहले, विश्व के सबसे विशाल लोकतंत्र की सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता आंदोलन के संकल्प से उपजे राष्ट्र की अवधारणा के लिहाज महत्वपूर्ण है.
दूसरा, बीते 65 वर्षों के राष्ट्रीय जीवन में यह संकल्प कहां तक फलीभूत हुआ है, उसके आकलन के दृष्टिकोण से भी यह महत्वपूर्ण है. भारत की संकल्पना मुख्य रूप से स्वतंत्रता, समानता, बंधुता, नागरिक अधिकार और राज्य के कर्तव्य जैसे कारकों के ताने-बाने से बुनी गयी है. तीसरा, यह संकल्पना एक नवीन राष्ट्र की रचना का प्रारूप भी है.
नवीन राष्ट्र के निर्माण की यह संकल्पना हमारी आशाओं और आकांक्षाओं को सामूहिक और सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ वास्तविक रूप देने का परिपत्र भी है. देश के सुखद भविष्य के निर्माण के लिए हमें भविष्य निर्माण के सफर में पुरानी यादें, सपने और संकल्प के साथ उपलब्धियों, असफलताओं और जाने-अनजाने में हुई चूक का भी मूल्यांकन करना होगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




