वाइ-फाइ कॉलिंग सर्विस : न एप इंस्टॉल करने का झंझट न कॉल ड्रॉप की परेशानी, इस सर्विस को ऐसे करें एक्टिवेट

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नेटवर्किंग और दूरसंचार के क्षेत्र में होनेवाले महत्वपूर्ण परिवर्तनों व वर्तमान सेवाओं में सुधार ने हमारे जीवन को काफी आसान बनाया है. ऐसी ही एक नयी सेवा है वाइ-फाइ कॉलिंग. इस सेवा की बदौलत बिना किसी एप को इंस्टॉल किये, महज वाइ-फाइ कनेक्शन के जरिये अपनों के संपर्क में रहा जा सकता है. क्या है वाइ-फाइ कॉलिंग, फेसबुक का वी थिंक डिजिटल कार्यक्रम, मैन्युअल एपीएन सेटिंग्स का तरीका समेत गैजेट्स की दुनिया की तमाम खबरों के साथ प्रस्तुत है इन्फो टेक्नोलॉजी पेज...
तकनीक की दुनिया में तेज रफ्तार से हो रहे बदलावों को देखते हुए, नेटवर्किंग और दूरसंचार क्षेत्र ने भी पिछले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किये हैं. इससे पहले क्लाउड, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 4जी जैसी तकनीकों ने भारत की नेटवर्किंग में परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया है. इस नेटवर्किंग को और बेहतर बनाने के लिए वाई-फाई कॉलिंग नामक नयी सर्विस भारतीय बाजार में प्रवेश कर चुकी है. क्या है यह नयी तकनीक, कैसे काम करती है, जानिए इस बारे में.
क्या है वाइ-फाइ कॉलिंग
आम शब्दों में कहें तो वाइ-फाइ कॉलिंग एक ऐसी तकनीक है, जिसमें महज एक वाई-फाई कनेक्शन के जरिये आप अपने दोस्तों और परिवार के संपर्क में बने रह सकते हैं. अगर आपके पास टेलीफोन लाइन नहीं है तब भी.
इसके लिए वाइ-फाइ कॉलिंग इनेबल्ड स्मार्टफोन को उपलब्ध वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट करना, नवीनतम आपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर को अपडेट करना व सेटिंग्स में वाई-फाई कॉलिंग को एक्टिवेट करना होगा. इसके बाद आप अपने फोन से कॉल या टेक्स्ट कर पायेंगे. ठीक उसी तरह, जिस तरह आप नियमित टेलीफोन के जरिये अपने अपने दोस्तों व परिवार से संपर्क करते हैं.
अलग से लॉग-इन की जरूरत नहीं
वाई-फाई के जरिये कॉलिंग करने की नयी तकनीक आने के बहुत पहले से मैसेंजर, गूगल डुओ, स्काइप और व्हॉट्सएप जैसे एप पर वाई-फाई कॉलिंग फीचर उपलब्ध था. लेकिन वाई-फाई कॉलिंग की यह नयी तकनीक पुरानी से अलग और बेहतर है. इसकी पहली खासियत है कि इसके लिए किसी अतिरिक्त एप को इंस्टॉल करने या अलग से लॉग-इन करने की जरूरत नहीं होती है. दूसरे, यह सुविधा पहले से ही आपके फोन पर उपलब्ध है.
इसका मतलब हुआ कि फोन कॉल करने के लिए आप इसे पूर्व-चयनित विकल्प (डिफॉल्ट वे) के रूप में स्थापित कर सकते हैं. इतना ही नहीं, यह नयी तकनीक आपके फोन का नेटवर्क कमजोर होने पर तुरंत वाई-फाई कॉलिंग में बदल जाती है. इससे कॉल ड्रॉप की संभावना समाप्त हो जाती है. कॉल ड्रॉप की संभावना को पूरी तरह समाप्त करने के लिए यूजर को वॉयस ओवर एलटीइ और वाई-फाई कॉलिंग दोनों को ऑन रखना होगा.
तीसरी बात, इस फीचर के पास पहले से ही यूजर के फोन संपर्क उपलब्ध रहते हैं, इसलिए आपको अपने दोस्तों को न ही निमंत्रण भेजने की आवश्यकता होती है, न ही संपर्कों को जोड़ने की, जैसा अन्य एप में करना होता है. यह सेवा पूरी तरह नि:शुल्क है. इसके अतिरिक्त, वाई-फाई कॉलिंग सेवाओं का लाभ उठाने के लिए यूजर को अपने सिम को बदलने की जरूरत नहीं है. काॅलिंग के लिए यूजर उसी सिम का उपयोग कर सकते हैं, जिसका उपयोग वे वॉयस ओवर एलटीइ के लिए करते हैं.
इस सर्विस को ऐसे करें एक्टिवेट
सबसे पहले यूजर को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका स्मार्टफोन वाई-फाई कॉलिंग को सपोर्ट
करता है.
अगर आप एंड्रॉयड यूजर हैं, तो सेटिंग्स पर जायें और वाई-फाई को सेलेक्ट करें. अब 'वाई-फाई प्रेफरेंसेज' पर जायें. इसके बाद 'एडवांस्ड' का चुनाव करें और वाई-फाई कॉलिंग पर जायें. अब 'ऑन' को एक्टिवेट करें.
अगर आप आइफोन यूजर हैं तो पहले सेटिंग्स पर जायें, फोन को सेलेक्ट करें और वाई-फाई कॉलिंग पर क्लिक करें. इसके बाद 'ऑन' को एक्टिवेट करें.
फेसबुक का वी थिंक डिजिटल कार्यक्रम
इसी 11 फरवरी को फेसबुक ने अपने 'वी थिंक डिजिटल' कार्यक्रम की शुरुआत की है. सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी इस कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार सहित सात राज्यों की एक लाख महिलाओं को डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण देगी.
राष्ट्रीय महिला आयोग और साइबर पीस फाउंडेशन की साझेदारी में चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य पूरे वर्ष इन सात राज्यों में एक लाख महिलाओं को डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण प्रदान करना है. यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश से शुरू होगा और उसके बाद असम, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, गुजरात, झारखंड और बिहार तक पहुंचेगा. 'वी थिंक डिजिटल' फेसबुक का वैश्विक डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम है, जिसकी घोषणा बीते वर्ष दक्षिण एशिया सुरक्षा शिखर सम्मेलन के दूसरे संस्करण के दौरान की गयी थी.
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को डिजिटल साक्षरता और नागरिकता पर ध्यान केंद्रित करने, गोपनीयता, सुरक्षा और गलत सूचनाओं के समाधान के लिए तैयार किया गया है. कार्यक्रम के एक हिस्से के तौर पर फेसबुक, सरकार और नागरिक समाज दोनों के साथ साझेदारी करेगी, ताकि वे लोगों को कौशल से लैस करने के लिए शिक्षण मॉड्यूल डिजाइन कर सकें.
फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर अंखि दास का इस संबंध में कहना है कि महिलाओं तक आर्थिक अवसर, शिक्षा और सामाजिक संपर्क की समान पहुंच होनी चाहिए और इंटरनेट बिना किसी भेदभाव के इसे प्रदान करता है. जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम करते हुए, उनकी टीम लगातार नयी-नयी चीजों को डिजाइन कर रही है, जो डिजिटल लर्निंग में इन महिलाओं को सक्षम बनायेगी और समाज में परिवर्तन लायेगी़
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