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तत्व निर्धारण बताते हैं राशियों के गुण-दोष

Updated at : 14 Dec 2018 11:28 PM (IST)
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तत्व निर्धारण बताते हैं राशियों के गुण-दोष

डॉ एनके बेरा, ज्योतिषविद् वैदिक ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार अग्नि, पृथ्वी, वायु और जल रूपी चार तत्वों के अनुसार 12 राशियों को तीन-तीन राशि के चार समूहों में बांटकर उसका तत्व निर्धारित करते हैं. पहली त्रिकोण राशियों (मेष, सिंह, धनु) का तत्व अग्नि है. अग्नि में रूप परिवर्तन की क्षमता होती है. अतः अग्नि तत्व […]

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डॉ एनके बेरा, ज्योतिषविद्
वैदिक ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार अग्नि, पृथ्वी, वायु और जल रूपी चार तत्वों के अनुसार 12 राशियों को तीन-तीन राशि के चार समूहों में बांटकर उसका तत्व निर्धारित करते हैं. पहली त्रिकोण राशियों (मेष, सिंह, धनु) का तत्व अग्नि है. अग्नि में रूप परिवर्तन की क्षमता होती है.
अतः अग्नि तत्व प्रधान राशियों में क्रियात्मक शक्ति का समावेश होता है. दूसरी त्रिकोण राशियों (वृष, कन्या और मकर) का तत्व पृथ्वी है. पृथ्वी में यथार्थता का गुण होता है. अतः पृथ्वी-तत्व प्रधान राशियां भौतिकता प्रिय एवं पूर्ण सांसारिक होती हैं. तीसरी त्रिकोण राशियों (मिथुन, तुला एवं कुंभ) का तत्व वायु है. इसमें चचंलता, अनिश्चय एवं बुद्धिमता का गुण है.
अतः वायु-तत्व प्रधान राशियां परिवर्तन प्रिय एवं मानसिक रूप से सबल एवं प्रभावशाली होती हैं. चौथी त्रिकोण राशियों (कर्क, वृश्चिक एवं मीन) का तत्व जल है. जल-तत्व में ग्रहण करने की क्षमता होती है, इसलिए जल-तत्व प्रधान राशियों में आत्मविश्लेषण, खोज एवं ग्रहण करने का विशेष गुण होता है.
ऐसे जान सकते हैं अपने संबंध
राशियों के तत्वों के आधार पर ही पति-पत्नी, प्रेमी-प्रेमिका, मित्रों का पारस्परिक कैसा संबंध रहेगा, मित्रता होगी या शत्रुता आदि पर विचार किया जाता है. प्रत्येक राशि का जो तत्व होता है, उसके आधार पर ही राशियों में परस्पर शत्रुता, मित्रता और अधिमैत्री का निर्णय होता है.
प्रत्येक तत्व के शत्रु, मित्र और अधिमित्र तत्व हैं- अग्नि तत्व, अधिमित्र-वायु, मित्र-पृथ्वी, शत्रु-जल है. पृथ्वी तत्व का अधिमित्र जल, मित्र-अग्नि, शत्रु-वायु है. वायु का अधिमित्र अग्नि, मित्र-जल, शत्रु-पृथ्वी. जल का अधिमित्र-पृथ्वी, मित्र-वायु, शत्रु-अग्नि होता है.
जैसे मान लीजिए किसी की राशि धनु है, तो उसके लिए कौन-कौन-सी राशियां अधिमित्र, मित्र, शत्रु है, यह जान सकते हैं. तत्वों के आधार पर पता चलता है कि धनु राशि का तत्व अग्नि है. फलतः धनु राशि के लिए वायु तत्व की राशियां अधिमित्र, पृथ्वी तत्व की राशियां मित्र एवं जल तत्व प्रधान राशियां शत्रु हैं.
अतः स्पष्ट है धनु राशि वाले जातकों के लिए मिथुन, तुला, कुंभ राशियां अधिमित्र, वृष, कन्या, मकर राशियां मित्र एवं कर्क, वृश्चिक, मीन शत्रु हैं. इसी प्रकार आप किसी भी राशि के लिए अधिमित्र, मित्र एवं शत्रु राशियों के बारे में जानकारी ले सकते हैं.
छह राशियां रात्रिबली और छह दिनबली
राशि चक्र में मेष, वृष, मिथुन, कर्क, धनु, मकर ये छह राशियां रात्रिबली हैं. रात्रिबली राशियों पर चंद्रमा का विशेष प्रभाव रहता है. सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, कुंभ, मीन ये छह राशियां दिनबली हैं. इन पर सूर्य का विशेष प्रभाव रहता है.
मेष, सिंह, धनु राशि के पूर्व, वृष, कन्या, मकर के दक्षिण, मिथुन, तुला, कुंभ के पश्चिम, कर्क, वृश्चिक, मीन के उत्तर दिशा शुभ हैं. मेष का लाल वर्ण, वृष का श्वेत, मिथुन का हरा, कर्क का रक्त श्वेत, गुलाबी, सिंह का नारंगी-कत्थई, कन्या का पीला, काला-हरा मिश्रित, तुला का नीला, वृश्चिक का स्वर्ण, धनु का पीला, मकर का चितकबरा (पीत श्वेत), नीला आकाश सदृश, मीन का मटमैना सफेद होता है. राशियां 12 हैं और उसके अधिपति ग्रह 7 हैं.
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