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सुषमा स्वराज राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन में शामिल होने माल्टा रवाना

Updated at : 26 Nov 2015 6:19 PM (IST)
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सुषमा स्वराज राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन में शामिल होने माल्टा रवाना

नयी दिल्ली : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज कल से शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आज माल्टा रवाना हो गईं . सम्मेलन में आतंकवाद और हिंसक चरमपंथ से लड़ने तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है. ब्रिटेन के उपनिवेश रह चुके 53 देशों […]

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नयी दिल्ली : विदेश मंत्री सुषमा स्वराज कल से शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आज माल्टा रवाना हो गईं . सम्मेलन में आतंकवाद और हिंसक चरमपंथ से लड़ने तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित रहने की संभावना है.

ब्रिटेन के उपनिवेश रह चुके 53 देशों के ब्लॉक का शिखर सम्मेलन पेरिस में हुए भीषण आतंकी हमलों के दो सप्ताह बाद हो रहा है और उम्मीद है कि इसमें आतंकवाद तथा चरमपंथ का मुकाबला करने के लिए प्रभावी तौर तरीके ढूंढने पर गहन चर्चा होगी. भारत राष्ट्रमंडल का सबसे बड़ा सदस्य देश है और सुषमा शिखर सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट करेंगी. इसमें 30 से ज्यादा राष्ट्र एवं शासन प्रमुखों के शामिल होने की संभावना है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने ट्वीट किया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज चोगम शिखर सम्मेलन में शामिल होने माल्टा रवाना. तीन दिन तक चलने वाली राष्ट्रमंडल सरकार प्रमुखों की बैठक चोगम में जलवायु परिवर्तन से संबंधित व्यापक मुद्दों पर भी चर्चा होने जा रही है और इसमें पेरिस शिखर सम्मेलन से पहले राजनीतिक समर्थन जुटाने की कोशिश की जाएगी.

जलवायु परिवर्तन पर एक विशेष कार्यकारी सत्र होग, जिसमें पेरिस शिखर सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों द्वारा एक संयुक्त कटिबद्धता पैदा करने पर विशेष ध्यान के साथ जलवायु परिवर्तन से निपटने के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी. सत्र में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून और फ्रांस के विदेश मंत्री लॉरेंट फेबियस के शामिल होने की संभावना है. चोगम हर दो साल बाद आयोजित होता है और इस साल के लिए थीम ‘एडिंग ग्लोबल वैल्यू’ है.

शिखर सम्मेलन में व्यापार एवं वाणिज्य तथा आव्रजन और अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है. वर्ष 2013 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह श्रीलंका में 26 साल तक चले गृहयुद्ध के दौरान कथित मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर तमिलनाडु के राजनीतिक दलों और कांग्रेस के एक तबके के विरोध के चलते कोलंबो में आयोजित शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हुए थे. राष्ट्रमंडल देशों की आबादी करीब 2.2 अरब है. इस आबादी में से 60 प्रतिशत से अधिक लोग 30 साल से कम उम्र के हैं. समूह में विश्व के कुछ सबसे बड़े, सबसे छोटे, सबसे धनी और सबसे गरीब देश शामिल हैं. इसके 31 सदस्य छोटे देश हैं जिनमें से कई द्वीप देश हैं. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के भी शिखर सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है. दक्षिण पूर्वी यूरोपीय द्वीप देश माल्टा दूसरी बार शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है.

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