भारत की रणनीति से घबरायी पाक की सेना व आइएसआइ, एनएसए स्तर की वार्ता को खत्म करने बनाया दबाव
Updated at : 13 Aug 2015 11:55 AM (IST)
विज्ञापन

नयी दिल्ली/इस्लामाबाद: एक ओर जहां भारत और पाकिस्तान के बीच इस बार दोनों देशों के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मिठाइयों को लेने-देने की परंपरा टूटने वाली है, वहीं दूसरी ओर भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की वार्ता टूटने की भी संभावना बढ गयी है. दरअसल, पाकिस्तान की लोकतांत्रिक नवाज शरीफ सरकार […]
विज्ञापन
नयी दिल्ली/इस्लामाबाद: एक ओर जहां भारत और पाकिस्तान के बीच इस बार दोनों देशों के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मिठाइयों को लेने-देने की परंपरा टूटने वाली है, वहीं दूसरी ओर भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की वार्ता टूटने की भी संभावना बढ गयी है. दरअसल, पाकिस्तान की लोकतांत्रिक नवाज शरीफ सरकार पर वहां की फौज व खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने वार्ता तोडने के लिए दबाव बना दिया है. और, यह बात जगजाहिर है कि वहां की चुनी हुई सरकार पर सेना व आइएसआइ के फैसले हावी होते हैं. दरअसल, पाकिस्तान की सेना व खुफिया एजेंसी भारत की रणनीति से घबरा गयी है.
ईद में पाक ने लौटायी थी मिठाई, बीएसएफ ने बनायी दूरी
मालूम हो कि पिछले दिनों ईद के मौकों पर पाकिस्तान रेंजर्स ने भारत की ओर से दी गयी मिठाई को लौटा दिया था. दोनों देशों के बीच सीमा पर तनातनी भी चरम पर है. इसका कारण पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में फैलाया जा रहा आतंकवाद व घुसपैठ की कोशिश है. पाकिस्तान के इस स्टैंड के बाद बीएसएफ ने भी स्वतंत्रता दिवस पर इस बार पाकिस्तान को मिठाई या संदेश देने से इनकार किया है और संबंधित लोगों को सूचित कर दिया गया है.
रूस के उफा में तय हुई थी एनएसए स्तर की वार्ता
पिछले महीने उफा में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच दोनों देशों के बीच एनएसए स्तर की वार्ता पर सहमति बनी थी और यह तय किया गया था कि भारत में ही इसकी पहली बैठक होगी. भारत में स्वतंत्रता दिवस के बाद 23-24 अगस्त को इसकी वार्ता किये जाने की तैयारी भी की जा रही है. भारत यह उम्मीद कर रहा है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद पाकिस्तान से इस वार्ता के लिए औपचारिक सहमति मिल जायेगी. उल्लेखनीय है कि 14 अगस्त को पाकिस्तान में और 15 अगस्त को भारत में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है.
भारत की रणनीति से घबराहट
दरअसल, पाकिस्तान की सेना व आइएसआइ भारतीय रणनीति से घबरा गयी है. जब भारत व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उफा में अपने कूटनीतिक कौशल से आतंकवाद के मुद्दे पर पाक को वार्ता के लिए तैयार कर लिया था, तब वहां की सेना व खुुफिया एजेंसी इससे नाराज हुई थी. सूत्रों के अनुसार, एनएसए स्तर की वार्ता में भारत हाल में हुए उधमपुर आतंकी हमले, पाक के पकडे गये जीवित आतंकी नावेद, गोलीबारी जैसे मुद्दों को उठायेगा. यह भी खबर आ चुकी है कि नावेद के संबंध में भारत पाक को दस्तावेज देगा और सूचनाएं मांगेगा. पाकिस्तान जहां एनएसए स्तरीय वार्ता में भारत पर झूठे आरोप लगाने की मंशा पाले हुए है, वहीं भारत का पूरा एजेंडा सेट है. भारत के पास न सिर्फ पुराने बल्कि नये दस्तावेज व तथ्य भी हैं, जो यह साबित करते हैं आतंकवाद पाकिस्तान की धरती से प्रयोजित हो रहा है और इसे वहां की सेना व खुफिया एजेंसी सपोर्ट कर रही है. ऐसे में कूटनीटिक स्तर पर अपनी किरकिरी होने के डर से ही पाकिस्तान की सेना व आइएसआइ ने अपनी सरकार पर वार्ता तोडने का दबाव बनाया है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




