ePaper

क्या है रूस की नई हाइपरसॉनिक परमाणु मिसाइल?

Updated at : 29 Dec 2019 8:15 AM (IST)
विज्ञापन
क्या है रूस की नई हाइपरसॉनिक परमाणु मिसाइल?

<figure> <img alt="एवनगार्द मिसाइल" src="https://c.files.bbci.co.uk/166B8/production/_102623819_rusavangardgetty.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> <figcaption>एवनगार्द मिसाइल के संबंध में रक्षा मंत्रालय से जारी वीडियो का स्क्रीनशॉट</figcaption> </figure><p>रूसी सेना में आवाज़ की गति से 20 गुना तेज़ी से चलने वाली एवनगार्द हाइपरसॉनिक मिसाइल सिस्टम की पहली खेप को शामिल किया गया है. इन मिसाइलों में ‘ग्लाइड सिस्टम’ है. यानी ये […]

विज्ञापन

<figure> <img alt="एवनगार्द मिसाइल" src="https://c.files.bbci.co.uk/166B8/production/_102623819_rusavangardgetty.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> <figcaption>एवनगार्द मिसाइल के संबंध में रक्षा मंत्रालय से जारी वीडियो का स्क्रीनशॉट</figcaption> </figure><p>रूसी सेना में आवाज़ की गति से 20 गुना तेज़ी से चलने वाली एवनगार्द हाइपरसॉनिक मिसाइल सिस्टम की पहली खेप को शामिल किया गया है. इन मिसाइलों में ‘ग्लाइड सिस्टम’ है. यानी ये अपना रास्ता तलाशने में सक्षम हैं. साथ ही इन्हें निशाना बनाना भी असंभव होगा. रूसी रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है.</p><p>हालांकि मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि इन मिसाइलों की तैनाती कहां की गई है. वैसे रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने पहले कहा था कि ये यूराल की पहाड़ियों पर लगाई जाएंगी.</p><p>रक्षा मंत्री सर्गेई शोईगू ने इसकी पुष्टि की है कि &quot;मॉस्को में 27 दिसंबर सवेरे 10.00 बजे एवनगार्द हाइपरसॉनिक ग्लाइड व्हीकल को सेना में शामिल कर लिया गया है. ये एक अभूतपूर्व सफलता है.&quot;</p><figure> <img alt="व्लादिमीर पुतिन" src="https://c.files.bbci.co.uk/9B5C/production/_110327793_b3b6d564-2f5d-4928-a039-a74dab692897.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h3>’रूस की ताक़त अन्य देशों से कहीं आगे'</h3><p>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बताया कि यह परमाणु हथियारों से लैस ये मिसाइलें आवाज़ की गति से 20 गुना तेज़ी से उड़ सकती हैं. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही रूस की ताक़त अपने प्रतिद्वंदी देशों के मुक़ाबले कहीं अधिक हो जाएगी.</p><p>पुतिन ने मंगलवार को कहा कि एवनगार्द मिसाइल सिस्टम मौजूदा और भविष्य में आने वाली किसी भी मिसाइल रक्षा सिस्टम को मात दे सकती हैं. उन्होंने कहा, &quot;फ़िलहाल किसी भी देश के पास हाइपरसॉनिक हथियार नहीं हैं, कॉन्टिनेन्टल रेंड हाइपरसॉनिक हथियार की बात तो छोड़ ही दीजिए.&quot;</p><p>उन्होंने कहा कि पश्चिम और दुनिया के दूसरे देश ‘हमसे मुक़ाबला करने की कोशिश में’ लगे हैं.</p><h3>रूस ने अमरीका को काफ़ी पीछे छोड़ दिया?</h3><p>रक्षा मामलों के जानकार जॉनाथन मार्कस ने कहा कि एवनगार्द हाइपरसॉनिक मिसाइल सिस्टम को सेना में शामिल करने के बारे में मॉस्को ने जो कुछ कहा है, उसकी पड़ताल वाकई मुश्किल है. ये केवल फ़ील्ड टेस्टिंग में एक क़दम आगे बढ़ना भी हो सकता है.</p><p>लेकिन राष्ट्रपति पुतिन का इस मिसाइल के बारे में दावा करना भी एक तरह से सही है. रूस हाइपरसॉनिक मिसाइलों के मामले में दुनिया से आगे बढ़ना चाहता है.</p><p>पुतिन ने पिछले साल कहा था कि उनका देश ऐसी मिसाइलें बना रहा है जिसे <a href="https://www.bbc.com/hindi/international-43242804?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">यूरोप और एशिया में बिछे अमरीकी डिफ़ेंस सिस्टम</a> भी नहीं रोक सकते.</p><p>इस तरह के हथियार चीन भी बना रहा है और लगता है कि इन हथियारों के मामले में अमरीका फ़िलहाल पीछे छूट गया है.</p><figure> <img alt="एवनगार्द हाइपरसॉनिक मिसाइल सिस्टम" src="https://c.files.bbci.co.uk/C26C/production/_110327794_24ac5fe7-e091-4b3e-8c97-37340edf7b9f.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> <figcaption>एवनगार्द हाइपरसॉनिक मिसाइल सिस्टम</figcaption> </figure><h3>ये मैक-5 गति से उड़ान भर सकती हैं</h3><p>जैसा कि नाम से ही पता चलता है हाइपरसॉनिक मिसाइलें मैक-5 गति से उड़ान भर सकती हैं. यानी वो आवाज़ की गति से पांच गुना तेज़ उड़ सकती हैं. हाइपरसॉनिक्स में आवाज़ की गति के बराबर की गति को एक मैक कहा जाता है. </p><p>ये मिसाइलें कई प्रकार की भी हो सकती हैं. ये क्रूज़ मिसाइलें हो सकती हैं या फिर इन्हें बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ भी दाग़ा जा सकता है. बैलिस्टिक मिसाइल के साथ दाग़ने पर ये हाइपरसॉनिक ग्लाइड व्हीकल उड़ान के दौरान अलग होकर अपने निशाने की तरफ बढ़ती हैं.</p><p>ग्लाइड सिस्टम को पारंपरिक तौर पर अधिकतर बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ लॉन्च किया जाता है और एवनगार्द हाइपरसॉनिक इसी तरह का हथियार लगता है. लेकिन ये वायुमंडल से बाहर जाने के साथ ही जल्द धरती के वायुमंडल में प्रवेश कर सकता है. इसके बाद ये ग्लाइड करता है और सैकड़ों-हज़ारों किलोमीटर तक उड़कर जा सकता है.</p><figure> <img alt="रूसी सेना के जारी किए वीडियो में इंजीनियरों के चेहरे छिपा दिए गए थे" src="https://c.files.bbci.co.uk/E97C/production/_110327795_19d7bb44-3fc0-44f7-a05a-9fe7cfe4a00f.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Reuters</footer> <figcaption>रूसी सेना के जारी किए वीडियो में इंजीनियरों के चेहरे छिपा दिए गए थे</figcaption> </figure><h3>परमाणु हथियारों की दौड़ में ख़तरनाक युग की शुरुआत?</h3><p>पिछले साल रूस की ख़ुफ़िया एजेंसी फ़ेडरल सिक्योरिटी सर्विस (एफ़एसबी) ने देश के हाइपरसोनिक मिसाइलों से जुड़ी गुप्त जानकारी पश्चिमी देशों के जासूसों को देने के शक़ में <a href="https://www.bbc.com/hindi/international-44908248?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">एक स्पेस रिसर्च सेंटर पर छापे</a> मारे थे. बताया जाता है कि एफ़एसबी को स्पेस एजेंसी के तक़रीबन 10 कर्मचारियों पर शक़ है और इसके मद्देनजर एजेंसी के एक डायरेक्टर के दफ़्तर में छानबीन की गई है.</p><p>जो इन हाइपरसॉनिक मिसाइलों को ख़ास बनाती है, वो केवल इनकी तेज़ गति नहीं है. ये तेज़ गति से उड़ते हुए ग्लाइड करते हुए अपना रास्ता भी तलाश कर सकती हैं. मौजूदा एंटी-मिसाइल रक्षा सिस्टम के लिए ये बड़ी मुश्किल पेश कर सकती हैं.</p><p>एक जानकार ने हाल में मुझसे इसके बारे में कहा था कि &quot;वायुमंडल से होते हुए&quot; ये किसी भी मिसाइल रक्षा सिस्टम को चुनौती दे सकता है. अगर रूस का दावा सही है कि उसने लंबी दूरी की इंटर-कॉन्टिनेन्टल मिसाइल सिस्टम बना लिया है तो उसे निशाना बनाना दूसरों के लिए असंभव होगा.</p><p>एवनगार्द के बारे में रूस की घोषणा बताती है कि परमाणु हथियारों की दौड़ में एक नए और ख़तरनाक युग की शुरुआत हो गई है. ये इस बात की भी पुष्टि है कि राष्ट्रपति पुतिन अपनी परमाणु ताकत बढ़ाने और आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.</p><p>ये एक तरह के इस बात की ओर इशारा है कि शीत युद्ध के दौर के बाद देशों के बीच ताक़त की लड़ाई एक बार फिर शुरू हो गई है.</p><figure> <img alt="रूस का नया हाइपरसॉनिक परमाणु मिसाइल" src="https://c.files.bbci.co.uk/13D6E/production/_110326218_5e4a93ab-2abc-4fd3-88a1-34d3655942f0.jpg" height="549" width="976" /> <footer>BBC</footer> </figure><h3>5 फ़रवरी 2021 को क्या होगा?</h3><p>कुछ जानकारों को ये भी लग सकता है कि रूस का ये विकास कार्यक्रम अमरीका की एंटी मिसाइल रक्षा सिस्टम के प्रति दिलचस्पी से निपटने की दीर्घकालिक रणनीति है. अमरीका का मानना है कि ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देशों से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के कारण रूस पर अपने मिसाइल सिस्टम को बेहतर करने का दवाब है.</p><p>हाइपरसॉनिक परमाणु मिसाइल के बारे में रूस की घोषणा ऐसे वक़्त हुई है जब शीत युद्ध से विरासत में मिले हथियारों की दौड़ पर लगाम लगाने के समझौते ख़त्म हो रहे हैं.</p><p>5 फ़रवरी 2021 को अमरीका और रूस के बीच 2010 में हुआ एक अहम समझौता ‘न्यू स्टार्ट’ ख़त्म होने वाला है. रूस इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए राज़ी है लेकिन ट्रंप प्रशासन इसे लेकर अभी अस्पष्ट है.</p><p>माना जा रहा है कि कई देश परमाणु हथियारों का ज़ख़ीरा बढ़ाने के लिए कोशिशें कर रहे हैं. हालांकि, इससे परमाणु हथियार जमा करने की दौड़ न बने इसके लिए नए समझौतों की ज़रूरत है.</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola