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ट्रंप पर मुश्किलें नहीं खड़ी कर पायेगा महाभियोग

Updated at : 22 Dec 2019 8:05 AM (IST)
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ट्रंप पर मुश्किलें नहीं खड़ी कर पायेगा महाभियोग

कमर आगा अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप पर इस बात का आरोप है कि अगले साल राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडेन के अलावा कई नेताओं की छवि खराब करने के लिए उन्होंने यूक्रेन से मदद मांगी, वह भी गैर-कानूनी तरीके से. इसीलिए उन पर महाभियोग का प्रस्ताव […]

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कमर आगा
अंतरराष्ट्रीय मामलों
के जानकार
रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रंप पर इस बात का आरोप है कि अगले साल राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के जो बाइडेन के अलावा कई नेताओं की छवि खराब करने के लिए उन्होंने यूक्रेन से मदद मांगी, वह भी गैर-कानूनी तरीके से. इसीलिए उन पर महाभियोग का प्रस्ताव वहां के निचले सदन ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव’ (प्रतिनिधि सभा) में पास हुआ है. निचले सदन में रिपब्लिकन का बहुमत नहीं है.
डेमोक्रेट सांसदों के बहुमत वाले निचले सदन ने 197 के मुकाबले 230 वोटों से ट्रंप पर महाभियोग चलाने को मंजूरी दी है. हालांकि, इस प्रस्ताव के ऊपरी सदन यानी अमेरिकी सीनेट से पास होने की संभावना कम है, क्याेंकि ऊपरी सदन में रिपब्लिकन का बहुमत है और रिपब्लिकन के सारे सांसद ट्रंप के साथ मजबूती से खड़े हैं.
डेमोक्रेटिक पार्टी के एक प्रतिनिधि ने संसद की बहस में कहा था कि ट्रंप न्याय व्यवस्था में दखल देते हैं, विदेशी नेताओं को रिश्वत देने की कोशिश करते हैं और अपने फायदे के लिए राष्ट्रपति पद का दुरुपयोग करते हैं.
जाहिर है, अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से यह हरकत बहुत खतरनाक है. यही वजह है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चाहते हैं कि किसी भी तरह अगले साल होनेवाले राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप न जीतने पायें. अमेरिकी सीनेट में हर प्रक्रिया बहुत ही लाेकतांत्रिक तरीके से पूरी की जाती है. इसी प्रक्रिया के तहत ही ट्रंप पर महाभियोग चलाया जा रहा है.
दूसरी बात यह भी है कि राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गयी हैं, इसलिए यह मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है. यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अमेरिकी राजनीति में जब भी कोई बड़ा मुद्दा आता है या राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला पैदा होता है, तो उस पर वहां की अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी के कुछ नेता रिपब्लिकन पार्टी का साथ देते हैं या फिर रिपब्लिकन पार्टी के कुछ नेता डेमोक्रेटिक पार्टी का साथ देते हैं.
लेकिन, ट्रंप पर महाभियोग लाने के मामले में इस बार रिपब्लिकन का एक भी नेता डेमोक्रेटिक के साथ नहीं गया है. रिपब्लिकन एकजुट होकर ट्रंप का साथ दे रहे हैं. ऐसे में साफ है कि ट्रंप के लिए मुश्किलें ज्यादा नहीं पैदा होनेवाली हैं. हां, अगर कम से कम बीस रिपब्लिकन सांसद ट्रंप के खिलाफ चले जाते हैं, तो ट्रंप के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.
निचले सदन से पास हुए प्रस्ताव को हाउस डेमोक्रेटिक स्पीकर नैनसी पलोसी द्वारा अमेरिकी सीनेट में भेजा जाना है, लेकिन अभी तक पलोसी ने उसे भेजा नहीं है. स्पीकर पलोसी को यह डर है कि सीनेट में यह प्रस्ताव गिर जायेगा. हालांकि, रिपब्लिकन सांसद इंतजार कर रहे हैं कि उनके पास यह प्रस्ताव आये, तो वे उसके खिलाफ वोट करें.
वहीं दो रिपब्लिकन सांसदों ने यह कहा है कि अगर निचले सदन से पास हुए महाभियोग के प्रस्ताव को सीनेट में पलोसी नहीं भेजती हैं, तो हम सब रिपब्लिकन इस प्रस्ताव को सीनेट में पेश करके खुद ही गिरा देंगे. इस तरह ट्रंप की सारी मुश्किल खत्म हो जायेगी. कुल मिला कर देखें, तो अमेरिका में आसन्न राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए यह सब हो रहा है. ट्रंप पर आरोप बहुत मजबूत हैं कि उन्होंने अपने निजी हित के लिए राष्ट्रपति पद और कार्यालय का इस्तेमाल किया है.
आगामी चुनाव में राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन की योजना यह है कि इस मुद्दे को अमेरिकी जनता के सामने मजबूती से पेश किया जाये. लेकिन, अमेरिका में ट्रंप की पॉपुलरिटी बरकरार है, इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि उन पर आरोपों का कोई फर्क पड़ेगा.
(बातचीत पर आधारित)
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