संयुक्त राष्ट्र का दावा- 2019 में समाप्त हो रहे पांच वर्ष का कालखंड सबसे गर्म रहने की आशंका

संयुक्त राष्ट्र : जलवायु पर संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2015 से 2019 का पांच वर्ष का कालखंड वैश्विक औसत तापमान के आधार पर सबसे गर्म रहने वाला है. दुनिया की शीर्ष जलवायु एजेंसी ने रविवार को अपनी रिपोर्ट के अनुसार आशंका है कि यह काल खंड सबसे गर्म […]
संयुक्त राष्ट्र : जलवायु पर संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2015 से 2019 का पांच वर्ष का कालखंड वैश्विक औसत तापमान के आधार पर सबसे गर्म रहने वाला है. दुनिया की शीर्ष जलवायु एजेंसी ने रविवार को अपनी रिपोर्ट के अनुसार आशंका है कि यह काल खंड सबसे गर्म रहने का रिकॉर्ड बनायेगा.
रिपोर्ट में कहा गया है, फिलहाल अंदाजा है कि तापमान औद्योगिक क्रांति (1850-1900) से पहले के मुकाबले 1.1 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होगा और यह 2011-2015 के काल खंड से 0.2 डिग्री सेल्सियस गर्म होगा. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आर्कटिक में गर्मियों में बर्फ का सागर पिछले 40 साल में 12 प्रतिशत प्रति दशक के हिसाब से पिघला है. ना सिर्फ आर्कटिक और अंटार्कटिक की बर्फ तेजी से पिघल रही है, बल्कि कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन भी बढ़ा है. रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन दो प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड उच्च स्तर 37 अरब टन पर पहुंच गया है. यूनाइटेड इन साइंस शीर्षक इस रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है.
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