प्रमिला बसोई: जो आंगनवाड़ी कुक से सांसद बन गईं

Updated at : 04 Jun 2019 10:58 PM (IST)
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प्रमिला बसोई: जो आंगनवाड़ी कुक से सांसद बन गईं

<p>इस लोकसभा में अब तक की सबसे ज़्यादा 78 महिला सांसद चुनी गई हैं.</p><p>इनमें राहुल गांधी को हराकर हैरान करने वाली स्मृति ईरानी हैं तो सबसे नौजवान सांसद चंद्राणी मुर्मू भी.</p><p>लेकिन चर्चा ओडिशा की प्रमिला बिसोई की भी कम नहीं है जो कभी आंगनवाड़ी में खाना बनाने का काम करती थीं, फिर उन्होंने बड़े पैमाने […]

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<p>इस लोकसभा में अब तक की सबसे ज़्यादा 78 महिला सांसद चुनी गई हैं.</p><p>इनमें राहुल गांधी को हराकर हैरान करने वाली स्मृति ईरानी हैं तो सबसे नौजवान सांसद चंद्राणी मुर्मू भी.</p><p>लेकिन चर्चा ओडिशा की प्रमिला बिसोई की भी कम नहीं है जो कभी आंगनवाड़ी में खाना बनाने का काम करती थीं, फिर उन्होंने बड़े पैमाने पर महिलाओं को स्वरोजगार में सहायता की और अब 17वीं लोकसभा में सांसद चुनी गई हैं.</p><p>साड़ी, माथे पर बिंदी, स्पष्ट तौर पर दिखने वाला सिंदूर और नाक में पारंपरिक नोज़ पिन पहनने वाली 70 वर्षीय प्रमिला बिसोई बीजू जनता दल (बीजेडी) के टिकट पर ओडिशा की अस्का लोकसभा सीट से चुनाव जीती हैं. उनकी जीत का अंतर दो लाख से अधिक वोटों का था.</p><p>स्थानीय लोग उन्हें प्यार से ‘परी मां’ कहते हैं. स्वयं-सहायता समूह की एक आम औरत से सांसद तक का उनका सफ़र एक फिल्मी कहानी की तरह है.</p><p>सिर्फ पांच साल की उम्र में प्रमिला की शादी कर दी गई थी. इसलिए वे आगे पढ़ाई भी नहीं कर पाईं. </p><p>इसके बाद प्रमिला ने गांव में ही आंगनवाड़ी रसोइया के तौर पर काम करना शुरू कर दिया. फिर उन्होंने गांव में ही एक स्वयं सहायता समूह की शुरुआत की. उन्हें बहुत जल्दी सफलता मिली और वह ओडिशा के महिला स्वयं सहायता समूह के ‘मिशन शक्ति’ की प्रतिनिधि बन गईं.</p><p>बीजेडी सरकार ने प्रमिला बिसोई को अपनी महत्वाकांक्षी योजना मिशन शक्ति का चेहरा बना दिया. दावा है कि इस योजना से 70 लाख महिलाओं को फायदा मिला. </p><p>मार्च में प्रमिला बिसोई की उम्मीदवारी का ऐलान करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा था, &quot;यह मिशन शक्ति से जुड़ी लाखों महिलाओं के लिए एक उपहार है.&quot;</p><p>मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रमिला के पति चतुर्थ श्रेणी के सरकारी कर्मचारी थे. उनके बड़े बेटे दिलीप चाय की दुकान चलाते हैं और छोटे बेटे रंजन की गाड़ियों की रिपेयरिंग की दुकान है. यह परिवार एक टिन की छत वाले एक छोटे से घर में रहता है. </p><p><strong>पढ़ें</strong></p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/media-48424978?xtor=AL-%5B73%5D-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">मिलिए सबसे युवा सांसद चंद्राणी मुर्मू से</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-48470533?xtor=AL-%5B73%5D-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">मोदी सरकार के नए चेहरे</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-48472528?xtor=AL-%5B73%5D-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">मोदी सरकार की महिला मंत्रियों से मिलिए</a></li> </ul><p>उनके पड़ोसी जगन्नाथ गौड़ा उन्हें बचपन से जानते हैं. <strong>स्थानीय पत्रकार सुब्रत कुमार पति</strong> से वह कहते हैं, &quot;उन्होंने सिर्फ तीसरी क्लास तक पढ़ाई की है पर उन्होंने पास के गांवों में रहने वाली ग़रीब महिलाओं की ज़िंदगी बदल दी है. वह 15 साल से सक्रिय समाजसेवा में हैं. गांव में उनके प्रयास से एक इको पार्क बना है.&quot;</p><p>उनकी नेतृत्व क्षमता पर जगन्नाथ बताते हैं कि बहुत कम पढ़ाई करने के बावजूद प्रमिला सामयिक घटनाओं पर तुरंत गीत रचने का हुनर रखती हैं और महिलाओं को प्रेरित करने के लिए उन्हें गाती भी हैं.</p><p>जगन्नाथ कहते हैं कि प्रमिला के पास एक एकड़ से कुछ कम खेत है, जिसमें काम करने वह कई बार ख़ुद जाती हैं.</p><p>प्रमिला के साथ स्वयं सहायता समूह में काम कर चुकीं शकुंतला ने बताया कि उनके समूह की महिलाएं प्रमिला को माँ की तरह मानती हैं. दस साल पहले प्रमिला के कहने पर ही शकुंतला और गांव की 14 महिलाओं ने मिलकर एक स्वयं सहायता समूह की शुरुआत की थी.</p><p>समूह की महिलाओं ने चर्चा करके मक्का, मूंगफली और सब्ज़ियों की खेती शुरू की और इससे उनकी आमदनी में काफ़ी इज़ाफा हुआ. </p><p>प्रमिला ठीक से हिंदी नहीं बोल सकतीं. लेकिन अंग्रेज़ी अख़बार ‘द हिंदू’ से बातचीत में उन्होंने इस दलील को ख़ारिज़ कर दिया कि राष्ट्रीय राजनीति में सिर्फ हिंदी या अंग्रेज़ी बोलने वाले ही सफल हो सकते हैं.</p><p>उन्होंने कहा, &quot;मैं गर्व से संसद में अपनी मातृभाषा उड़िया में ही बोलूंगी.&quot;</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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