ट्रेंड में #boycottchina, लोग बोल रहे अगला निशाना चीन को बनाओ
Updated at : 15 Mar 2019 9:22 AM (IST)
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मसूद पर चीन के वीटो से लोगों में जबर्दस्त गुस्सा, सोशल मीडिया पर शुरू हुआ चीन के सामानों का विरोध आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन के वीटो से भारत समेत पूरे विश्व के लोगों में चीन के खिलाफ जबर्दस्त गुस्सा है. ट्विटर और फेसबुक […]
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मसूद पर चीन के वीटो से लोगों में जबर्दस्त गुस्सा, सोशल मीडिया पर शुरू हुआ चीन के सामानों का विरोध
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन के वीटो से भारत समेत पूरे विश्व के लोगों में चीन के खिलाफ जबर्दस्त गुस्सा है. ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल साइटों पर लोग चीन के खिलाफ अपनी भड़ांस निकाल रहे हैं.
लोगों ने चीन और चीनी सामान का विरोध करना शुरू कर दिया है. ट्विटर पर #बॉयकॉटचाइना, #बॉयकॉटचाइनीजप्रोडक्ट्स, #बॉयकॉटमसूदअजहरगैंग और #मसूदअजहर समर्थक #चाइना ट्रेंड कर रहे हैं. एक यूजर ने #बॉयकॉटचाइना लिखकर कहा कि चीन को सबक सिखाओ और उसकी अर्थव्यवस्था को ऐसा झटका दो कि उसकी अक्ल ठिकाने आ जाये, क्योंकि चीन पूरी दुनिया में निर्यात करके जितना पैसा कमाता है, उसका 50 फीसदी भारत से कमाता है. चीन की 50 प्रतिशत की कमाई को बंद करो. एक अन्य यूजर ने #बॉयकॉटचाइना के साथ लिखा है कि अभी अल्पकाल में पाक भारत के निशाने पर है.
दीर्घकाल में चीन भारत के निशाने पर होगा. इसलिए अभी तो चीन से सिर्फ आर्थिक जंग चलेगी. कई लोगों ने आइपीएल न देखने की भी अपील की है क्योंकि इस बार कई चीनी कंपनियां आइपीएल की प्रायोजक हैं. वहीं, कई लोगों ने टिकटॉक, लाइक, हेलो, शेयरइट और पबजी जैसे कई चीनी ऐप को भी अनइंस्टॉल कर देने की बात कही. एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि चीनी सामानों की खरीद बंद करें.
एक यूजर ने कहा- चीन की 50 प्रतिशत की कमाई को बंद करो
मोबाइल पर भी बैन लगाने की उठी मांग
लोगों का मानना है कि जब तक चीन आतंक को संरक्षण दे रहा है तब तक हमें चीन के मोबाइल नहीं खरीदना चाहिए. लोगों के निशाने पर कई चीनी मोबाइल कंपनियां शामिल हैं. इनमें वीवो, ओप्पो, हुआवेइ, रेडमी, वन प्लस, जीओनी प्रमुख हैं.
5.30 लाख करोड़ का माल आयात करता है भारत
भारत में चीनी उत्पादों का बाजार बहुत बड़ा है. भारत में चीन का कुल आयात 5.30 लाख करोड़ रुपये का है, जो भारत के कुल आयात का 16 प्रतिशत है. लोगों ने कहा कि चीन से किये जाने वाले आयात को कम करने के लिए भारत सरकार को टैरिफ रेट बढ़ाने की जरूरत है.
चीन से एमएफएन का दर्जा छीनो : मंच
आरएसएस की सहयोगी संस्था स्वदेशी जागरण मंच ने गुरुवार को पीएम मोदी को चिट्ठी लिख कर चीन से भी सबसे ज्यादा तरजीही राष्ट्र का दर्जा छीनने की मांग की है.
आर्थिक बहिष्कार ज्यादा ताकतवर : बाबा रामदेव मसूदअजहर समर्थक चीन विशुद्ध रूप से व्यवसायिक भाषा ही समझता है. आर्थिक बहिष्कार युद्ध से भी ज्यादा ताकतवर है. बॉयकॉटचाइना
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