सुप्रीम कोर्ट करेगी पत्थरबाज़ों के ख़िलाफ़ याचिका की सुनवाई

Updated at : 25 Feb 2019 10:43 PM (IST)
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट करेगी पत्थरबाज़ों के ख़िलाफ़ याचिका की सुनवाई

Getty Images सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक ऐसी याचिका पर सुनवाई करने की हामी भरी है जो कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ काम कर रहे जवानों को पत्थरबाज़ों के हमले से बचाने पर आधारित है. याचिका में सवाल उठाया गया है कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने आख़िर क्यों पत्थर फेंकने वाले युवाओं के ख़िलाफ़ […]

विज्ञापन
undefined
Getty Images

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक ऐसी याचिका पर सुनवाई करने की हामी भरी है जो कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के साथ काम कर रहे जवानों को पत्थरबाज़ों के हमले से बचाने पर आधारित है.

याचिका में सवाल उठाया गया है कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने आख़िर क्यों पत्थर फेंकने वाले युवाओं के ख़िलाफ़ दर्ज 9000 एफ़आईआर को वापस लिया है.

आख़िर क्या है मामला?

सीआरपीएफ़ के पूर्व नायक सूबेदार अनुज मिश्रा की बेटी काजल मिश्रा और सैन्य अधिकारी लेफ़्टिनेंट कर्नल केदार गोखले की बेटी प्रीति गोखले ने 37 पेज लंबी याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी.

इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से ये दरख्वास्त की गई थी कि वह केंद्र सरकार समेत दूसरे सभी पक्षों को वे दिशानिर्देश जारी करें जिससे जम्मू-कश्मीर में अराजक तत्वों की गतिविधियों से अपनी ज़िम्मेदारियों का निर्वाहन करते हुए सशस्त्र सुरक्षाबलों के मानव अधिकारों का हनन न हो.

undefined
AFP

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई समेत जस्टिस संजीव खन्ना ने इस मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार, जम्मू-कश्मीर सरकार और एनएचआरसी को नोटिस जारी करते हुए इस याचिका पर विस्तृत टिप्पणी करने को कहा है.

37 पेज लंबी इस याचिका में सुरक्षाकर्मियों को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले सुरक्षा के अधिकार को सुनिश्चिचत करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से दिशानिर्देश जारी करने की मांग की गई है.

प्रीति गोखले ने सुप्रीम कोर्ट को शुक्रिया करते हुए कहा, "मैं बहुत खुश हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने हमारी याचिका स्वीकार कर ली है. मेरी सुप्रीम कोर्ट से बस यही प्रार्थना है कि वह स्टोन पेल्टिंग मुद्दे पर दिशानिर्देश जारी करे."

वहीं, काजल मिश्रा ने कहा है, "डिफ़ेंस सेक्टर के लोग एक बेहद ही ख़तरनाक जगह पर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं. उन्हें पत्थरबाज़ों से बचाया जाना चाहिए. वे देश के सभी लोगों के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वाहन कर रहे हैं. मैं खुश हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग पक्षों को नोटिस जारी किया और उनसे प्रतिक्रिया मांगी है."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

>
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola