सबरीमला मंदिर में किन्नरों ने कैसे की पूजा अर्चना?

Updated at : 19 Dec 2018 8:29 AM (IST)
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सबरीमला मंदिर में किन्नरों ने कैसे की पूजा अर्चना?

<p>सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में केरल में स्थित सबरीमला मंदिर में महिलाओं को जाने की इजाज़त दी थी. लेकिन इसके बावजूद अब तक पचास से कम उम्र वाली महिलाएं इस मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाई हैं. </p><p>हालांकि, अब चार किन्नरों को मंदिर में प्रवेश करके स्वामी अयप्पा की प्रार्थना करने में सफ़लता पाई […]

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<p>सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में केरल में स्थित सबरीमला मंदिर में महिलाओं को जाने की इजाज़त दी थी. लेकिन इसके बावजूद अब तक पचास से कम उम्र वाली महिलाएं इस मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाई हैं. </p><p>हालांकि, अब चार किन्नरों को मंदिर में प्रवेश करके स्वामी अयप्पा की प्रार्थना करने में सफ़लता पाई है. </p><p>काली साड़ी पहनकर मंदिर परिसर में पहुंची इन चारों किन्नरों की सुरक्षा व्यवस्था की ज़िम्मेदारी केरल पुलिस ने अपने हाथों में ली थी. </p><hr /> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-46248590">परंपरा और आधुनिकता की ‘जंग’ बना सबरीमला विवाद थम क्यों नहीं रहा</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/45898144">सबरीमला पर टिप्पणी में सऊदी अरब से गई नौकरी </a></li> </ul><hr /><h1>हाईकोर्ट की समिति ने मांगी सुरक्षा</h1><p>केरल हाईकोर्ट के आदेश पर गठित दो जजों और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वाली तीन सदस्यीय समिति ने केरल पुलिस को इन किन्नरों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की थी. </p><p>इन चार किन्नरों में से एक किन्नर तृप्ति ने बीबीसी हिंदी से बात करते हुए बताया, &quot;मैं बहुत बहुत खुश हूं क्योंकि हम स्वामी अयप्पा की प्रार्थना कर सके. हम स्वामी अयप्पा के भक्त हैं. हमने ये तीर्थ यात्रा करते हुए सभी नियमों का पालन किया है. हालांकि, रविवार को पुलिस ने सुरक्षा मुहय्या कराने के नाम पर हमें रोका था.&quot;</p><p>बीते दिनों मंदिर में जाने वाले भक्तों की सुरक्षा का मुद्दा काफ़ी चर्चा में रहा है क्योंकि बीजेपी और उसके सहयोगी संगठनों के विरोध के बाद कई सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत महिलाओं को मंदिर में जाने से रोका गया था. </p><p>इन संगठनों ने मांग की थी कि सबरीमला मंदिर में सालों से चल रही परंपरा का पालन किया जाए. </p><p>लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बीती 28 सितंबर को अपना फ़ैसला सुनाते हुए मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की इजाज़त दे दी.</p><hr /> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-46261319">सबरीमला: केंद्र का केरल सरकार पर हमला</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-45889346">सबरीमला मंदिर से पहले मस्जिद क्यों जाते हैं तीर्थयात्री</a></li> </ul><hr /><h1>पुरुषों की तरह पहने कपड़े</h1><p>कुछ पुलिसवालों ने किन्नरों से कहा था कि वे पुरुषों की तरह कपड़े पहनकर मंदिर में प्रवेश करें.</p><p>लेकिन किन्नरों ने इसका विरोध किया और कोट्टयम के प्रमुख पुलिस अधिकारी हरिशंकर से इस बारे में शिकायत की. </p><p>इसके बाद हरिशंकर ने उन्हें सुझाव दिया कि वह केरल हाईकोर्ट की बनाई हुई समिति से इजाज़त ले लें क्योंकि सुरक्षा से जुड़े मामलों पर फ़ैसले लेने का अधिकार इस समिति को दिया गया है. </p><p>जब इस समिति के पास किन्नरों का ये समूह गया तो समिति ने बताया कि क़ानूनी रूप से उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता है. क्योंकि वे 50 से कम उम्र वाली महिलाएं नहीं है. </p><p>तृप्ति कहती हैं, &quot;मैं 33 साल की हूं, अनन्या 26 साल की है, रजीमोल 30 साल की और अवंतिका 24 साल की है.&quot;</p><h1>किन्नरों के प्रवेश पर आपत्ति नहीं</h1><p>मंदिर के पुरोहित और पंडालम शाही परिवार के संरक्षक को भी किन्नरों के मंदिर में प्रवेश करने पर कोई आपत्ति नहीं थी क्योंकि पारंपरिक रूप से किन्नर इस मंदिर में आकर भगवान अयप्पा के दर्शन करते रहे हैं.</p><p>पुलिस ने छह किलोमीटर लंबे रास्ते के लिए इन चार किन्नरों को 20 पुलिसकर्मी उपलब्ध कराए. </p><p>सबरीमला, शनिधानम के एसपी जयदेव जी कहते हैं, &quot;किसी भी तरह की समस्या नहीं थी.&quot;</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-45233283">’क्या सबरीमाला की वजह से केरल में बाढ़ आई?'</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-45675181">सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक हटाई</a></li> </ul><p>शनिधानम वो जगह है जहां से तीर्थयात्री 18 कदम चलकर मंदिर में प्रवेश करते हैं. </p><p>स्वामी अयप्पा की प्रार्थना करने के बाद किन्नरों का ये समूह अगले साल एक बार फिर मंदिर में आना चाहता है. </p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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