चीन को उम्मीद : 5G के प्रायोगिक टेस्ट के लिए चीनी कंपनियों को समान मौके उपलब्ध करायेगा भारत

Updated at : 19 Sep 2018 7:24 PM (IST)
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चीन को उम्मीद : 5G के प्रायोगिक टेस्ट के लिए चीनी कंपनियों को समान मौके उपलब्ध करायेगा भारत

बीजिंग : चीन ने बुधवार को उम्मीद जतायी कि भारत चीनी कंपनियों को समान अवसर के साथ-साथ पारदर्शी एवं निष्पक्ष माहौल उपलब्ध करायेगा. चीन ने भारत में 5जी का प्रायोगिक परीक्षण करने वाली कंपनियों की सूची में चीनी कंपनियों हुवावेई एवं जीटीई को शामिल नहीं किये जाने की खबरों के संदर्भ में यह कहा है. […]

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बीजिंग : चीन ने बुधवार को उम्मीद जतायी कि भारत चीनी कंपनियों को समान अवसर के साथ-साथ पारदर्शी एवं निष्पक्ष माहौल उपलब्ध करायेगा. चीन ने भारत में 5जी का प्रायोगिक परीक्षण करने वाली कंपनियों की सूची में चीनी कंपनियों हुवावेई एवं जीटीई को शामिल नहीं किये जाने की खबरों के संदर्भ में यह कहा है. चीन के सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ में रविवार को प्रकाशित एक खबर में कहा गया है कि भारत के दूरसंचार विभाग ने चीन की हुवावेई एवं जेटीई कॉर्प को ‘सुरक्षा’ कारणों से स्थानीय कंपनियों के साथ मिलकर 5जी प्रौद्योगिकी में काम करने की अनुमति नहीं दी है.

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ग्लोबल टाइम्स की खबर में कहा गया है कि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इन कंपनियों को प्रतिबंधित किये जाने के बाद भारत ने यह कदम उठाया है. हालांकि, दूरसंचार विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि एक समिति के गठन की प्रक्रिया चल रही है, जो यह तय करेगी कि किन क्षेत्रों में 5जी तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है.

दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने 14 सितंबर को कहा था कि कंपनियों ने शुरुआती इस्तेमाल के बारे में बताया है. हम एक कोर समूह का गठन करने वाले हैं, जो उनके साथ बैठकर यह तय करेगी कि हम किन क्षेत्रों में इसका तार्किक इस्तेमाल कर सकते हैं. सुंदरराजन ने कहा कि दूरसंचार विभाग ने स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एमेरिट्स आरोग्यस्वामी जे पॉलराज के सुझाव पर 5जी एप्लिकेशन के विकास और प्रायोगिक परीक्षण के लिए एरिक्सन, नोकिया, सैमसंग, सिस्को और एनईसी से संपर्क किया है. पॉलराज उस 5जी समिति में शामिल हैं, जिसने इस प्रौद्योगिकी के स्पेक्ट्रम की रूपरेखा के बारे में हाल में सुझाव दिया था.

बीजिंग में मीडिया में चल रही खबरों पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि मुझे इस संबंध में जानकारी मिली है. चीन सरकार विदेशों में कारोबार करनी वाली चीनी कंपनियों को दूसरे देशों में आर्थिक सहयोग करते समय अंतरराष्ट्रीय कानूनों एवं स्थानीय कानूनों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करती रही है. उन्होंने 5जी परीक्षण करने वाली कंपनियों की सूची में हुवावेई एवं जेटीई को शामिल नहीं किये जाने के कदम के बारे में कहा कि हमें उम्मीद है कि संबंधित देश चीनी कंपनियों को समान अवसर एवं पारदर्शी तथा निष्पक्ष माहौल उपलब्ध करायेगा.

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