अमरीका में गोलीबारी में भारतीय छात्र की मौत

Updated at : 08 Jul 2018 7:42 AM (IST)
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अमरीका में गोलीबारी में भारतीय छात्र की मौत

<p>अमरीका के मिसौरी के कन्सास सिटी में शुक्रवार शाम को हुई गोलीबारी में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई.</p><p>मारे गए छात्र की पहचान तेलंगाना के वारंगल ज़िले के 25 वर्षीय शरत कोप्पू के रूप में हुई है जो मिसौरी विश्वविद्यालय के छात्र थे.</p><p>मिसौरी की कन्सास सिटी पुलिस ने इस घटना की पुष्टि करते हुए […]

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<p>अमरीका के मिसौरी के कन्सास सिटी में शुक्रवार शाम को हुई गोलीबारी में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई.</p><p>मारे गए छात्र की पहचान तेलंगाना के वारंगल ज़िले के 25 वर्षीय शरत कोप्पू के रूप में हुई है जो मिसौरी विश्वविद्यालय के छात्र थे.</p><p>मिसौरी की कन्सास सिटी पुलिस ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बीबीसी तेलुगू को बताया है कि गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था जहां उनकी मौत हो गई. </p><p>पुलिस ने बताया है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र शरत काम भी करते थे और उनके परिजनों को इस घटना के बारे में बता दिया गया है.</p><hr /> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-44693754">अमरीका में नहीं चलेगा ‘चाइना मोबाइल'</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-44182981">टेक्सस में हुई गोलीबारी में पाकिस्तानी छात्रा की मौत</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-43650991">महिलाएं कम करती हैं गोलीबारी के अपराध</a></li> </ul><p>इस घटना को अंजाम देने वाले हमलावर की पहचान नहीं हो पाई है. हालांकि, पुलिस ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें संदिग्ध दिखाई दे रहा है.</p><p>पुलिस ने हमलावर का सुराग देने वाले को 10 हज़ार डॉलर का ईनाम देने की भी घोषणा की है.</p><p>शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि कंसास पुलिस को शाम सात बजे पता चला कि गोलीबारी की घटना हुई है, जब वह वहां पहुंची तो उसे ख़ून में लथपथ शरत की लाश मिली.</p><p>इससे पहले कंसास सिटी में पहले भी गोलीबारी की घटना हो चुकी है. एक साल पहले हुई गोलीबारी में हैदराबाद के सॉफ़्टवेयर इंजीनियर श्रीनिवास कोचिभोटला की मौत हुई थी.</p><h3>कौन थे शरत?</h3><p>शरत मिसौरी विश्वविद्यालय के छात्र थे.</p><p>उन्होंने वसावी इंजीनियरिंग कॉलेज से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी और उच्च शिक्षा के लिए इस साल जनवरी में अमरीका में आए थे.</p><p>वह एक मार्केट में काम भी किया करते थे. शरत के पिता राम मोहन सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल के कर्मचारी हैं.</p><p>उनका परिवार तीन साल पहले वारंगल से हैदराबाद आ गया था.</p><p>शरत के चचेरे भाई राघवेंद्र शरत का शव अमरीका से भारत लाने के लिए पैसे इकट्ठा कर रहे हैं.</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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