पाकिस्तान को अमेरिका से मिल सकता है करारा झटका, अंतर-एजेंसी नीति की होगी समीक्षा

Updated at : 15 Jun 2017 12:44 PM (IST)
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पाकिस्तान को अमेरिका से मिल सकता है करारा झटका, अंतर-एजेंसी नीति की होगी समीक्षा

वाशिंगटनः पाकिस्तान को अमेरिका की आेर से करारा झटका मिल सकता है. इसके लिए उसने अंतर-एजेंसी नीति की समीक्षा करना शुरू कर दिया है. अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा है कि टंप प्रशासन पाकिस्तान के साथ संबंधों की अंतर-एजेंसी नीति समीक्षा शुरू कर रहा है. उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया […]

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वाशिंगटनः पाकिस्तान को अमेरिका की आेर से करारा झटका मिल सकता है. इसके लिए उसने अंतर-एजेंसी नीति की समीक्षा करना शुरू कर दिया है. अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा है कि टंप प्रशासन पाकिस्तान के साथ संबंधों की अंतर-एजेंसी नीति समीक्षा शुरू कर रहा है. उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राष्ट्रपति ने इस्लामाबाद को दिये जाने वाले सहयोग और वित्तपोषण के बारे में विशेष तौर पर पूछा है.

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टिलरसन ने विदेश मंत्रालय के वाषर्कि बजट प्रस्तावों पर कांग्रेस की सुनवाई के दौरान सांसदों से कहा कि हम पाकिस्तान से जुड़ी नीति की अंतर-एजेंसी समीक्षा शुरू कर रहे हैं. पाकिस्तान को दी जाने वाली मदद पर भी गौर किया जायेगा. टिलरसन ने यह टिप्पणी कांग्रेस सदस्य डाना रोहराबचर की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में की. उन्होंने पूछा था कि अमेरिका पाकिस्तान को वित्तीय मदद देना क्यों जारी रखे हुए है?

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डाना ने पूछा था कि क्या हम अब भी पाकिस्तान को धन दे रहे हैं? ओसामा बिन लादेन का पता लगाने में मदद करने वाले डॉ अफरीदी को वहां एक कोठरी में रखा गया है और अफगानिस्तान में आतंकी तत्वों के कुख्यात समर्थन के साथ पाकिस्तान अपने कृत्यों को जारी रखे हुए है, हम जानते हैं कि आईएसआई भी अपनी हरकतें जारी रखे हुए है. हम आखिर पाकिस्तान को मदद दे ही क्यों रहे हैं?

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टिलरसन ने कहा कि अंतर-एजेंसी समीक्षा में जिन चीजों पर गौर किया जाना है, यह उनमें से एक है. उन्होंने कहा कि जब तक नीति की समीक्षा पूरी नहीं हो जाती, तब तक कोई फैसला नहीं लिया जायेगा. विदेश सचिव ने कहा कि जैसा कि आप समझ सकते हैं कि पाकिस्तान और हमारा संबंध कुछ वृहद मुद्दों से जुडा है, जो कि अफगानिस्तान एवं हिंद-प्रशांत में स्थिरता से संबद्ध हैं. पाकिस्तान सरकार के साथ हमारा संबंध जटिल है, लेकिन हमारी चिंताओं का मजबूत आधार है. उन्होंने कहा कि अफगान नीति की भी समीक्षा चल रही है.

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