Varanasi News: किसान आंदोलन की आड़ में हिन्दू संस्कृति के विरोध की है मंशा, बोले स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 11 Oct 2021 7:57 PM
Varanasi News: स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती ने कहा कि किसान आंदोलन की आड़ में विराट हिन्दू संस्कृति के विरोध की मंशा है. इसे हम लोग पूरा नहीं होने देंगे.
Varanasi News: अखिल भारतीय संत समिति के स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती ने कांग्रेस पार्टी के किसान न्याय यात्रा आंदोलन पर जमकर तीखा प्रहार किया. उनका सीधा प्रश्न था कि ये लोग सिर्फ हिंदुओं के ही त्योहार के वक्त आंदोलन कर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश क्यों करते हैं? अभी दशहरा , दीवाली आने वाली है, मगर उसके पहले ही त्योहारों के रंग आंदोलन द्वारा फीकी करने की शुरुआत कर दी है जबकि ईसाई धर्म और मुस्लिम धर्म के त्योहार अभी बीते हैं, मगर उस वक्त इनके द्वारा कोई आंदोलन नहीं किया जाता है. ये सबकुछ जानबूझकर हिन्दू विरोधी नीति के तहत किया जाता है.
स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती ने अपने बयान में कहा कि ये किसान आंदोलनकारियों की मंशा सिर्फ और सिर्फ विराट हिन्दू समाज के संस्कृति, संस्कार और धर्म के विरोध की मंशा है. किसान आंदोलनकारियों की भेष में ईसाई मिशनरियों के एजेंट, आईएसआई के एजेंट और इसके पीछे पूरा पाकिस्तान खड़ा है. हिन्दुस्तान के अंदर हिन्दू विरोधी ताकतों के रूप में ये सारे आतंकवादी दस्ते इनके साथ खड़े हैं. ये तथाकथित खालिस्तानियों का आंदोलन है.
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अखिल भारतीय संत समिति के स्वामी जितेन्द्रानन्द सरस्वती ने कहा कि किसान आंदोलन अब हिन्दू विरोध के रूप में शिफ्ट होता जा रहा है. मैं देश के, दुनिया के, सनातन धर्माचार्यों से और हिन्दू धर्मावलंबियों से यह अपील करुंगा कि हिन्दू त्योहारों पर माहौल, शांति बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों का मुंहतोड़ जवाब देने का वक्त आ गया है.
रिपोर्ट- विपिन सिंह
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