Varanasi News: काशी विश्वनाथ मंदिर के परिसर में खड़ाऊ करेंगी खटपट; पढ़ें क्यों लिया गया ये फैसला?
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 30 Dec 2021 3:47 PM
काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह और उसके आस-पास अर्चक व शास्त्री के लिए करीब 180 जोड़े खड़ाऊ मंगाए गए हैं. ठंड से बचने और बचाने के लिए की गई इस कवायद को हर साल दोहराया जाता है.
Varanasi News: काशी विश्वनाथ मंदिर गर्भगृह और उसके आस-पास अर्चक व शास्त्री के साथ पुलिस के जवानों के लिए खड़ाऊ मंगाए गए हैं. कारण, जूता पहनकर मंदिर परिसर में घूमने पर पाबंदी रहती है. अब गर्मी का मौसम हो तो चल भी जाएगा. मगर ठंड में क्या होगाᣛ? इसी समस्या का समाधान निकालते हुए इन लोगों के लिए खड़ाऊ की व्यवस्था की गई है.
जानकारी के मुताबिक, काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह और उसके आस-पास अर्चक व शास्त्री के लिए करीब 180 जोड़े खड़ाऊ मंगाए गए हैं. ठंड से बचने और बचाने के लिए की गई इस कवायद को हर साल दोहराया जाता है. इसका वितरण भी कर दिया गया है. मंदिर के प्रशासन से जुड़े लोगों ने बताया कि यह इस मंदिर की बहुत पुरानी परम्परा है.
इस बारे में जानकारी देते हुए मंदिर के मुख्यकार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर में सुरक्षाकर्मियों के लिए नई व्यवस्था बनाई गई हैं. शीतलहर को देखते मंदिर के सहकर्मी अपने दायित्यों का पूर्णरूप से निर्वहन कर सकें. इसके लिए धार्मिक मान्यता के अनुरूप पूर्व के वर्षों की भांति दी जाने वाली खड़ाऊ दी गई है ताकि वे एक जगह खड़े होकर अपनी ड्यूटी निभा सकें.
उन्होंने बताया कि शीतलहरी चल रही है. ऐसे में मार्बल पत्थर और भी ज्यादा ठंड महसूस कराते हैं. इसीलिए खड़ाऊ इनके लिए बहुत ही जरूरी है. खासकर की मंदिर के गर्भगृह के आस-पास रहने वाले लोगों को ये खड़ाऊ दी गई हैं. श्रद्धालुओं को ठंड के मद्देनजर कहीं भी दर्शन करने के दौरान ठहराव के लिए बाध्य नहीं किया जाता है. वे जैसे ही मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं वे तुरंत शिवलिंग के दर्शन करते हुए अपने गंतव्य की ओर निकल जाते हैं.
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रिपोर्ट : विपिन सिंह
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