अखिलेश यादव बोले- पुलिस बड़ी निशानेबाज, मोटरसाइकिल में बैठकर भागते अपराधी की टांग में मार देती है गोली

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लखीमपुर खीरी में यूपी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कार्यवाहक डीजीपी को लेकर सरकार पर निशाना साधा, वहीं सुब्रत पाठक मामले में भी कानून व्यवस्था पर कटाक्ष किया. अखिलेश ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले अफसरों को भी लगा था कि सपा सरकार बनेगी.
Lakhimpur Kheri: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को योगी सरकार पर कई मामलों को लेकर निशाना साधा. उन्होंने लखीमपुर खीरी से धौरहरा के लिए लोक जागरण रथयात्रा निकाली. इस मौके पर उन्होंने जनसभा में कहा कि अपनी मनमानी जारी रखने के कारण यूपी में लगातार कार्यवाहक डीजीपी बनाए जा रहे हैं. उन्होंने पुलिस एनकाउंटर को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा कि पुलिस हिरासत में सबसे ज्यादा मौतें भाजपा सरकार में हुई हैं.
अखिलेश यादव ने कन्नौज से भाजपा सांसद सुब्रत पाठक का नाम लिए बगैर कहा कि कमाल के सांसद हैं, अपने गुंडों और तमाम दंबगों को लेकर पुलिस की ऐसे पिटाई की, कि उन्हें समझ में नहीं आया किधर भागें. अगर कहीं बुलडोजर खड़ा मिलता तो पुलिसकर्मी उसके पीछे छिपकर अपनी जान बचा लेते.
अखिलेश यादव ने कहा कि कार्यवाहक डीजीपी इसलिए बनाए जा रहे हैं, ताकि भाजपा के लोग अपनी मर्जी से अन्याय कर सकें. सरकार के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में लगभग 11000 एनकाउंटर हुए हैं. वहीं एनकाउंटर में 5000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. इसके अलावा 200 लोगों की मौत हुई है.
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सपा अध्यक्ष ने कहा कि ये दुःख की बात है कि जब से भाजपा सरकार आई है, तब से कस्टोडियल डेथ सबसे ज्यादा हुई है. उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस इतनी बड़ी निशानेबाज है कि चलती मोटरसाइकिल में दौड़ते व्यक्ति के पैर में गोली मार देती है.
ऐसा देश के इतिहास में पहली बार हुआ है. एनकाउंटर में घायलों में से ज्यादातर की टांग में गोली मारी गई है. इसके साथ ही एनकाउंटर में जिस पिस्टल से आरोपी को गोली लगती है, वह कोर्ट के समक्ष पेश नहीं की जा रही है. ऐसे में समझा जा सकता हे कि कार्यवाहक डीजीपी क्यों बनाए जा रहे हैं.
अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले अधिकारियों का व्यवहार बदल गया था. उन्हें लग रहा था कि समाजवादी सरकार आ रही है. लेकिन, जब सरकार नहीं बनी तो व्यवहार फिर बदल गया.
उन्होंने कहा कि यह सरकार ऐसी है जिसको कोई परवाह नहीं है. 700 से ज्यादा किसानों की जान चली गई, सरकार पर कोई फर्क नहीं पड़ा. बाद में इन्होंने कृषि कानून इसलिए वापस लिए क्योंकि यूपी समेत अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले थे. इन्हें लगा कि अगर काले कानून वापस नहीं लिए गए तो सभी जगह किसान उनके खिलाफ मतदान के लिए खड़े हो जाएंगे. जिन कंपनियों के लिए काले कानून लाए गए थे, उन्हीं कंपनियों ने किसानों का पूरा गेहूं खरीद लिया. अगर सरकार ईमानदार है तो बताए कि सरकार ने कितना गेहूं खरीदा है.
सपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने जैसे ट्रिपल इंजन की बात कही तो उड़ीसा में तीन इंजन टकरा गए. अभी भी मृतकों की सही संख्या नहीं बताई जा रही है. सरकार के मंत्री कहते थे कि सुरक्षा कवच है. लेकिन, ये भाजपा के भ्रष्टाचार का कपट है और भ्रष्टाचार की वजह से ही ट्रेनें टकरा गईं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी अपना डीजीपी नहीं बना पा रहे हैं. कार्यवाहक डीजीपी से काम चलाया जा रहा है. ऐसा इसलिए है, क्योंकि लखनऊ और दिल्ली के इंजन आपस में टकरा रहे हैं.
सपा अध्यक्ष ने कह पहलवानों के मुद्दे पर कहा कि ये अपने घर की बेटियों की तरह हैं. इन्हें न्याय के लिए धरने पर बैठना पड़ा. जिन बेटियों ने हमारे देश का नाम रोशन किया हो, जिन पर पूरे देश को गर्व करें, उनके खिलाफ पूरी सरकार एक साथ खड़े हो गई.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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