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Exclusive: अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप के नाम से यूनिवर्सिटी, हाथरस में राजा की प्रतिमा की बेकदरी

Updated at : 11 Aug 2022 5:59 PM (IST)
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Exclusive: अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप के नाम से यूनिवर्सिटी, हाथरस में राजा की प्रतिमा की बेकदरी

स्वतंत्रता सेनानी व शिक्षाविद राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम से अलीगढ़ में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई. इसकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रखी थी. अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी शुरू करके उन्हें सम्मान प्रदान किया गया.

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Aligarh News: जहां एक और स्वतंत्रता सेनानी राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम से अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय खोला गया. दूसरी ओर अलीगढ़ के पड़ोसी जनपद हाथरस के मुरसान में राजा महेंद्र प्रताप सिंह की प्रतिमा झाड़ियों के पीछे धूल फांक रही है.

सीएम योगी ने रखी थी नींव

स्वतंत्रता सेनानी व शिक्षाविद राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम से अलीगढ़ में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई. इसकी नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रखी थी. अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी शुरू करके उन्हें सम्मान प्रदान किया गया. वहीं, अलीगढ़ के पड़ोसी जनपद हाथरस में कुछ उल्टा ही हो रहा है. हाथरस के मुरसान में राजा महेंद्र प्रताप सिंह की प्रतिमा झाड़ियों के पीछे धूल फांक रही है.

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प्रतिमा धूल फांक रही

राजा महेंद्र प्रताप सिंह का जन्म हाथरस के मुरसान में 1886 में हुआ था. वहीं से यह नाम पूरे विश्व में ख्याति को प्राप्त हुआ. हाथरस के मुरसान में ही राजा महेंद्र प्रताप सिंह की प्रतिमा को सम्मान नहीं दिया जा रहा है. एक प्लॉट के कोने में राजा महेंद्र प्रताप सिंह की प्रतिमा रखी हुई है. प्रतिमा के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं. झाड़ियों ने प्रतिमा को चारों ओर से घेर रखा है. राजा महेंद्र प्रताप सिंह की जन्म स्थली में ही उनकी प्रतिमा धूल फांक रही है. स्थानीय प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है.

भूले आजादी के दीवाने को…

जहां एक और देश के 75 में स्वतंत्रता दिवस पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है वही आजादी के दीवाने राजा महेंद्र प्रताप सिंह को उन्हीं के जन्म स्थान हाथरस में भुला दिया गया है. राजा महेंद्र प्रताप सिंह के प्रयास से 1 दिसम्बर 1915 में काबुल से भारत के लिए अस्थाई सरकार की घोषणा की गई थी, जिसके राष्ट्रपति खुद राजा महेन्द्र प्रताप व प्रधानमंत्री मौलाना बरकतुल्ला खां बने थे. राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया.

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राजा महेंद्र प्रताप सिंह के बारे में…

राजा महेन्द्र प्रताप सिंह का जन्म 1 दिसंबर 1886 को हाथरस के मुरसान रियासत के शासक जाट परिवार में हुआ. राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने अलीगढ़ में सर सैयद खां के स्कूल में शिक्षा ग्रहण की. पिता घनश्याम की मौत हो के बाद रियासत संभाली. प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान वे भारत को आजादी दिलवाने के इरादे से विदेश गये. 1 दिसम्बर 1915 में काबुल से भारत के लिए अस्थाई सरकार की घोषणा की. द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान 1940 में जापान में भारतीय एक्सिक्यूटिव की स्थापना की. साल 1957 के लोकसभा चुनाव में मथुरा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनसंघ उम्मीदवार बने और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को हराकर सांसद चुने गए.

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रिपोर्ट : चमन शर्मा

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