West Bengal News : बंगाल सफारी पार्क खुलने के बाद भी रॉयल बंगाल शावकों का दीदार नहीं कर सकेंगे पर्यटक

West Bengal News : सिलीगुड़ी (जीतेंद्र पांडेय) : बंगाल सफारी पार्क खुलने के छह महीने तक बाघिन शीला के तीनों शावकों को पर्यटक देख नहीं सकेंगे. जानकारी मिली है कि छह महीने से एक साल तक तीनों शावकों को पर्यटकों से दूर रखा जा सकता है. इतना ही नहीं, बाघिन शीला भी अपने बच्चों के बड़े होने तक बाड़े में ही रहेगी. बंगाल सफारी सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार फिलहाल पार्क में पर्यटकों का मनोरंजन करने के लिए विवान, रीका, कीका रॉयल बंगाल टाइगर मौजूद हैं.
West Bengal News : सिलीगुड़ी (जीतेंद्र पांडेय) : बंगाल सफारी पार्क खुलने के छह महीने तक बाघिन शीला के तीनों शावकों को पर्यटक देख नहीं सकेंगे. जानकारी मिली है कि छह महीने से एक साल तक तीनों शावकों को पर्यटकों से दूर रखा जा सकता है. इतना ही नहीं, बाघिन शीला भी अपने बच्चों के बड़े होने तक बाड़े में ही रहेगी. बंगाल सफारी सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार फिलहाल पार्क में पर्यटकों का मनोरंजन करने के लिए विवान, रीका, कीका रॉयल बंगाल टाइगर मौजूद हैं.
सरकार से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद दो अक्टूबर से बंगाल सफारी पार्क समेत राज्य के अन्य चिड़ियाघरों को खोलने का फैसला लिया गया है. इन छह महीनों में बंगाल सफारी पार्क को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है. दार्जिलिंग-सिक्किम घूमने आनेवाले देश-विदेश के पर्यटक बंगाल सफारी पार्क में रॉयल बंगाल टाइगरों को देखने के लिए खास तौर पर आते थे.
लॉकडाउन में बाघिन शीला ने तीन शावकों को जन्म दिया था. जिससे बंगाल सफारी पार्क में रॉयल बंगाल टाइगरों की संख्या सात हो गई है. इसके बाद से ही पार्क प्रबंधन शीला तथा उसके शावकों के स्वास्थ्य पर खास ध्यान दे रहा है. उन चारों को 24 घंटे चिकित्सकों की निगरानी में रखा जा रहा है. पार्क सूत्रों ने बताया कि शावकों के जन्म के बाद शीला के खाने का डोज भी बढ़ा दिया गया है.
रोजाना बाघिन शीला को 10 किलो मांस दिया जा रहा है. इसी के साथ अन्य सप्लीमेंट भी शीला को मुहैया कराये जा रहे हैं. फिलहाल तीनों शावक अपनी मां का दूध पी रहे हैं. तीन महीने बाद धीरे-धीरे उनके खाने में मांस को जोड़ा जायेगा. बंगाल सफारी पार्क के निदेशक बादल देवनाथ ने बताया कि पार्क खुलते ही रॉयल बंगाल टाइगर के तीनों शावकों को पर्यटकों के सामने नहीं लाया जायेगा. उन्होंने कहा कि तीनों शावक एक महीने के हो गये हैं. धीरे-धीरे वे चलना सीख रहे हैं. ऐसे में उनकी मां से उन्हें अलग करना शावकों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होगा. उन्होंने बताया कि तीन महीने बाद पार्क प्रबंधन शावकों को पर्यटकों के सामने लाने पर विचार करेगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तीनों शावक बहुत छोटे हैं.
पर्यटकों के आगमन से पहले ही बंगाल सफारी पार्क को अच्छे से सैनिटाइज किया जा रहा है. पार्क में सोशल डिस्टैंसिंग का खास ध्यान रखा जायेगा. पैदल घूमने वाले पर्यटकों को हर जगहों पर जाने की अनुमति नहीं होगी. सोशल डिस्टैंसिंग के साथ पर्यटकों के लिए सफारी में तीन बस चलाये जायेंगे. गेट पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही पर्यटकों को पार्क के अंदर आने की अनुमति होगी. पर्यटकों की सुविधा का ध्यान रखते हुए सफारी बस स्टैंड के पास एक नया कैंटिन भी बनाया जा रहा है.
Posted By : Guru Swarup Mishra
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




