इकलौता गांव जहां हर मर्द बनता है घर जमाई, पारिवारिक संपत्ति की उत्तराधिकारी भी महिलाएं

Edited by Sameer Oraon
Updated:
विज्ञापन

Pic Credit- Freepik

Unique Village Story: भारत में जहां ज्यादातर समाज पुरुष प्रधान हैं, वहीं मेघालय की खासी जनजाति एक मातृसत्तात्मक समाज है. जानिए इस समुदाय की संस्कृति और परंपराएं.

विज्ञापन

Unique Village Story: हमारा समाज पुरुष प्रधान है. घर की संपत्तियों पर पहला अधिकार पुरुषों का होता है. लेकिन क्या आपको पता है भारत में रहने वाला एक समुदाय ऐसा है जो महिला प्रधान समाज है. जी हां आपने बिल्कुल सही पढ़ा. मेघालय में पायी जाने वाली खासी आदिवासी समुदाय मातृसत्तात्मक प्रणाली को अपनाता है. यह जनजाति समाज, पर्यावरण और स्त्री-सशक्तिकरण का अद्वितीय उदाहरण पेश करता है.

दुल्हन नहीं दूल्हे को छोड़ना पड़ता है घर

जी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार खासी जनजाति में पुरुष जब घर के किसी सबसे छोटी बेटी के विवाह करता है तो दुल्हन को नहीं बल्कि दूल्हे को घर छोड़ना पड़ता है. इतना ही नहीं घर की महिलाएं ही पारिवारिक संपत्ति की उत्तराधिकारी होती है.

Also Read: सपने में दोस्त से हो गयी है लड़ाई तो सावधान रहें, स्वप्न शास्त्र देते हैं बड़ा संकेत

कौन हैं खासी आदिवासी?

खासी जनजाति मेघालय की तीन प्रमुख जनजातियों में से एक है. इन समुदायों के लोग खुद को विभिन्न उपसमूहों में बांटते हैं, लेकिन खासी समुदाय ही कहलाते हैं. इनकी भाषा को खासी (Khasi) कहा जाता है, जो ऑस्ट्रो-एशियाटिक भाषा परिवार से संबंधित है. इनकी जीवनशैली प्राकृतिक संतुलन पर आधारित है. यहां पर जंगल को काटना और वन्य जीवों का शिकार करना वर्जित है. ऐसा इसलिए क्योंकि ये जंगल को देवताओं का घर मानते हैं. नदी, पहाड़, और वृक्षों की पूजा ही इनके आध्यात्मिक जीवन का हिस्सा है.

क्या है प्रमुख पर्व

खासी जनजाति के लोकनृत्य, गीत और पारंपरिक पोशाक उनकी सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं. शाद सुक मिंसीम इनका एक प्रमुख पर्व है, जो पर्यावरण के प्रति आभार प्रकट करने के लिए मनाया जाता है.

Also Read: Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा के दर्शन से पहले रखें इन बातों का ध्यान, कैंची धाम पहुंचने में होगी आसानी

विज्ञापन
Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola