पेपर लीक पर केंद्र सरकार सख्त, विद्यार्थियों को नहीं बनाया जाएगा निशाना; संसद में पेश हुआ विधेयक

Author Neha singh
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पेपर लीक पर केंद्र सरकार सख्त, विद्यार्थियों को नहीं बनाया जाएगा निशाना; संसद में पेश हुआ विधेयक

पेपर लीक के मामले लगातार सामने आ रहे थे. पेपर लीक पर नकेल कसने के लिए संसद में क्रेंद सरकार ने विधेयक पेश किया है. इस विधेयक के पेश करने से परीक्षा में गड़बड़ी रोकने का कानून बनाया जाएगा.

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केंद्र सरकार द्वारा संसद में सोमवार को एक नया विधेयक पेश किया गया. सरकार द्वारा यह विधेयक प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनियमितताओं से सख्ती से निपटने के लिए पेश किया गया है. विधेयक के अनुसार पेपर लीक में अपराधी पाए जाने पर 1 से 10 साल तक की जेल और 3 से 5 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान हो सकता है. सोमवार को पेश हुए विधेय को लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) विधेयक 2024 का नाम दिया गया जिसे सोमवार को संसद में पेश किया गया. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल में ही इस विधेयक को मंजूरी दी थी.

लगातार होता रहा है पेपर लीक

बीते सालों से लगातार पेपर लीक के मामले(Paper Leak Case) सामने आ रहे हैं. परीक्षा पत्र लीक होना जब एक बड़ी समस्या बन गई तब क्रेंद सरकार को इस तरह का कानून लाने की जरूरत महसूस हुई. पिछले साल परीक्षा पत्र लीक होने के बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा, हरियाणा में ग्रुप-डी पदों के लिए साामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी), गुजरात में कनिष्ठ लिपिकों के लिए भर्ती परीक्षा और बिहार में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा समेत अन्य परीक्षाएं रद्द की गयी थीं. गुजरात जैसे कुछ राज्य इस समस्या से निपटने के लिए अपने कानून लेकर आए हैं. इससे उन छात्रों को भारी नुकसान होता है जिन्होंने परीक्षा के लिए काफी मेहनत की होती है.

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विद्यार्थी नहीं होंगे निशाने पर 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल में ही लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) विधेयक, 2024 को मंजूरी दी थी. इसके बाद इसे सोमवार को संसद में पेश किया गया. प्रस्तावित विधेयक में विद्यार्थियों को निशाना नहीं बनाया जाएगा. इसके अनुसार संगठित अपराध, माफिया और साठगांठ में शामिल पाए गए लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के प्रावधान शामिल हैं. विधेयक में एक उच्च-स्तरीय तकनीकी समिति का भी प्रस्ताव है, जो कम्प्यूटर के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सिफारिशें करेगी. यह एक केंद्रीय कानून होगा और इसके दायरे में संयुक्त प्रवेश परीक्षाएं और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षाएं भी आएंगी.

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