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शिक्षक भर्ती घोटाला : 23 लाख ओएमआर शीट में से 8163 के बदले गये नंबर

Updated at : 10 Dec 2022 11:32 AM (IST)
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शिक्षक भर्ती घोटाला : 23 लाख ओएमआर शीट में से 8163 के बदले गये नंबर

पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हाइकोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की. ग्रुप-डी, ग्रुप-सी से लेकर माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति तक हर क्षेत्र में धांधली हुई है.

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पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हाइकोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश की. केंद्रीय जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है कि बंगाल में स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के माध्यम से हुई नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है. गैर-शिक्षक या शिक्षक, जिस भी श्रेणी में नियुक्तियां की गयी हैं, गड़बड़ी मिली है. ग्रुप-डी, ग्रुप-सी से लेकर माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर पर शिक्षकों की नियुक्ति तक हर क्षेत्र में धांधली हुई है. रिपोर्ट में दावा किया है कि परीक्षा की ओएमआर शीट से लेकर पैनल एवं प्रतीक्षा सूची सहित हरेक स्तर पर गड़बड़ियां पायी गयी हैं. कुल 23 लाख ओएमआर शीट में से 8163 ओएमआर शीट में नबंरों को बदला गया है. सीबीआइ ने बताया कि उन लोगों ने तीन हार्ड डिस्क व आयोग के डेटाबेस की जांच की है और वहां से धांधली के मामले सामने आये हैं.

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कैसे हुआ खुलासा

सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ग्रुप-डी, ग्रुप-सी, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए हुई परीक्षा की ओएमआर शीट का मूल्यांकन एवं स्कैन करने का जिम्मा नाइसा कम्यूनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया था. सभी ओएमआर शीट की स्कैनिंग आयोग के कार्यालय में हुई थी. मूल्यांकन व स्कैनिंग के बाद नाइसा कम्यूनिकेशन ने अभ्यर्थियों के प्राप्तांक की तालिका आयोग को सौंप दी थी. इसके बाद आयोग ने अपने सर्वर व डेटाबेस में इसे अपलोड किया था. जब मामले की जांच शुरू की गयी तो नाइसा कम्यूनिकेशन के पूर्व कर्मचारी पंकज बंसल के गाजियाबाद स्थित घर से तीन हार्ड डिस्क मिले. इस हार्ड डिस्क में ओएमआर शीट की स्कैन कॉपी व नंबर थे. गाजियाबाद से जब्त किये गये तीनों हार्ड डिस्क व स्कूल सेवा आयोग के डेटाबेस से मिले तथ्यों की जब जांच की गयी है, तब इस धांधली खुलासा हुआ.

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एसएससी के पूर्व चेयरमैन के निर्देश पर बढ़ाये जाते थे नंबर

सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि एसएससी के पूर्व चेयरमैन ( जो अभी जेल में हैं) सुबीरेश भट्टाचार्य ने कई ऐसे अभ्यर्थियों के लिए सिफारिश की थी, जिन्होंने परीक्षा पास ही नहीं किया था. सुबीरेश भट्टाचार्य के निर्देश पर एसएससी के तत्कालीन प्रोग्राम ऑफिसर पर्णा बसु इन अभ्यर्थियों के नंबर बढ़ाती थीं. इससे अयोग्य अभ्यर्थियों के नाम पैनल एवं प्रतीक्षा सूची में आ जाते थे. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सुबीरेश भट्टाचार्य ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया था कि एसएससी के पास मौजूद डेटाबेस में जिस प्रकार से फेल हुए अभ्यर्थियों का नंबर बढ़ाया गया है, उसी प्रकार नाइसा कम्यूनिकेशन के डेटाबेस में भी इसे परिवर्तित कर दिया जायेगा और इस काम में नाइसा के उपाध्यक्ष मदद करेंगे.

अगली सुनवाई में विस्तृत जानकारी देगी सीबीआई 

सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि नियुक्तियों में हुई धांधली से संबंधित रिपोर्ट स्कूल सेवा आयोग को भी सौंप दी गयी है. हाइकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई के दिन सीबीआई अदालत में रिपोर्ट के बारे में विस्तार से जानकारी देगी.

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Shinki Singh

लेखक के बारे में

By Shinki Singh

10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.

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