ePaper

अलीगढ़: सपा ने पूर्व विधायक हाजी जमीर उल्ला खान को दिया महापौर का टिकट, नाराज होकर छोड़ी थी पार्टी

Updated at : 15 Apr 2023 7:25 PM (IST)
विज्ञापन
अलीगढ़: सपा ने पूर्व विधायक हाजी जमीर उल्ला खान को दिया महापौर का टिकट, नाराज होकर छोड़ी थी पार्टी

समाजवादी पार्टी ने अलीगढ़ में मेयर प्रत्याशी दो बार के विधायक हाजी जमीर उल्लाह खान को बनाया है. हाजी जमीर उल्लाह खान दो बार शहर और कोल से विधायक रह चुके हैं.

विज्ञापन

अलीगढ़ : समाजवादी पार्टी ने अलीगढ़ में मेयर प्रत्याशी दो बार के विधायक हाजी जमीर उल्लाह खान को बनाया है. हाजी जमीर उल्लाह खान दो बार शहर और कोल से विधायक रह चुके हैं. अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. एक समय था जब हाजी जमीर उल्ला खान शिवपाल यादव खेमे के थे. जिसके चलते समाजवादी पार्टी ने तीसरी बार विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया था. इससे नाराज होकर हाजी जमीर उल्ला खान, सपा प्रत्याशी अज्जू इसहाक के खिलाफ निर्दलीय लड़ गए थे. जिससे सपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि जमीर उल्लाह खान बसपा और कांग्रेस में भी कुछ दिन के लिए गये. फिर वापस समाजवादी पार्टी में लौट आये.

जमीर उल्लाह खान को ओवैसी भी अपने पार्टी में बुला चुके हैं

2022 विधानसभा चुनाव में इगलास में राष्ट्रीय लोक दल और सपा की संयुक्त रैली के मंच पर हाजी जमीर उल्लाह खान को बैठने के लिए जगह नहीं मिली थी. इसका वीडियो भी जमकर वायरल हुआ था. जो कि 10 सेकंड का था. हालांकि इस पर मुस्लिम नेताओं ने प्रतिक्रिया दी थी. जिसमें जमीर उल्ला खान का दर्द भी सामने आया था. तब असदुद्दीन ओवैसी ने कहा था कि मेरी पार्टी में आ जाइये, मैं कंधे पर बैठाऊंगा. जमीर उल्लाह खान 15वीं और 16वीं विधानसभा के सदस्य रहे. वह कोल व शहर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था. जमीर उल्लाह खान आठवीं कक्षा तक पढ़े हैं. और हार्ड वेयर के बिजनेस से जुड़े रहे. जमीर उल्ला खान 2005 में गाय बचाओ आंदोलन भी चला चुके हैं.

एमपी एमएलए कोर्ट ने सुनाई थी तीन महीने की सजा

16 साल पुराने मामले में धारा 144 के उल्लंघन के मामले में विधायक हाजी जमीर उल्लाह खान को तीन महीने की सजा सुनाई गई थी. 2006 में एक मुकदमे में एमपी एमएलए कोर्ट ने दोषी माना था. 2006 में नगर निकाय चुनाव के दौरान हाजी जमीर उल्लाह खान मेयर के प्रत्याशी थे और उन्होंने धारा 144 का उल्लंघन करते हुए देर रात जनसभा का आयोजन किया था. उस समय हाजी जमीर उल्लाह खान पर मुकदमा दर्ज हुआ था. मेयर पद के प्रत्याशी हाजी जमीर उल्लाह खान पर जामा मस्जिद रोड के पास अपने समर्थकों के साथ चुनाव में आचार संहिता का उल्लंघन किया था. रात 10 बजे सभा खत्म होनी थी, लेकिन 11:30 तक डेढ़ सौ समर्थकों के साथ लाउडस्पीकर बजाते रहे थे.

विवादित बयानों के कारण रहते हैं चर्चा में

हाजी जमीर उल्लाह खान अपने विवादित बयानों के कारण अक्सर चर्चाओं में रहते हैं. उन्होंने मदरसों पर सर्वे के विरोध में बयानबाजी की थी. उन्होंने कहा था कि अगर मदरसों का सर्वे किया गया तो हर घर में मदरसे खोले जाएंगे. बुर्का पहनने को लेकर भी हाजी जमीर उल्लाह खान का विवादित बयान आया था. तब उन्होंने कहा था कि बुर्का बैन करने वालों को नंगा करके घुमाया जाये. इन लोगों को तब मालूम पड़ेगा कि बे -पर्दगी क्या होती है. हाजी जमीर उल्लाह खान का पुराने अलीगढ़ शहर और सिविल लाइन दोनों एरिया में अच्छा दखल रखते है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola