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बीरभूम हिंसा मामला : बोगतुई गांव में आज से दो दिवसीय धरना देंगे शुभेंदु अधिकारी, एसडीओ ऑफिस पर प्रदर्शन

Updated at : 26 Mar 2022 9:30 AM (IST)
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बीरभूम हिंसा मामला : बोगतुई गांव में आज से दो दिवसीय धरना देंगे शुभेंदु अधिकारी, एसडीओ ऑफिस पर प्रदर्शन

भाजपा विधानसभा विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में दो दिवसीय बोगतुई ग्राम में धरना प्रदर्शन आज से शुरू होगा. नरसंहार की घटना को लेकर अभी भी कई आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी.

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बीरभूम/पानागढ़ : पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट के एक नंबर ब्लॉक के बोगतुई गांव में पिछले सोमवार को हुई हिंसा के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भाजपा के नेता शुभेंदु अधिकारी शनिवार से दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे. प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी रामपुरहाट एसडीओ कार्यालय के सामने दो दिवसीय धरना पर बैठेंगे. इस दौरान प्रदर्शन भी किया जाएगा.

बताते चलें कि बीरभूम जिले के रामपुरहाट कि बाती नरसंहार की घटना को लेकर हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश शुक्रवार को ही जारी कर दिया था. इसके बाद भाजपा विधानसभा विपक्षी दल के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में दो दिवसीय बोगतुई ग्राम में धरना प्रदर्शन आज से शुरू होगा. नरसंहार की घटना को लेकर अभी भी कई आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखेगी.

भाजपा के जिला सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुभेंदु अधिकारी के अगुवाई में यह धरना प्रदर्शन चलेगा भाजपा के जिला नेताओं का कहना है कि इस धरना प्रदर्शन से केवल बोगतुई ही नहीं राज्य के अन्य जिलों में हुए हत्याओं और विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा समर्थकों, कार्यकर्ताओं की हत्या का प्रतिवाद भी जताया जाएगा तथा इन मामलों में अभी भी सीबीआई के चंगुल से बच कर छुप कर रहने वाले नेताओं की गिरफ्तारी की मांग उठेगी.

दूसरी ओर बर्दवान की कॉलेज छात्रा तूहीना खातून का मामला भी अधर में लटका हुआ है. तृणमूल के ही स्थानीय काउंसिलर के खिलाफ हत्या का दबाव देने का तथा अन्य दो बहनों की जीवन खतरे में है इसे लेकर भी आवाज उठाई जाएगी. छात्र नेता अनिसुर रहमान का भी मामला अधर में है. इस मामले में भी अभी तक मूल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

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राज्य में इस तरह के कई मामले हैं जिसमें साफ तौर पर तृणमूल के नेताओं का हाथ खून से रंगा हुआ है, लेकिन अभी भी वे खुलेआम घूम रहे हैं. बोगतुई नरसंहार की घटना ने राज्य सरकार की पोल खोल दी है. जहां से स्वयं राज्य सरकार भी हिल गई है .यही कारण है कि स्वयं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 10 दिनों का पुलिस को अल्टीमेटम दिया है कि अपराध और अपराधियों को अस्त्र-शस्त्र के साथ गिरफ्तार किया जाए. आज बोगतुई की भूमि से शुभेंदु अधिकारी राज्य सरकार को क्या इंगित करते हैं यह देखने की बात है?

भाजपा के नेताओं का कहना है कि विधानसभा चुनाव में जिस तरह से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फुटबॉल को लेकर खेला ओबे का स्लोगन दिया था. आज उन्हीं के दल के नेता फुटबॉल की जगह मानव खोपड़ी के साथ खेला खेल रहे हैं. इस तरह का खेला का हम प्रतिवाद करते हैं.

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