फिर से चंदन की खुशबू से महकेगा शांति निकेतन,14 हजार से ज्यादा लगाए जाएंगे पौधे
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Jul 2023 4:34 PM
शांति निकेतन एक समय बेहद कीमती चंदन के जंगल के रूप में जाना जाता था. विशेषकर सफेद चंदन के पेड़ पूरे शांतिनिकेतन में पाए जाते थे.
बोलपुर, मुकेश तिवारी : पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के शांति निकेतन में वन महोत्सव या अरण्य सप्ताह के मद्देनजर एक बार फिर चंदन के पौधों की रोपाई की जायेगी. हालांकि एक समय था जब शांति निकेतन में एक से बढ़ कर एक चंदन के वृक्ष मौजूद थे. लेकिन दशकों में प्राकृतिक आपदाओं और चोरों द्वारा चंदन पेड़ों की चोरी के कारण कई मूल्यवान चंदन के पेड़ विलुप्त होने की राह पर हैं. हालांकि, एक बार फिर बोलपुर वन विभाग ने शांतिनिकेतन को चंदन के पेड़ों से भरने की पहल की है.
इसी तरह, बोलपुर वन विभाग द्वारा वन महोत्सव’ या ‘वन सप्ताह’ के दौरान 14 हजार सफेद और रक्त चंदन के पौधों का वितरण कर रहा है. इस खबर के बाद शांति निकेतन के लोग काफी उत्साहित हैं. बताया जाता है की जब महर्षि देवेन्द्रनाथ टैगोर शांतिनिकेतन आए तो वे छातीम और चंदन के पेड़ों को देख मोहित हो गए थे. जो कई प्रसिद्ध लेखकों की रचनाओं में मिलता है. यहां तक कि कवि सुनील गंगोपाध्याय की एक कविता में भी उल्लेख मिलता है.
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क्योंकि शांतिनिकेतन एक समय बेहद कीमती चंदन के जंगल के रूप में जाना जाता था. विशेषकर सफेद चंदन के पेड़ पूरे शांतिनिकेतन में पाए जाते थे. लेकिन, पिछले एक-दो दशकों में प्राकृतिक आपदाओं, फ्लैटों, रिसॉर्ट्स, होटलों, बहुमंजिला इमारतों के निर्माण के कारण शांतिनिकेतन कंक्रीट के जंगल में बदल गया है.स्वाभाविक रूप से अन्य पेड़ों के साथ-साथ चंदन के पेड़ों की संख्या भी कम हो गई है. इसके अलावा, चंदन चोरों तस्करों की आक्रमण और लूट के दौरान कई मूल्यवान चंदन के पेड़ चोरी हो गए हैं.
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विश्व भारती और आसपास के इलाकों से लाखों रुपये के चंदन की लकड़ी की चोरी की खबरें आई हैं. हालांकि, शांतिनिकेतन को चंदन के वन में बदलने की पहल एक बार पुनः बोलपुर वन विभाग कर रही है. शांति निकेतन एक बार फिर चंदन वन में परिवर्तित होगा. अरण्य सप्ताह के दौरान बीरभूम जिले के एकमात्र बोलपुर रेंज कार्यालय से रक्त और सफेद चंदन के पेड़ों का वितरण किया जा रहा है. शांतिनिकेतन में 14 हजार से ज्यादा चंदन के पौधे लगाए जा रहे हैं.
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इसके अलावा महोगनी, श्वेती शाल, माहुल, शिशु, बॉट, अश्वत्थ, गामा आदि जैसे मूल्यवान फल और फूलों के पौधे भी इस बार अरण्य सप्ताह में यहां के लोगों के बीच वितरित किए जायेगे. हालांकि सफेद और रक्त चंदन के पौधे लेने को लेकर लोग अधिक उत्साहित हैं.बोलपुर वन विभाग के रेंजर प्रदीप हलदर ने कहा, पौधे वितरित करना शुरू कर दिया है.यह कल तक जारी रहेगा. हमने मूल्यवान सफेद और रक्त चंदन के पेड़ों के पौधे भी तैयार किए हैं.हम उन्हें वितरित भी कर रहे हैं.हमें इन पौधों को वितरित करने का लक्ष्य दिया गया है. शांति निकेतन को पुनः चंदन के पौधों से सुसज्जित किया जाएगा.
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