ePaper

Shani Jayanti 2023 Daan Items: शनि जयंती पर करें इन चीजों का दान, मिलेगा शुभफल

Updated at : 11 May 2023 11:57 AM (IST)
विज्ञापन
Shani Jayanti 2023 Daan Items: शनि जयंती  पर करें इन चीजों का दान, मिलेगा शुभफल

Shani Jayanti 2023 Daan Items: मान्यताओं के अनुसार, जिस किसी व्यक्ति पर शनिदेव मेहरबान होते हैं वह उसे रंक से राजा बना देते हैं. इसलिए बेहद जरूरी है कि व्यक्ति शनिदेव की पूजा अर्चना और दान करते रहना चाहिए. तो आइए जानते हैं शनि जयंती पर क्या दान करें.

विज्ञापन

Shani Jayanti 2023 Daan Items: इस साल 2023 में शनि जयंती 19 मई 2023, शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी. मान्यता है कि इसी तिथि यानी ज्येष्ठ अमावस्या (Jyeshth Amavasya) को शनि देव (Shani Dev) का जन्म हुआ था. मान्यताओं के अनुसार, जिस किसी व्यक्ति पर शनिदेव मेहरबान होते हैं वह उसे रंक से राजा बना देते हैं. इसलिए बेहद जरूरी है कि व्यक्ति शनिदेव की पूजा अर्चना और दान करते रहना चाहिए. हालांकि, शनि जयंती के दिन किया गया दान का विशेष महत्व होता है. इस दिन दान करने से व्यक्ति व्यक्ति को सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है. तो आइए जानते हैं शनि जयंती पर क्या दान करें.

शनि जयंती (Shani Jayanti)पर करें इन चीजों का दान

शनि जयंती पर शनि देव की पूजा के बाद काले तिल का दान करें. मान्यता है कि ऐसा करने से शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि दोष के प्रभाव से राहत मिलती है. इससे शनि, राहु और केतु के दुष्प्रभाव भी दूर होते हैं.

शनि जयंती पर काले या नीले वस्त्र और जूता-चप्पल का दान करने से रोग और शारीरिक कष्ट दूर होते है.

शनि जयंती पर सवा किलो काली उड़द का दान करें. आर्थिक संकट दूर होगा तथा धन वैभव और सुख समृद्धि बढ़ेगी.

सरसों या तिल का तेल दान करें शनि दोष से मुक्ति मिलेगी.

शनि दोष से मुक्ति के लिए सरसों का तेल या तिल का तेल दान कर सकते हैं.

शनि जयंती पर किसी गरीब और जरूरतमंद को लोहा, छाता, स्टील के बर्तन आदि दान दें.

शनि जयंती शुभ मुहूर्त (Shani Jayanti 2023 Shubh Muhurat)

शनि जंयती – 19 मई 2023, शुक्रवार

अमावस्या तिथि प्रारंभ – मई 18, 2023 को रात 09 बजकर 42 मिनट से

अमावस्या तिथि समाप्त – मई 19, 2023 को रात 09 बजकर 22 मिनट तक

शनि जयंती महत्व (Shani Jayanti 2023 Importance)

शास्त्रों में शनि देव को न्याय का देवता माना गया है. वह साधक को कर्म के अनुसार फल प्रदान करते हैं. शनिदेव को नवग्रहों में भी प्रमुख स्थान प्राप्त है और सबसे धीमी चाल यही चलते हैं. इसलिए वह जातक जिन्हें शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैय्या परेशान कर रही है, उन्हें शनि जयंती के दिन पूजा निश्चित रूप से करनी चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और शनि देव का आशीर्वाद निरंतर बना रहता है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola