पहली बार कोविड-19 अस्पताल से सात मरीज जमशेदपुर ले जाये गये

Updated at : 29 Jun 2020 3:54 AM (IST)
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पहली बार कोविड-19 अस्पताल से सात मरीज जमशेदपुर ले जाये गये

कोविड-19 अस्पताल (सेंट्रल अस्पताल) की बदइंतजामी को लेकर संक्रमित मरीजों ने नाराजगी जतायी है. इसके बाद सात मरीजों को शनिवार की शाम एंबुलेंस से जमशेदपुर के टाटा अस्पताल ले जाया गया है

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धनबाद : कोविड-19 अस्पताल (सेंट्रल अस्पताल) की बदइंतजामी को लेकर संक्रमित मरीजों ने नाराजगी जतायी है. इसके बाद सात मरीजों को शनिवार की शाम एंबुलेंस से जमशेदपुर के टाटा अस्पताल ले जाया गया है. वहीं उनका इलाज चलेगा. कोरोनाकाल में इस तरह का यह पहला मामला है. इन मरीजों को शनिवार की देर रात कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इनमें से एक टाटा के अधिकारी हैं, जो पूर्व मंत्री स्व. राजेंद्र सिंह के करीबी रिश्तेदार हैं.

एक बजे अस्पताल पहुंचे, चार बजे गेट खुला : शनिवार की देर रात करीब एक बजे कोरोना संक्रमित एंबुलेंस से पहुंचे थे. घंटों सायरन बजता रहा, लेकिन अस्पताल का गेट नहीं खोला जा रहा था. तड़के करीब रात चार बजे के बाद गेट खुला. इसके बाद लोगों को अंदर ले जाया गया. एंबुलेंस के चालक ने इस रवैये पर एतराज जताया तो उसे कड़े शब्दों में हिदायत दी गयी कि अपने काम से मतलब रखो.

न बेड साफ था, न नाश्ता मिला : एबुलेंस से उतर कर अंदर जाने के बाद टाटाकर्मियों और उनके परिजनों को सोने के लिए अच्छा बेड तक नहीं मिला. गंदे बेड पर सभी को रात गुजारनी पड़ी. सुबह का नाश्ता भी समय पर नहीं दिया गया. मरीजों का कहना है कि सुबह का नाश्ता दोपहर 12 बजे तक नहीं मिला था. भूख से लोग बेहाल हो गए थे. वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो वहां का खाना खाने से इंकार कर चुके है. बाहर से खाना मंगा कर खा रहे हैं.

गर्म पानी व काढ़ा तक नहीं मिलता : यह शिकायत भी सामने आयी है कि कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमितों को गर्म पानी तक नहीं दिया जाता है. इसके लिए कई बार बोलना पड़ता है. पैरवी लगानी पड़ती है. इसके बाद ही गर्म पानी मिलता है. इसके अलावा न काढ़ा दिया जाता है और न ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार.

शौचालय भी गंदा : अस्पताल का शौचालय भी गंदा ही रहता है. इससे इंफेक्शन का खतरा होता है. अंदर रह रहे एक व्यक्ति ने बताया कि शौचालय जाने पर दुर्गंध इतनी आती है कि वहां जाना मुश्किल है. दिन में कम से कम दो से तीन बार सफाई होनी चाहिए. लेकिन ऐसा होता नहीं है.

टाटा झरिया डिवीजन के पांच स्थान बने कंटेनमेंट जोन, सील : जोड़ापोखर. जामाडोबा स्थित टाटा स्टील झरिया डिवीजन के 20 लोगों को कोरोना संक्रमित पाये जाने पर रविवार को विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी राज महेश्वरम, डीएसपी अजीत कुमार सिन्हा, जोड़ापोखर थानेदार सत्यम कुमार, सीओ राजेश कुमार डिगवाडीह 12 नंबर पहुंचे. अधिकारियों ने जीएम संजय रजोरिया से बात कर डिगवाडीह 12 नंबर, 10 नंबर, जीतपुर, काली मेला व सुदामडीह सहित कुल पांच जगहों को कंटेनमेंट जोन घोषित कर उसे बैरिकेडिंग कर सील कर दिया. जामाडोबा स्टेडियम में किसी के प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है.

टाटा अस्पताल में जमशेदपुर टीएमएच हॉस्पिटल से डॉक्टरों की चार सदस्यीय टीम आज दोपहर दो बजे पहुंची. टीम ने टाटा कर्मियों व उनके परिवार के सभी सदस्यों की जांच की. संजय राजोरिया ने कहा कि टाटा के सभी सामुदायिक भवन, काली मेला, डिगवाडीह, जामाडोबा 6/7 पिट्स के अलावा जरूरत पड़ने पर टाटा डीएवी स्कूल को भी कोरेंटिन सेंटर बनाया जायेगा. सुरक्षा की दृष्टि से जामाडोबा 2 पिट्स कोलियरी, डिगवाडीह 10 नंबर कोलियरी, जीएम ऑफिस में अगले आदेश तक प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है. सभी जगहों को सैनिटाइज किया जा रहा है. टाटा जामाडोबा अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में मरीजों के लिए सारी व्यवस्था की गयी है.

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