ePaper

'दिल बेचारा' की शूटिंग से पहले इस बात को लेकर परेशान थीं संजना सांघी, किया खुलासा

Updated at : 17 Jul 2020 12:44 PM (IST)
विज्ञापन
'दिल बेचारा' की शूटिंग से पहले इस बात को लेकर परेशान थीं संजना सांघी, किया खुलासा

Sanjana Sanghi was worried about this before shooting of Sushant Singh Rajput last film Dil Bechara revealed : दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की आखिरी फिल्म 'दिल बेचारा' (Dil Bechara) की अभिनेत्री संजना सांघी (Sanjana Sanghi) जिनके लिए इस फिल्‍म का सफर आसान नहीं था. शुरुआत में डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा (Mukesh Chhabra) की एक बात पर संजना काफी परेशान हो गई थी.

विज्ञापन

Sanjana Sanghi was worried about Dil Bechara : दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ (Dil Bechara) की अभिनेत्री संजना सांघी (Sanjana Sanghi) जिनके लिए इस फिल्‍म का सफर आसान नहीं था. शुरुआत में डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा (Mukesh Chhabra) की एक बात पर संजना काफी परेशान हो गई थी. उन्‍होंने खुद इस बात का खुलासा किया था.

फिल्म शुरू करने के पहले संजना ने अपने सफर के बारे में बताया कि मुकेश उन्हें कहते थे, “मैं चाहता हूं तुम्हारे बोलने का तरीका ,तुम्हारी समझ और तुम्हारा सहयोग हूबहू बंगाली कल्चर जैसा होना चाहिए जैसे कि बंगाली लोगों का होता हैं और संजना याद करती हैं कि मुझे बहुत गुस्सा आता था कि शुरू में वो कैसे मुझसे इतना कठोर मांग कर सकते हैं पर वो कहते हैं ना कि जैसे ही चीजें मुश्किल होती हैं मुश्किलें धीरे-धीरे आसान हो जाती हैं.’

संजना सांघी ने आगे कहा,’ 6 से 7 महीने की कड़ी मेहनत करनी पड़ी. नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में कुछ महीनों तक एन के शर्मा उर्फ पंडित जी के साथ वर्कशॉप और ट्रेनिंग की. उसके साथ ही दिल्ली में एक बंगाली डिक्शन शिक्षक के साथ शुरुआती बंगाली सीखी और फिर मुकेश के साथ बड़े पैमाने पर उनके एक्टिंग वर्कशॉप में कड़ी मेहनत की और फिर गंभीर बोलचाल की भाषा मैंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा मे स्नातक रह चुकी सुष्मिता सुर के साथ ट्रेनिंग की जो अपने आप में एक उम्दा अदाकारा भी हैं.

Also Read: Khatron Ke Khiladi 10 : आंख की चोट की वजह से नहीं, तेजस्‍वी प्रकाश ने इसलिए छोड़ा शो

फिर अंत में हर 6-7 महीने के कठोर मेहनत के बाद मुझे ऐसा लगा कि अब मैं आराम से बंगाली में बात कर सकती हूं और समझ सकती हूं ,बंगाली में स्‍वास्तिक और शशवता दा के साथ दृश्यों को समझ और सुधार सकती हूं, जो फिल्म में मेरे माता-पिता बने हैं और खुद बंगाली कलाकार हैं- वे नहीं जानते थे कि मैं उत्तर भारत से हूं, और मुझे पहली बार याद है, स्‍वास्तिका ने मुकेश से कहा, “अच्छा, हुआ तुमने एक बंगाली लड़की को किजी का किरदार निभाने के लिए चुना, किसी और को लेते तो काफी मुश्किल होती “और यह उस समय की सबसे बड़ी प्रशंसा थी जो मुझे मिली.”

वह कहती हैं, “नई दिल्ली से होने के नाते, एक बंगाली लड़की के किरदार निभाना बहुत चुनौतीपूर्ण था. कड़ी मेहनत के बाद जब मैं सेट पर गयी तब मुझे समझ मे आया कि बंगाली भाषा सीखना कितना जरूरी था।हर बात को मैं बारीकी से समझती गयी और आखिरकार इस चुनौती से जीतकर अंदर से जो शक्ति महसूस हुई वो सभी सुखों से परे हैं.”

Posted By: Budhmani Minj

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola