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धनबाद के अधिकांंश बिल्डिंग में न है पार्किंग की सुविधा, न ही फायर फाइटिंग का इंतजाम

Updated at : 30 Jan 2023 12:55 PM (IST)
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धनबाद के अधिकांंश बिल्डिंग में न है पार्किंग की सुविधा, न ही फायर फाइटिंग का इंतजाम

झारखंड बिल्डिंग बायलॉज में प्रावधान है कि अपार्टमेंट व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को पब्लिक को हैंड ओवर करने के पहले ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट अनिवार्य है. लेकिन शहर के अधिकांंश अपार्टमेंट व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं है.

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धनबाद शहर के अधिकांश बिल्डिंग में न तो पार्किंग और न ही फायर फाइटिंग का इंतजाम है. अगलगी की घटना होने पर अग्निशमन वाहन घुस भी नहीं पाते हैं. इसका मुख्य कारण भवनों के निर्माण में झारखंड बिल्डिंग बायलॉज का पालन नहीं किया जाना है. 20 फुट की जगह 15 फुट की सड़क पर आठ से 10 मंजिला अपार्टमेंट बन गये हैं. झारखंड बिल्डिंग बायलॉज में प्रावधान है कि अपार्टमेंट व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को पब्लिक को हैंड ओवर करने के पहले ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट अनिवार्य है. लेकिन शहर के प्राय: अपार्टमेंट व शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं है. अगर इसकी जांच होती है, तो जमाडा के साथ नगर निगम के कई अधिकारियों, अभियंताओं व कर्मचारियों की गर्दन फंस सकती है.

नक्शा में होता है सबकुछ, लेकिन उस अनुरूप नहीं बनते भवन

बिल्डिंग का नक्शा पास कराने में बिल्डिंग बायलॉज के हर बिंदू को दर्शाया जाता है, लेकिन उस अनुरूप भवन को नहीं बनाया जाता है. प्रावधान है कि ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट तभी दिया जायेगा, जब नॉर्म्स के अनुसार बिल्डिंग बने हो. झारखंड खनिज विकास प्राधिकार (जमाडा) में इसका खुलकर उल्लंघन हुआ. जानकार बताते हैं कि विभाग के पदाधिकारी को ऊपरी चढ़ावा देकर ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट ले लिया जाता है. इसका खामियाजा आज पूरा शहर भुगत रहा है. 2016 के बाद नगर निगम को शहर में भवनों का नक्शा पास करने का अधिकार मिला. झारखंड बिल्डिंग बायलॉज-2016 के तहत नक्शा पास करने का प्रावधान लागू किया गया. निगम के आर्किटेक्ट की मिली भगत से आसानी से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है.

15 मीटर के ऊपर बिल्डिंग पर फायर एडवाइजरी लेना अनिवार्य

15 मीटर के ऊपर बिल्डिंग पर फायर एडवाइजरी लेना अनिवार्य है. फायर ब्रिगेड के एनओसी के बाद ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट देने का प्रावधान है. इसमें भी खेल होता है. 15 मीटर से कम का बिल्डिंग का नक्शा दिखाकर पास कराया जाता है, ताकि फायर एडवाइजरी न लेनी पड़े. अगर बिल्डिंग चार मंजिला है, तो कम से कम 20 फुट की सड़क होनी चाहिए. बिल्डिंग का फ्रंट सेट बैक जरूरी है. बिल्डिंग का फ्रंट सेट बैक के बगैर नक्शा पास नहीं होता है. नक्शा में फ्रंट सेट बैक तो दिखाया जाता है, लेकिन इसके लिए जगह नहीं छोड़ी जाती है.

क्या है प्रावधान

सड़क की फ्लोर रेसियो अधिकतम

चौड़ाई एरिया फ्लोर हाइट

12 फुट 1.5 जी प्लस-2 10 मीटर

16 फुट 1.8 जी प्लस-2 10 मीटर

20 फुट 2.0 जी प्लस-4 16 मीटर

25 फुट 2.5 जी प्लस-5 19.25 मी.

नोट : टोटल कवर्ड एरिया का लैंड एरिया का जो भागफल आयेगा उसे फ्लोर एरिया रेसियो कहते हैं.

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बिल्डिंग के लिए सेफ्टी नॉर्म्स

  • बिल्डिंग के चारों तरफ प्रावधान के अनुसार जगह होनी चाहिए.

  • बिल्डिंग का फ्रंट सेटबैक अनिवार्य होना चाहिए.

  • सेफ्टी फायर की व्यवस्था होना चाहिए.

  • हर फ्लोर व रूम में हॉस पाइप की व्यवस्था होनी चाहिए.

  • प्रत्येक फ्लैट के लिए एक फोर व एक टू व्हीलर तथा विजिटर के लिए 15% पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए.

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