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Paralympics 2020: राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन भारत ने टोक्यो में रचा इतिहास, एक दिन में आये तीन मेडल

Updated at : 29 Aug 2021 7:58 PM (IST)
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Paralympics 2020: राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन भारत ने टोक्यो में रचा इतिहास, एक दिन में आये तीन मेडल

Paralympics 2020 टोक्यो पैरालंपिक में भारत ने इतिहास रच डाला है. एक दिन में भारतीय एथलीटों ने तीन-तीन पदक पर कब्जा जमाया. रविवार का दिन भारत के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि इस दिन पूरे देश में खेल दिवस मनाया जा रहा था और टोक्यो से मेडल जीतने की खबर से जश्न को तीन गुना बढ़ा दिया.

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Tokyo Paralympics 2020: टोक्यो पैरालंपिक में भारत ने इतिहास रच डाला है. एक दिन में भारतीय एथलीटों ने तीन-तीन पदक पर कब्जा जमाया. रविवार का दिन भारत के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि इस दिन पूरे देश में खेल दिवस मनाया जा रहा था और टोक्यो से मेडल जीतने की खबर से जश्न को तीन गुना बढ़ा दिया.

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रविवार की शुरुआत टेबल टेनिस में भाविना पटेल के जीत के साथ हुई. टेबल टेनिस क्लास 4 स्पर्धा के महिला एकल फाइनल में भाविना चीन की झाउ यिंग के खिलाफ सीधे गेम में 7-11, 5-11, 6-11 हार गयीं और सिल्वर से संतोष करना पड़ा. 12 महीने की उम्र में पोलियो से संक्रमित होने वाली भाविनाबेन ने शनिवार को सेमीफाइनल में चीन की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी मियाओ झैंग को 7-11 11-7 11-4 9-11 11-8 से हराया था और फाइनल में जगह बनायीं थीं.

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निषाद कुमार ने हाई जंप में सिल्वर मेडल जीता

निषाद कुमार ने टोक्यो पैरालंपिक की पुरुषों की हाई जंप टी47 स्पर्धा में एशियाई रिकार्ड के साथ रजत पदक जीता. 21 साल के निषाद ने 2.06 मीटर की कूद लगाकर एशियाई रिकार्ड बनाया और दूसरे स्थान पर रहे. हालांकि इसी स्पर्धा में भारतीय राम पाल 1.94 मीटर की कूद से पांचवें स्थान पर रहे. हिमाचल प्रदेश के ऊना के कुमार ने एक दुर्घटना में अपना दायां हाथ गंवा दिया, तब वह आठ वर्ष के थे.

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विनोद कुमार ने डिस्कस थ्रो में जीता ब्रॉन्ज मेडल

डिस्कस थ्रो में एथलीट विनोद कुमार ने एशियाई रिकार्ड के साथ पुरुषों की एफ52 स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता और भारत को तीसरा मेडल दिलाया. बीएसएफ के 41 साल के जवान ने 19.91 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो से तीसरा स्थान हासिल किया. वह पोलैंड के पियोट्र कोसेविज (20.02 मीटर) और क्रोएशिया के वेलिमीर सैंडोर (19.98 मीटर) के पीछे रहे. विनोद के पिता 1971 भारत-पाक युद्ध में लड़े थे. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में जुड़ने के बाद ट्रेनिंग करते हुए वह लेह में एक चोटी से गिर गये थे जिससे उनके पैर में चोट लगी थी. इसके कारण वह करीब एक दशक तक बिस्तर पर रहे थे और इसी दौरान उनके माता-पिता दोनों का देहांत हो गया था.

पैरालंपिक कंपाउंड मिश्रित युगल तीरंदाजी में भारतीय चुनौती समाप्त

राकेश कुमार और ज्योति बालियान की जोड़ी की रविवार को पैरालंपिक खेलों के क्वार्टर फाइनल से हार के साथ रिकर्व तीरंदाजी प्रतियोगिता के मिश्रित युगल वर्ग में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई.

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