नारी ममता का मंदिर, पश्चिम बंगाल के रिषड़ा में बोले मुनिश्री जिनेश कुमार जी

Updated at : 12 Mar 2023 11:16 AM (IST)
विज्ञापन
नारी ममता का मंदिर, पश्चिम बंगाल के रिषड़ा में बोले मुनिश्री जिनेश कुमार जी

मुनिश्री जिनेश कुमार जी ने कहा कि भारत की नारी तप, त्याग, शक्ति व संयम की जीवंत प्रतिमा है. वह अंधकार से घिरे संसार में मानवता की जगमगाती तारिका है. पति के लिए चरित्र, संतान के लिए ममता, समाज के लिए शील, विश्व के लिए दया, जीवमात्र के लिए करुणा संजोने वाली प्रकृति का नाम नारी है.

विज्ञापन

जैन मुनि जिनेश कुमार जी ने पश्चिम बंगाल के हुगली में आयोजित एक धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नारी ममता का मंदिर, दिल का दरिया, विनय का वैभव, समर्पण की साधना है. त्याग उसका स्वभाव है. दुनिया को संवारने व सजाने वाली व संस्कृति को सुरक्षित रखने वाली एक विशिष्ट शक्ति का नाम नारी है. नारी समाज की संरक्षिका है.

उन्होंने कहा कि भारत की नारी तप, त्याग, शक्ति व संयम की जीवंत प्रतिमा है. वह अंधकार से घिरे संसार में मानवता की जगमगाती तारिका है. पति के लिए चरित्र, संतान के लिए ममता, समाज के लिए शील, विश्व के लिए दया, जीवमात्र के लिए करुणा संजोने वाली प्रकृति का नाम नारी है.

Also Read: भगवान महावीर के एक स्लोगन ने बदल दी इंजीनियर अविरल जैन की जिंदगी, 30 लाख का पैकेज छोड़ बनेंगे जैन मुनि

मुनिश्री जिनेश कुमार जी ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के पांच बिंदु हैं – आरोग्य, शिक्षा, स्वावलंबन, संस्कार संवर्धन और तालमेल. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाएं सहिष्णुता एवं सामंजस्य के भाव को जागृत करते हुए समाज व देश के गौरव को आगे बढ़ाएं. रिषड़ा तेरापंथ महिला मंडल में यह कार्यक्रम कर महिलाओं को कुछ सीखने का मौका दिया है.

उन्होंने आगे कहा कि कभी पीपल के पत्तों जैसे मत बनिये, जो वक्त आने पर सूखकर गिर जाते हैं. जिंदगी में हमेशा मेहंदी के पत्तों की तरह बनिए, जो खुद घिसकर भी दूसरों की जिंदगी में रस और रंग भर देती है. इस अवसर पर मुनिश्री परमानंद जी ने कहा कि स्त्री का संकल्प हो कि मैं स्त्री के गौरव को नहीं गिरने दूंगी. इससे प्रेरणा, सम्मान और तालमेल दोनों हो जायेगा. कहा कि स्त्री द्वारा किसी स्त्री का अपमान अथवा तिरस्कार नहीं करना है. स्त्री जाति का सम्मान व गौरव है. बाल मुनिश्री कुणाल कुमार ने गीत की प्रस्तुति दी.

Also Read: जैन मुनि का कोडरमा में हुआ मंगल प्रवेश, जयकारों से गूंजा शहर, राजकीय अतिथि हैं प्रमाण सागर जी, देखें Pics

मुख्य अतिथि पियाली विश्वास ने कहा कि एक नारी ही है, जो घर और बाहर दोनों संभालती है. मुख्य वक्ता सूरज बरडिया ने कहा भारतीय महिला होना गौरव की बात है. महिला समर्पित, रक्षिता, रोहिणी का दायित्व निर्वाह करती है. महिलाओं का दायित्व है कि वह शिक्षा के साथ संस्कृति की सुरक्षा करे. दीवारें भले ऊंची न हो, परंतु आदर्श हमेशा ऊंचे होने चाहिए. महिलाएं तालमेल के साथ विकास करें. रिषड़ा महिला मंडल ने यह कार्यक्रम रखकर साहस एवं उत्साह का परिचय दिया है.

प्रेरक वक्ता पूजा रितु बोथरा ने कहा कि तालमेल एवं नारी सशक्तिकरण के लिए जरूरी है- विनम्रता, वत्सल्यता, कार्य कुशलता, संवाद शैली, संवेदशीलता, गुरु निष्ठा और समर्पण. स्मार्ट फोन रखें या नहीं, पर सोच अवश्य स्मार्ट रखें. पार्षद शशि सिंह ने कहा कि समाज को आगे ले जाने का दायित्व नारी शक्ति पर है. शाखा प्रभारी सोनम बागरेचा ने अपने विचार व्यक्त किये.

Also Read: पारसनाथ इको सेंसिटिव जोन पर केंद्र के फैसले से जैन मुनि प्रमाण सागर जी महाराज खुश, अब नहीं होगा आंदोलन

युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री जिनेशकुमार जी ठाणा-3 के सान्निध्य में अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रेरणा सम्मान एवं तालमेल कार्यक्रम का आयोजन तेरापंथ महिला मंडल रिसड़ा सेवक संघ में किया गया.

इस अवसर पर मुख्य अतिथि पियाली विश्वास रिसड़ा थाना अधिकारी मुख्य वक्ता सूरज बरडिया (मुख्य ट्रस्टी, अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल), पूजा रितु बोथरा (मोटीवेशनल स्पीकर), राष्ट्रीय बंगाल प्रभारी सोनम बागरेचा, पार्षद शशि सिंह आदि गणमान्य महिलाओं की विशेष उपस्थिति रही.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola