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90% लोग नौकरी में करते हैं ये 3 गलतियां, चाणक्य से जानें बचने का तरीका वरना करियर बर्बाद

Updated at : 19 Dec 2025 9:33 PM (IST)
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Chanakya Niti

आचार्य चाणक्य की तस्वीर, Pic Credit- Chatgpt

Chanakya Niti: नौकरी करने के दौरान 90 फीसदी लोग तीन ऐसी गलतियां करते हैं, जो उनके करियर को बर्बाद कर सकती हैं. आचार्य चाणक्य की नीति से जानिए जॉब में टिके रहने और सफलता पाने के आसान उपाय.

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Chanakya Niti: आज के दौर में नौकरी पाना जितना मुश्किल है, उतना ही मुश्किल उसमें लंबे समय तक टिकना. कई बार योग्यता और मेहनत होने के बावजूद लोग वहां पर सर्वाइव करना. इसकी वजह होती है उनके द्वारा जाने अनजाने में की गयी गलतियां. ये ऐसी गलतियां है जो नौकरी करने वाला 90 फीसदी लोग करते हैं. आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में ऐसे कई सूत्र बताए हैं, जो आज नौकरीपेशा लोगों के लिए बहुत प्रासंगिक हैं. चाणक्य के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति नौकरी के दौरान तीन गलतियों से बच जाए, तो उसकी नौकरी और करियर दोनों सुरक्षित रह सकते हैं.

बॉस और सीनियर के खिलाफ पीठ पीछे बातें करना

चाणक्य नीति के अनुसार, जिस व्यक्ति को आपसे अधिक अधिकार मिले हैं, उसके खिलाफ षड्यंत्र या नकारात्मक बातें करना आत्मघाती साबित हो सकता है. ऑफिस में कई बार लोग भावनाओं में आकर बॉस की बुराई सहकर्मियों से करने लगते हैं, लेकिन यही आदत उनके लिए आगे चलकर परेशानी बन जाती है. चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति सत्ता या अधिकार रखने वालों के बारे में सोच-समझकर नहीं बोलता, वह जल्द ही अपने स्थान से गिर जाता है. नौकरी में टिकना है तो असहमति रखें, लेकिन मर्यादा में.

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जरूरत से ज्यादा ईमानदारी दिखाना

ईमानदारी अच्छी बात है, लेकिन चाणक्य नीति में अंधी ईमानदारी को भी नुकसानदायक बताया गया है. ऑफिस में हर बात, हर जानकारी और हर योजना सबको बता देना समझदारी नहीं होती. चाणक्य के अनुसार, हर सत्य सभी स्थान पर नहीं बोला जाता. कार्यस्थल पर अपनी जिम्मेदारी निभाएं, लेकिन गोपनीय बातों को गोपनीय ही रखें. जरूरत से ज्यादा खुलापन कई बार आपके ही खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है.

समय और अनुशासन को हल्के में लेना

चाणक्य नीति में समय को सबसे बड़ा धन बताया गया है. जो व्यक्ति समय की कीमत नहीं समझता, वह धीरे-धीरे अपनी उपयोगिता खो देता है. ऑफिस में देर से आना, काम टालना या जिम्मेदारियों को हल्के में लेना करियर के लिए खतरनाक हैं. चाणक्य का इस बारे में साफ कहना था कि जो आज अनुशासन तोड़ता है, वह आने वाले कल के लिए अवसर खो देता है. नौकरी में स्थिरता चाहिए तो समय और नियम दोनों का सम्मान जरूरी है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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