बेटी के शव के साथ छह दिनों से रह रही थी मां, जब दरवाजा खुला तो…

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बेटी के शव के साथ छह दिनों से रह रही थी मां, जब दरवाजा खुला तो…

west bengal, kolkata news: करमहट्टी के 21 नंबर वार्ड स्थित बीएन घोषाल रोड में जया भट्टाचार्य नामक एक महिला अपनी बेटी के शव के साथ करीब छह दिनों से रह रही थी.

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कोलकाता : करमहट्टी के 21 नंबर वार्ड स्थित बीएन घोषाल रोड में जया भट्टाचार्य नामक एक महिला अपनी बेटी के शव के साथ करीब छह दिनों से रह रही थी. घर से दुर्गंध निकलने पर आस पास के लोगों को शंका हुई. लोगों ने घर का दरवाजा खुलावाया तो घर के अंदर का नजारा देख कर अवाक रह गये. लोगों ने तुरंत बेलघरिया थाने को इसकी जानकारी दी. खबर मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच से शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मृत युवती का नाम पारोमिता भट्टाचार्य (37) था.

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मिली खबरों के अनुसार कमरहट्टी नगरपालिका के 21 नंबर वार्ड निवासी सुनील भट्टाचार्य पेशे से रेलवे कर्मचारी थे. वे यहां अपनी पत्नी जया भट्टाचार्य और इलौती बेटी पारोमिता के साथ रहे थे. रेलवे की नौकरी से रिटायर होने के बाद एक साल पहले उनकी मौत हो गयी. उसके बाद से जया और पारोमिता यहां अकेली ही रहती थी. मंगलवार सुबह से इलाके के लोगों को उसके घर के बदबू निकलते हुए महसूस किया. संदेह होने पर लोगों ने घर में झांक देखा, लेकिन कुछ नहीं मिला लेकिन लोगों ने घर से दुर्गंध काफी तेज निकलते हुए महसूस किया. उसके बाद तत्काल इसकी जानकारी स्थानीय माकपा पार्षद सुब्रत चटर्जी को दी.

खबर मिलते हुए उन्होंने इलाके के कुछ लोगों के साथ उसका घर खोलने के लिए बाहर से आवाज दी. लोगों की आवाज सुन कर जया भट्टाचार्य दरवाजा खोलने पहुंची. दरवाजा खोलते ही पास के कमरे में लोगों की नजर पड़ते ही सब अवाक रह गये. लोगों ने देखा कि पलंग पर पारोमिता का शव पड़ा है.उसका शव की हालत काफी खराब हो चुकी थी.उसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गयी. पुलिस का कहना है कि उसकी मां की मानसिक स्थिति खराब है, लेकिन उसकी बेटी की मौत कैसे हुई अबतक पता नहीं चल पाया है. पुलिस पता लगाने में जुटी है.

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पार्षद सुब्रत चटर्जी ने बताया कि दस पंद्रह दिन पहले वार्ड कमेटी की तरफ से उन्हें खाद्य सामग्री दी गयी थी. परमिता ने कुछ साल पहले ग्रेजुएशन पूरी थी. वह पिछले कुछ महीने से अवसादग्रस्त थी, लेकिन उसकी मौत कैसे हुई कुछ पता नहीं चल पाया है. लोगों का अनुमान है कि पांच से छह दिन पहले लड़की की मौत हुई होगी.

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अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : [email protected]

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