उर्स-ए-रजवी के मंच से उलेमाओं का पैगाम- बच्चियों को मोबाइल से रखें दूर, कई सियासी दलों की चादर हुई पेश

Updated at : 12 Sep 2023 5:59 AM (IST)
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उर्स-ए-रजवी के मंच से उलेमाओं का पैगाम- बच्चियों को मोबाइल से रखें दूर, कई सियासी दलों की चादर हुई पेश

फाजिल-ए-बरेलवी इमाम अहमद रजा खां के 105वें उर्स-ए-रजवी के मौके पर शहर के इस्लामिया कॉलेज मैदान और मदरसा जमीयतुर्रजा में उलमा ने तकरीर की.

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Bareilly : फाजिल-ए-बरेलवी इमाम अहमद रजा खां के 105वें उर्स-ए-रजवी के मौके पर शहर के इस्लामिया कॉलेज मैदान और मदरसा जमीयतुर्रजा में उलमा ने तकरीर की. मुरादाबाद के कारी सखावत मुरादाबादी ने तकरीर में कहा कि हिंदुस्तान में इस्लाम तलवार से नहीं. बल्कि, अजमेर के ख़्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती, बरेली के आला हजरत और सूफी संतों के किरदार से फैला है. आला हज़रत की शोहरत फोटो, वीडियो या सोशल मीडिया से नहीं बल्कि उनके इल्मी किरदार और उनके द्वारा लिखी गई 1300 किताबों से फैली है.

तंजानिया देश के मुफ्ती फैज़ रज़ा तंजानिया ने कहा कि आला हज़रत से एशिया के ही नहीं बल्कि, यूरोप, अमेरिका और आस्ट्रेलिया के लोग भी फैज़ पा रहे है. उन्होंने कहा कि बेटी को अच्छा खिलाएं, अच्छा पहनाएं, अच्छी तालीम दें, लेकिन, मोबाइल से बचाए. नौजवान सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल करें. मौलाना मुख्तार बहेड़वी ने कहा कि आज मुसलमान लड़कियों के बहकने की बड़ी वजह, उन्हें दीन से दूर रखना है. अपनी बेटियों को हमे बचाने की ज़रूरत है.

उन्होंने मां बाप से अपने बच्चों, खासकर बेटियों पर नज़र रखने की ताकीद की. जिससे उनके कदम न बहके. अंग्रेजों के दौर में आला हज़रत ने मुसलमानो से अंग्रेजों से दूर रहने और उनकी कोर्ट कचहरी जाने से बचने के साथ अंग्रेजों की नौकरियों छोड़ने की तहरीक चलाई थी. इसके बाद ही मुल्क में अंग्रेजों के खिलाफ बगावत शुरू हुई थी.

मुफ्ती-ए-आजम हिंद के कुल शरीफ की रस्म अदा

आला हजरत के साहबजादे (बेटे) मुफ्ती-ए-आजम हिंद मुफ्ती मुस्तफा रजा खां के कुल शरीफ की रस्म रात 1.34 बजे अदा की गई. उलमा ने तकरीर कर मुफ्ती-ए-आजम हिंद की दीनी जिंदगी कर रोशनी डाली. इसके साथ ही कुल शरीफ के बाद दुआएं की.

झमाझम बारिश में भी अकीदतमंदों की भीड़

सोमवार सुबह से मौसम सही था. मगर, देर रात अचानक बारिश शुरू हो गई, लेकिन बारिश के बीच भी जायरीन की अकीदत कम नहीं हुई. बारिश में भी जायरीन कुल शरीफ तक भीगते रहे. कुल शरीफ के बाद अकीदतमंद घरों, होटल आदि को रवाना हुए. इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद थे.

सोनिया गांधी समेत कई सियासी दलों ने पेश की चादर

उर्स-ए-रजवी के मौके पर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद सोनिया गांधी की ओर से यूपी कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता डॉ.केबी त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी, जियाउर्र्हमान, जिला महासचिव उवैस खां आदि चादर लेकर दरगाह पर पहुंचे. कांग्रेसियों ने दरगाह आला हजरत, दरगाह ताजुशरिया पर चादर पेश कर मुल्क के लिए दुआएं की. इसके बाद दरगाह प्रमुख से मुलाकात कर सोनिया गांधी का पैगाम पहुंचाया.

बसपा प्रमुख मायावती की चादर मंडल कोऑर्डिनेटर राजेश सागर, राजवीर गौतम, राजू शमीम, तौफीक प्रधान, डॉक्टर जयपाल और अजय सागर लेकर पहुंचे. दरगाह पर चादर पेश कर बसपा प्रमुख मायावती का पैगाम दरगाह पर पढ़कर सुनाया. उन्होंने दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां और सय्यद आसिफ मियां को मुबारकबाद पेश की. देश और प्रदेश में शांति भाईचारे की दुआ की. इसके अलावा भाजपा सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद संतोष गंगवार की तरफ से परवेज मियां ने पार्टी के प्रमुख लोगों के साथ चादर पेश की. दरगाह पर कई प्रमुख हस्तियों की चादर पेश की गई.

आज पेश होगी अखिलेश यादव की चादर

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी लखनऊ से आला हजरत उर्स के दौरान चादर भेजी है. इसके साथ ही एक पत्र भी भेजा गया है. मगर, यह चादर मंगलवार दोपहर में पेश की जाएगी. इसके साथ ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव का पैगाम पढ़कर सुनाया जाएगा.

रिपोर्ट- मुहम्मद साजिद, बरेली

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