रामगढ़ में मां छिन्नमस्तिके मंदिर बंद, फिर भी श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, यह लापरवाही कहीं ना पड़ जाये भारी

Updated at : 16 Jul 2021 6:34 PM (IST)
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रामगढ़ में मां छिन्नमस्तिके मंदिर बंद, फिर भी श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, यह लापरवाही कहीं ना पड़ जाये भारी

Jharkhand News (रजरप्पा, रामगढ़) : कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर सरकार द्वारा जारी किये गये गाइडलाइन पर भक्तों की आस्था भारी पड़ी. रजरप्पा मंदिर बंद होने के बावजूद शुक्रवार को लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचे गये. भक्तों ने मंदिर के बाहर से ही मां छिन्नमस्तिके देवी की पूजा-अर्चना की. कोरोनाकाल में पहली बार मंदिर में भक्तों की इतनी भीड़ देखने को मिला.

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Jharkhand News (सुरेंद्र कुमार/शंकर पोद्दार, रजरप्पा, रामगढ़) : कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर सरकार द्वारा जारी किये गये गाइडलाइन पर भक्तों की आस्था भारी पड़ी. रजरप्पा मंदिर बंद होने के बावजूद शुक्रवार को लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचे गये. भक्तों ने मंदिर के बाहर से ही मां छिन्नमस्तिके देवी की पूजा-अर्चना की. कोरोनाकाल में पहली बार मंदिर में भक्तों की इतनी भीड़ देखने को मिला.

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जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देश पर 22 अप्रैल से रजरप्पा मंदिर बंद है, लेकिन विवाह व मुंडन का मुहूर्त होने के कारण गुरुवार मध्य रात्रि लगभग 2 बजे से ही हजारों-हजार की संख्या में लोग रजरप्पा मंदिर पहुंचने लगे थे. पश्चिम बंगाल, बिहार के अलावे झारखंड के लगभग सभी जिलों से लोग मंदिर पहुंचे थे.

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श्रद्धालुओं ने भैरवी-दामोदर संगम स्थल में स्नान करने के बाद बिना मास्क लगाये और बिना सोशल डिस्टैंसिंग का पालन किये ही आपाधापी करते हुए मंदिर के बाहर ही मां भगवती की पूजा-अर्चना की. साथ ही मुंडनशाला में हजारों बच्चों का मुंडन संस्कार कराया गया. वहीं, दर्जनों जोड़े परिणय सूत्र में बंधे. लेकिन, लोगों की यह भीड़ कहीं भारी न पड़ जाये.

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रजरप्पा मंदिर बंद होने के कारण मंदिर परिसर में बकरे के बलि नहीं हो रही है. जिस कारण भैरवी नदी के किनारे दो जगहों में बकरे की बलि की जा रही थी. बकरे की खून, मलमूत्र व अवशेष को नदी में ही बहा दिया जा रहा था. जिससे नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है. यहां बकरे की बलि कराने वालों से मनमाना राशि भी वसूला जा रहा था. जानकारों का कहना है कि मंदिर क्षेत्र में जहां-तहां बलि होने से आस्था का कुठाराघात हो रहा है.

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दो किमी तक लगी वाहनों की कतार

श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण दो किमी तक वाहनों की लंबी कतार लग गयी. पुलिस एक किमी पहले ही बैरियर लगा कर सभी वाहनों को रोक दिया था. जिस कारण श्रद्धालुओं को एक किमी तक पैदल ही मंदिर जाना पड़ा.

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श्रद्धालुओं के सामने बेबस नजर आये पुलिस और पुजारी

मंदिर में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़-भाड़ के कारण भक्तों के सामने रजरप्पा पुलिस व मंदिर के पुजारी बेबस नजर आये. पुलिस व पुजारी लगातार श्रद्धालुओं से मास्क लगाने और सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करने की अपील कर रहे थे. लेकिन, श्रद्धालुओं को इनके बातों की कोई परवाह ही नहीं थी. फलस्वरूप मंदिर के पुजारी पंचवटी आश्रम में बैठे गये. इस संदर्भ में रजरप्पा थाना के इंस्पेक्टर विपिन कुमार ने कहा कि मंदिर में अचानक लोगों की भीड़ उमड़ गयी. पुलिस सरकार के गाइडलाइन का पालन कराने में लगातार प्रयासरत थी. भीड़ को नियंत्रण किया जा रहा था. मौके पर एसआई अमर शुक्ला, सुजीत सिंह सहित कई पुलिस के जवान यहां विधि व्यवस्था में तैनात थे.

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Posted By : Samir Ranjan.

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