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गढ़वा के इस सरकारी स्कूल में पद सृजित नहीं, लेकिन ऊर्दू के एक छात्र को पढ़ाने के लिए शिक्षक प्रतिनियुक्त

Updated at : 21 Nov 2022 12:10 PM (IST)
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गढ़वा के इस सरकारी स्कूल में पद सृजित नहीं, लेकिन ऊर्दू के एक छात्र को पढ़ाने के लिए शिक्षक प्रतिनियुक्त

गढ़वा में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की पदस्थापना में अनोखा कारनामा पेश किया गया है़ मामला मझिआंव के आछोडीह प्राथमिक विद्यालय का है. यहां ऊर्दू शिक्षक की प्रतिनियुक्ति पूरी क्लास को पढ़ाने के लिए नहीं बल्कि एडमिशन लिए एक स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए की गई है.

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गढ़वा में शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की पदस्थापना में अनोखा कारनामा पेश किया गया है़ मामाला मझिआंव के आछोडीह प्राथमिक विद्यालय का है. यहां ऊर्दू शिक्षक का पद स्वीकृत नहीं है. बावजूद इसके यहां शिक्षक की प्रतिनियुक्ति कर दी गयी है. यह प्रतिनियुक्ति पूरी क्लास को पढ़ाने के लिए नहीं बल्कि एडमिशन लिए एक स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए की गई है. शिक्षक प्रतियुक्ति का यह मामला पूरे गढ़वा जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.

स्कूल में हैं पर्याप्त शिक्षक

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस विद्यालय में पहले से ही 30-1 के अनुपात में पर्याप्त शिक्षक सेवारत थे. आछोडीह प्राथमिक विद्यालय में कुल 121 बच्चे नामांकित है़ं इनमें से एक ही छात्र ऐसा है जिसने ऊर्दू पढ़ने के लिए एडमिशन लिया है. इसे पढ़ाने के लिए जिस ऊर्दू शिक्षक की प्रतिनियुक्ति की गई है, उसका नाम करामत अली अंसारी है. बतौर उर्दू शिक्षक उन्हें बहाल किया गया है.

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स्कूल में पद ही सृजित नहीं

मझिआंव के जिस आछोडीह प्राथमिक विद्यालय में ऊर्दू शिक्षक की प्रतिनियुक्ति की गई है, वहां इसका पद ही सृजित नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि पद सृजन के बिना उर्दू शिक्षक को भेजकर विद्यार्थियों के ‍ऊपर थोप दिया गया है़ ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे विद्यालय जहां उर्दू शिक्षक का पद सृजित है और शिक्षक का अभाव भी है, वहां शिक्षक की प्रतिनियुक्ति की जा सकती है. आछोडीह विद्यालय में चार पारा शिक्षक पहले से ही है़ं यहां छात्र-शिक्षक का अनुपात सही है.

327 की जगह हैं केवल 58 उर्दू शिक्षक

उल्लेखनीय है कि गढ़वा जिले के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों को मिलाकर यहां ऊर्दू शिक्षकों के 327 पद सृजित हैं. जबकि कार्यरत केवल 58 उर्दू शिक्षक ही हैं. इस वजह से उर्दू विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है़ ऐसे में सामान्य विद्यालय में उर्दू शिक्षक को भेजना समझ से परे है़

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जल्द सभी प्रतिनियोजन को रद्द किया जायेगा

इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिलेश केरकेट्टा ने बताया कि सभी विद्यालयों के शिक्षकों के प्रतिनियोजन को रद्द करने के लिये संचिका का अध्ययन किया जा रहा है़ जल्द ही वैसे शिक्षक जो छात्र अनुपात के हिसाब से ज्यादा हैं, उन्हें उनके मूल विद्यालयों में भेज दिया जायेगा़

रिपोर्ट : पीयूष तिवारी, गढ़वा

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Rahul Kumar

लेखक के बारे में

By Rahul Kumar

Senior Journalist having more than 11 years of experience in print and digital journalism.

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