बिजली विभाग की लापरवाही से धनबाद की जनता त्रस्त, नहीं मिल रहा है सब्सिडी का लाभ, भाजपा ने बोला हमला

Updated at : 04 Jul 2022 12:46 PM (IST)
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बिहार में बिजली रेट (सांकेतिक)

बिजली विभाग की मनमानी से उपभोक्ता त्रस्त हैं. हर माह 10 से 15 दिन की देरी से बिल मिलने के कारण लोगों को सब्सिडी का लाभ नहीं मिल रहा है. आम लोगों के साथ चेंबर व जनप्रतिनिधि भी देर से बिलिंग का विरोध कर रहे हैं

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Dhanbad Electricity Unit Rate धनबाद : बिजली विभाग की मनमानी से धनबाद के लोग परेशान हैं. देर से बिजली का बिल मिलने से लोगों को सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पा रहा है. आम जनता के साथ साथ जनप्रतिनिधि भी इसका विरोध कर रहे हैं. व्यवस्था में सुधार करने के लिए जेबीवीएनएल से मांग की जा रही है. जेबीवीएनएल ने देर से बिल के लिए एजेंसी को शो-कॉज किया है. भाजपा विधायक राज सिन्हा ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि उन्होंने जनता को लूटने का प्रयास किया. सरकार सब्सिडी पर बंदिश लगाकर छलने का काम कर रही है.

नियमानुसार एक महीने में 400 यूनिट या इससे कम बिजली खपत करने वालों को सब्सिडी मिलेगी. इससे अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 6.25 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल का भुगतान करना होगा. इधर, बड़ी संख्या में उपभोक्ता शिकायत कर रहे हैं कि उनका बिल 30 दिन की जगह पर 40 या 45 दिनों में मिल रहा है. इससे उनकी खपत 400 यूनिट से अधिक दिख रही है.

उन्हें सब्सिडी से वंचित कर दिया जा रहा है. 6.25 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल थमाया गया है. विदित हो कि 400 यूनिट तक खपत करने वाले शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को 3.50 से लेकर 4.20 रुपये प्रति यूनिट की दर से ही भुगतान करना होगा. अप्रैल में उपभोक्ताओं को इसके अनुरूप ही बिजली बिल दिया जा रहा है.

एजेंसी की लापरवाही

शहर में बिजली बिल निकालने और उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी निजी बिलिंग एजेंसी की है. वर्तमान में एजेंसी के ऊर्जा मित्र एक माह के बाद बिलिंग करने के लिए लोगों के घर- प्रतिष्ठान में पहुंच रहे हैं. कई उपभोक्ताओं के घरों व प्रतिष्ठानों में 40 से 45 दिन पर जाकर ऊर्जा मित्र ने बिल निकाला है. लगभग डेढ़ माह में यूनिट रीडिंग 400 यूनिट के पार होने से लोगों को सब्सिडी के बिना बिल थमाया जा रहा है. ऐसे में बिलिंग एजेंसी की लापरवाही का खामियाजा बिजली उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है.

समय पर नहीं बनाते बिल

हीरापुर के उपभोक्ता सुरेंद्र सिंह को मार्च में छह तारीख को बिजली बिल दिया गया था. तब उनकी कुल खपत 380 यूनिट थी. फिर अप्रैल में उन्हें 12 तारीख को बिल दिया गया. यानी 37 दिनों पर. तब यह बिल 420 यूनिट हो गया. इससे उन्हें सब्सिडी से वंचित कर दिया गया. उनका कहना है कि यदि पिछले माह छह मार्च को बिल दिया गया था, तो इस माह भी पांच या छह अप्रैल को बिल मिलना चाहिए. पर सात दिन विलंब से बिल देने की वजह से उन्हें सब्सिडी से वंचित होना पड़ रहा है.

जनता को लूटने का प्रयास : विधायक राज सिन्हा

विधायक राज सिन्हा ने कहा कि देर से बिलिंग कर जनता को लूटने का प्रयास किया जा रहा है. चुनाव से पहले सरकार ने सौ यूनिट फ्री बिजली देने की घोषणा की थी. घोषणा तो पूरी नहीं हुई. अब सब्सिडी में बंदिश लगाकर छलने का काम किया जा रहा है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है.

राशि एडजस्ट कर दी जाएगी

एजेंसी द्वारा देर से बिलिंग करने के कारण इस तरह की समस्या उत्पन्न हुई है. इसके लिए एजेंसी को शो-कॉज किया गया है. लोगों से अपील है कि वे अपना बिल जमा कर दें. बिल में सुधार करने को लेकर मुख्यालय को अवगत कराया गया है. जल्द ही लोगों से वसूल की गई अतिरिक्त बिल की राशि एडजस्ट कर दी जायेगी.

जल्द से जल्द करें सुधार : सांसद

सांसद पशुपति नाथ सिंह ने कहा कि विद्युत विभाग को नयी बीमारी लग गयी है. समय पर बिल नहीं मिलने से हजारों लोगों को सब्सिडी योजना से वंचित रहना पड़ रहा है. समय पर बिल मुहैया कराने की जिम्मेवारी विभाग की है. उन्होंने जल्द से जल्द बिल में सुधार करने की मांग की है.

पहले निर्बाध बिजली दे सरकार : चेतन गोयनका

फेडरेशन ऑफ धनबाद जिला चेंबर ऑफ कॉमर्स ने अध्यक्ष चेतन गोयनका ने कहा कि निर्बाध बिजली देने में सरकार पूरी तरह विफल है. बिजली कटौती से लोग परेशान है. समस्या को दूर करने के बजाय देर से बिलिंग कर लोगों की जेब पर हमला किया जा रहा है. सरकार को सब्सिडी योजना को वापस लेना चाहिए.

Posted By: Sameer Oraon

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