झारखंड : बीबीएमकेयू और एनपीयू में यूजी और पीजी के छात्रों का अनुपात सबसे खराब

Updated at : 17 Dec 2023 4:45 AM (IST)
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झारखंड : बीबीएमकेयू और एनपीयू में यूजी और पीजी के छात्रों का अनुपात सबसे खराब

चांसलर पोर्टल ने वर्ष 2022 में राज्य के सभी आठ विश्वविद्यालयों में यूजी-पीजी कोर्स में हुए नामांकन का आंकड़ा जारी किया है. इस वर्ष बीबीएमकेयू में यूजी में 38102 और पीजी में 2962 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया था.

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अशोक कुमार, धनबाद : केंद्र व राज्य सरकार का पूरा जोर देश के सभी विश्वविद्यालयों में छात्रों को उच्च शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने पर है. झारखंड में इसी उद्देश्य से राज्य के गठन के बाद पांच नये विश्वविद्यालय स्थापित किये गये. अब राज्य में ऐसे आठ विश्वविद्यालय हैं. इनकी स्थापना का उद्देश्य राज्य के सभी क्षेत्रों के युवाओं को उच्चतर शिक्षा का सामान अवसर प्रदान करना है. उच्चतर शिक्षा को लेकर इन आठ विवि में कुछ बेहतर काम कर रहे हैं, तो कुछ में अभी भी इस दिशा में काफी कुछ किया जाना है. धनबाद में स्थित बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय और पलामू स्थित निलांबर-पितांबर विश्वविद्यालय राज्य के ऐसे ही दो विश्वविद्यालय हैं. जहां पीजी में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए काफी कुछ किया जाना बाकी है. इन दोनों विवि में यूजी के करीब 12 छात्रों पर पीजी का एक छात्र है. यह अनुपात राज्य के दूसरे विवि की तुलना में सबसे खराब है.

चांसलर पोर्टल ने जारी किया आंकड़ा

चांसलर पोर्टल ने वर्ष 2022 में राज्य के सभी आठ विश्वविद्यालयों में यूजी-पीजी कोर्स में हुए नामांकन का आंकड़ा जारी किया है. इस वर्ष बीबीएमकेयू में यूजी में 38102 और पीजी में 2962 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया था. वहीं नीलांबर पितांबर विवि में यूजी में 26532 और पीजी में 2212 छात्रों ने नामांकन लिया था. इस मामले में सबसे बेहतर स्थिति रांची स्थित डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय की है. वहां 2022 में यूजी में 4271 विद्यार्थियों ने और पीजी में 2130 छात्रों ने नामांकन लिया था. यहां यूजी के प्रत्येक दो छात्र पर पीजी के एक छात्र हैं.

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आरयू में सबसे अधिक कॉलेज व सबसे अधिक नामांकन

राज्य में सबसे सबसे अधिक कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई रांची विश्वविद्यालय में होती है. यहां विवि पीजी विभाग के साथ 19 कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई होती है. 2022 में यहां पीजी में 11154 विद्यार्थियों ने और यूजी में 40141 छात्रों ने नामांकन लिया था. यहां यूजी व पीजी के छात्रों का अनुपात करीब 4:1 है. हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय में 2022 यूजी में सबसे अधिक 52418 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया था. जबकि पीजी में 4625 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया था.

जमशेदपुर महिला विवि में सबसे कम विद्यार्थी

जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में यूजी और पीजी में सबसे कम विद्यार्थी हैं. यहां यूजी में सिर्फ 2805 और पीजी में 987 विद्यार्थी थे. वहीं यहां यूजी के करीब तीन विद्यार्थियों पर पीजी का एक विद्यार्थी था.

बीबीएमकेयू में खराब अनुपात की क्या है वजह

बीबीएमयू में पीजी की पढ़ाई पीजी विभाग के साथ अभी सिर्फ तीन अंगीभूत कॉलेजों में होती है. जहां पीजी विभाग में 27 विषयों की पढ़ाई होती है. वहीं अंगीभूत कॉलेजों में एसएसएलएनटी महिला कॉलेज में तीन, आरएसपी कॉलेज में एक और बीएस सिटी कॉलेज में दो विषयों की पढ़ाई होती है. वहीं बीएस सिटी कॉलेज बोकारो में सत्र 2023-25 से पीजी की पढ़ाई बंद हो रही है. ऐसे में यहां सीटों की संख्या अगले सत्र से और कम हो जायेगी.

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विभावि यूजी में सबसे आगे

विनोबा भावे विश्वविद्यालय में सबसे अधिक डिग्री कॉलेज हैं. यहां कुल 48 अंगीभूत और संबद्ध कॉलेज हैं. 2022 में सबसे अधिक 52418 नामांकन हुआ था. यहां पीजी की पढ़ाई विवि पीजी विभाग के साथ नौ कॉलेजों में अलग अलग विषयों की होती है. यहां पीजी में 4625 सीटों पर नामांकन हुआ था. यहां यूजी के 11 छात्र पर पीजी के एक छात्र हैं.

इस वर्ष बीबीएमकेयू की स्थिति हुई और खराब

2023 में बीबीएमकेयू में पीजी के छात्रों की संख्या में और गिरावट आयी है. विवि ने तीन अंगीभूत कॉलेजों में संचालित अलग अलग पीजी कोर्स की पढ़ाई बंद कर दी गयी है. अभी केवल विवि पीजी विभाग में पीजी की पढ़ाई हो रही है. इस वर्ष पीजी में केवल 1700 विद्यार्थियों ने नामांकन लिया है.

समीक्षा की जाएगी कि मौजूदा आधारभूत संरचना के आधार पीजी के सीटों की संख्या कैसे बढ़ायी जाये. अभी जिन कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई रोकी गयी है. वहां इसे फिर से शुरू करने का निर्णय एकेडमिक काउंसिल ने लिया है. सिंडीकेट से मंजूरी मिलने के बाद पढ़ाई शुरू कर दी जायेगी.

प्रो पवन कुमार पोद्दार, कुलपति बीबीएमकेयू

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