Gorakhpur News: गोरखपुर की बेटी आदित्या ने ब्राजील में फहराया तिरंगा, बैडमिंटन में जीता स्वर्ण पदक

Gorakhpur News: महज 12 साल की उम्र में डेफ ओलिम्पिक खेल रही गोरखपुर की आदित्या यादव ने फाइनल में टीम को जीत दिलाया है. आदित्या यादव ने फाइनल में जीत हासिल कर भारत को गोल्ड मेडल दिलाया.
Gorakhpur News: गोरखपुर की बेटी ने ब्राजील में देश का परचम लहरा कर इतिहास रच दिया है. जिस बेटी के पैदा होने पर परिवार उसके भविष्य को लेकर काफी चिंतित रहता था, उसी बेटी ने अपनी एकाग्रता और लगन से पूरी दुनिया में अपना डंका बजा दिया है. महज 12 साल की उम्र में डेफ ओलिम्पिक खेल रही गोरखपुर की आदित्या यादव ने फाइनल में टीम को जीत दिलाया है. आदित्या यादव ने फाइनल में जीत हासिल कर भारत को गोल्ड मेडल दिलाया. डेफ ओलिम्पिक में भारत ने पहली बार बैडमिंटन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है.
डेफ ओलिम्पिक में गोल्ड मेडल जीतने वाली गोरखपुर की 12 वर्षीय मुकबधिर आदित्या यादव ने 5 वर्ष की उम्र में जब पहली बार रैकेट थामा था तभी उसके पिता( कोच) को तभी एहसास हो गया कि मेरी बेटी कुछ करके दिखाएगी. तभी से वह कड़ी मेहनत और लगन से जुट गई और आदित्या जिस भी टूर्नामेंट में जाती, वहां से जीतकर ही वापस आती. बता दें कि इसी आदित्या को गोल्डन गर्ल के नाम से भी जाना जाता है.
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ब्राजील में 1 मई से शुरू हुई डेफ ओलिम्पिक में 2 मई को भारत में डबल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था. पहले मैच में फ्रांस के खिलाफ खेलते हुए आदित्या और रोहित धाकड़ की जोड़ी ने 4-1 से जीत दर्ज की थी. गोल्ड मेडल जीतने वाली आदित्या यादव को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभकामनाएं दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर उन्हें शुभकामनाएं दी है,
पूर्वोत्तर रेलवे में बैडमिंटन के कोच और आदित्य के पिता दिग्विजय नाथ यादव ने बताया कि जब मेरी बेटी ने पहली बार रैकेट पकड़ा तो उन्हें लगा कि वह अच्छा खेल सकती है. एक साल के बाद वह अपनी से अधिक उम्र के खिलाड़ियों को मात देने लगी और उसी के बाद से आदित्य का नाम गोल्डन गर्ल पड़ गया. आपको बता दें गोरखपुर के रहने वाले दिग्विजय नाथ यादव के घर जब आदित्या का जन्म हुआ तो घर में काफी खुशी का महौल था.मगर उन्हें यह पता चलने में 3 साल लग गया कि आदित्या सुन और बोल नहीं सकती है.
कक्षा सात की छात्रा आदित्या के कोच और उसके पिता ने ही उसे निखारा है. वह प्रतिदिन सुबह रेलवे स्टेडियम में और शाम को लेविस एकेडमी में तीन-तीन घंटे कड़ा अभ्यास करती है. पीवी सिंधु ने भी आदित्या की तारीफ की थी. आदित्या यादव जब 10 साल की थी तो उन्होंने चाइना में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने टैलेंट का लोहा मनवाया था. दिल्ली में टूर्नामेंट के दौरान जब बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने आदित्या का गेम देखा तो वह दंग रह गई थी और उन्होंने आदित्या के पिता से उसकी तारीफ भी की थी.
रिपोर्ट : कुमार प्रदीप
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By Prabhat Khabar News Desk
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