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6 विधानसभा सीट पर थे 80 प्रत्याशी, 65 की जमानत जब्त, 50 को NOTA से भी कम वोट

Updated at : 25 Nov 2024 7:52 PM (IST)
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Jharkhand Election Results 2024 Explained Dhanbad

Jharkhand Election Results 2024 Explained Dhanbad

Dhanbad News: धनबाद जिले की 6 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाले 80 में से 15 प्रत्याशी ही अपनी जमानत बचा पाए. 50 को तो नोटा से भी कम वोट मिले हैं.

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Jharkhand Election Results 2024 Explained|Dhanbad News: धनबाद जिले की 6 विधानसभा सीटों पर कुल 80 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे थे. इनमें 65 की जमानत जब्त हो गयी. 38 प्रत्याशियों को 1,000 से कम वोट मिले. 65 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गयी. इन 65 प्रत्याशियों में कुछ निर्दलीय, तो कुछ छोटे दल के प्रत्याशी थे.

Dhanbad News: धनबाद में 18 में 2 प्रत्याशी ही बचा पाए जमानत

धनबाद विधानसभा में 18 प्रत्याशी मैदान में थे. इसमें भाजपा के राज सिन्हा ने जीत हासिल की. मात्र एक प्रत्याशी कांग्रेस के अजय दुबे ही अपनी जमानत बचा पाये. जेएलकेएम के सपन कुमार मोदक सहित 16 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गयी. 15 प्रत्याशियों को नोटा से कम और 11 प्रत्याशियों को 1000 से भी कम वोट मिले.

झरिया में 9 उम्मीदवारों की हो गई जमानत जब्त

झरिया विधानसभा क्षेत्र में 11 प्रत्याशी मैदान में थे. इनमें से 9 की जमानत जब्त हो गयी. 7 प्रत्याशियों का वोट 1000 से भी कम था. 8 प्रत्याशियों को जितने वोट मिले, उससे ज्यादा लोगों ने नोटा दबाया.

सिंदरी में 6 प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिले

निरसा में 9 प्रत्याशी मैदान में थे. इसमें 7 की जमानत जब्त हो गयी. 6 प्रत्याशी से नोटा आगे रहे. दो प्रत्याशियों का वोट हजार से भी कम रहा. सिंदरी विधानसभा में कुल 9 प्रत्याशी मैदान में थे. छह प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा पाए. छह प्रत्याशी नोटा को मिले 5,366 वोट से पीछे रहे. इसमें दो प्रत्याशी 4 अंक तक भी नहीं पहुंच पाये.

टुंडी में चुनाव लड़ रहे 19 में 16 प्रत्याशी नहीं बचा पाए जमानत

टुंडी विधानसभा में 19 प्रत्याशी मैदान में थे. 16 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गयी. 9 प्रत्याशियों को हजार से कम वोट से संतोष करना पड़ा. 5 प्रत्याशी नोटा को मिले वोट से भी पीछे रहे. बाघमारा विधानसभा में कुल 13 प्रत्याशी थे. इनमें 11 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गयी. 10 प्रत्याशियों को नोटा से भी कम वोट मिले. 7 प्रत्याशी ऐसे रहे, जिनको 1000 वोट भी नहीं मिले.

कब जब्त होती है जमानत?

विधानसभा चुनाव में प्रावधान है कि विधानसभा क्षेत्र में जितने वोट हैं, उसका 1/6 वोट लाना अनिवार्य है, तभी जमानत राशि वापस होगी. विधानसभा चुनाव में सामान्य वर्ग के प्रत्याशियों के लिए 25 हजार व एससी-एसटी के लिए 12,500 रुपये जमानत राशि तय है. यह राशि नामांकन पत्र दाखिल करते समय चुनाव आयोग के पास जमा करानी होती है. अगर कोई प्रत्याशी कुल वोट का छठा हिस्सा हासिल कर लेता है, तो उसकी जमानत राशि वापस कर दी जाती है. अगर वह उससे कम वोट पाता है, तो उसकी जमानत राशि वापस नहीं होती. इसे ही जमानत जब्त होना कहते हैं.

धनबाद में बड़े दलों के बीच ही बंटे 80 फीसदी से अधिक मत

धनबाद जिले के 6 विधानसभा क्षेत्रों में हुए चुनाव में भाजपा, कांग्रेस, झामुमो, भाकपा माले तथा जेएलकेएम के प्रत्याशियों के बीच ही ज्यादा मत बंटा. इनके अलावा दूसरे दलों का बहुत संतोषजनक प्रदर्शन नहीं रहा.

13,59,661 लोगों ने किया मताधिकार का प्रयोग

धनबाद जिले की 6 विधानसभा सीटों पर इस बार कुल 13,59,661 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. यहां 20,81,742 मतदाता हैं. इसमें 10,74,583 पुरुष, 1007107 महिला एवं 52 थर्ड जेंडर मतदाता हैं. धनबाद जिला में इंडिया गठबंधन, भाजपा व जेएलकेएम के प्रत्याशियों को 10,82,621 मत मिले.

बसपा, सपा सहित अन्य दलों एवं निर्दलीय प्रत्याशियों को 2,77,040 मत ही मिल पाए. इसमें महागठबंधन के प्रत्याशियों को 5,35,044 मत मिले. भाजपा प्रत्याशियों को 5,86,416 मत मिले. पहली बार चुनावी राजनीति में उतरी जेएलकेएम का प्रदर्शन भी 2 सीटों में काफी अच्छा रहा. यहां पार्टी को 6 सीटों पर कुल 1,40,864 मत मिले.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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