West Bengal : ठंड बढ़ने से खजूर गुड़ बनाने वालों के खिले चेहरे...
Published by : Shinki Singh Updated At : 17 Jan 2024 3:39 PM
सुशांत नाइक ने ताड़ के 300 पेड़ किराये पर लिया है. उन्होंने कहा कि ठंड बढ़ने से उनलोगों को काफी लाभ मिलेगा. क्योंकि अधिक ठंड होने से पेड़ से अधिक रस निकलता है. गुड़ खरीदने के लिए ग्रामीण के साथ मिठाई विक्रेता भी पहुंच रहे हैं.
हावड़ा, कुंदन झा : कुछ दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर से जनजीवन कुछ हद तक प्रभावित हुआ है, लेकिन मौसम के इस बदलाव से खजूर गुड़ (Date palm jaggery ) बनाने वाले लोगों के चेहरे पर रौनक आ गयी है. ठंड का बढ़ना उनके लिए वरदान साबित हो रहा है. उन्हें उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों तक ऐसी ही ठंड जारी रही, तो खजूर गुड़ की बिक्री अच्छी होगी. बता दें कि सर्दियों में राज्य में खजूर गुड़ की मांग बढ़ जाती है. इस गुड़ से कई तरह की मिठाइयां बनायी जाती हैं. पूर्व मेदिनीपुर के खेजुरी निवासी सुशांत नाइक ताड़ के पेड़ से रस निकाल गुड़ बनाते हैं. वह अपने परिवार को लेकर बागनान चले आये हैं.
सुशांत नाइक ने ताड़ के 300 पेड़ किराये पर लिया है. उन्होंने कहा कि ठंड बढ़ने से उनलोगों को काफी लाभ मिलेगा. क्योंकि अधिक ठंड होने से पेड़ से अधिक रस निकलता है. पिछले कुछ दिनों से वह रस निकालकर उसे कड़ाही में गर्म कर गुड़ बनाने का काम शुरू कर दिया है. गुड़ खरीदने के लिए ग्रामीण के साथ मिठाई विक्रेता भी पहुंच रहे हैं. उन्होंने बताया कि काली पूजा के ठीक बाद खजूर गुड़ बनाने की तैयारी शुरू हो जाती है. ताड़ के पेड़ पर मिट्टी के बर्तन को बहुत बारीकी से रखा जाता है. सबसे अधिक खजूर गुड़ बागनान, आमता, उदयनारायणपुर और उलबेड़िया में बनते हैं.
Also Read: West Bengal : राम मंदिर उद्घाटन के दिन सीएम की सद्भावना रैली के खिलाफ कोर्ट पहुंचे शुभेंदु अधिकारी…
आयुर्वेद के जानकारों का कहना है कि खजूर गुड़ में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है. सर्दियों के मौसम में खजूर गुड़ खाना लाभकारी होता है. यह सर्दी, जुकाम और खासतौर से कफ से राहत देने में मदद करता है. जोड़ों में दर्द की समस्या होने पर रोजाना खजूर गुड़ के एक टुकड़े के साथ अदरक खाने से आराम मिलता है. गुड़ को अदरक के साथ गुनगुना कर खाने से गले की खराश और जलन में राहत मिलती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shinki Singh
10 साल से ज्यादा के पत्रकारिता अनुभव के साथ मैंने अपने करियर की शुरुआत Sanmarg से की जहां 7 साल तक फील्ड रिपोर्टिंग, डेस्क की जिम्मेदारियां संभालने के साथ-साथ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और राजनीति पर लगातार लिखा. इस दौरान मुझे एंकरिंग और वीडियो एडिटिंग का भी अच्छा अनुभव मिला. बाद में प्रभात खबर से जुड़ने के बाद मेरा फोकस हार्ड न्यूज पर ज्यादा रहा. वहीं लाइफस्टाइल जर्नलिज्म में भी काम करने का मौका मिला और यह मेरे लिये काफी दिलचस्प है. मैं हर खबर के साथ कुछ नया सीखने और खुद को लगातार बेहतर बनाने में यकीन रखती हूं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










